
चंडीगढ़- हरियाणा लोक सेवा आयोग (HPSC) ने कॉलेज कैडर में गणित विषय के 163 सहायक प्रोफेसर पदों के लिए विषय ज्ञान परीक्षा (Subject Knowledge Test - SKT) का परिणाम घोषित कर दिया है। मात्र 17 उम्मीदवार ही न्यूनतम 35 प्रतिशत अंक प्राप्त कर अगले चरण के लिए योग्य ठहरे हैं, जिससे 146 पद खाली रह गए हैं।
ट्रिब्यून की रिपोर्ट के अनुसार, एचपीएससी ने बुधवार को यह परिणाम जारी किया। उम्मीदवारों को विषय ज्ञान परीक्षा के सब्जेक्टिव पेपर में कम से कम 35 प्रतिशत अंक लाने थे, लेकिन सैकड़ों अभ्यर्थी जिनमें यूजीसी-नेट, जेआरएफ और पीएचडी धारक भी शामिल थे, इस कटऑफ को पार नहीं कर सके। अधिकारी परीक्षा में सफलता की कम दर का कारण प्रश्न पत्र के कठिन स्तर और सख़्त मूल्यांकन को मानते हैं। HPSC के एक अधिकारी ने कहा, "SKT पेपर सब्जेक्टिव होते हैं। ऐसा लगता है कि उम्मीदवार परीक्षा लिखने में उतने अच्छे नहीं हैं।"
श्रेणीवार आंकड़े बताते हैं कि 17 चयनित उम्मीदवारों में अनारक्षित (UR) श्रेणी के 81 में 12, आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (EWS) के 14 पदों के सामने 1 और पिछड़ा वर्ग-बी (BC-B) के 10 पदों के सामने 4 लिए हैं। वहीं पिछड़ा वर्ग-ए (BC-A) के 21 पदों, अन्य अनुसूचित जाति (OSC) के 18 पदों और वंचित अनुसूचित जाति (DSC) के 19 पदों पर एक भी उम्मीदवार चयनित नहीं हुआ।
जर्नलिस्ट मंदीप पुनिया ने एक्स (पूर्व ट्विटर) पोस्ट में सवाल उठाया, “इन 17 में एक भी दलित उम्मीदवार को चयनित नहीं किया गया। समझ नहीं आ रहा- हरियाणा में सिलेक्शन बोर्ड चल रहा है या रिजेक्शन बोर्ड!”
सोशल मीडिया पर तेज प्रतिक्रियाएं आई हैं। कई यूजर्स और राजनीतिक कार्यकर्ताओं ने इसे आरक्षण नीति की अनदेखी और परीक्षा प्रक्रिया की कठोरता बताते हुए आलोचना की है। कुछ ने इसे “रिजेक्शन बोर्ड” करार दिया।
यह पहला मामला नहीं है। आयोग द्वारा हाल ही में की गई कई भर्तियों में भी इसी तरह का रुझान देखने को मिला है। इस साल की शुरुआत में 1,711 पदों के मुकाबले कंप्यूटर साइंस में पोस्ट ग्रेजुएट टीचर (PGT) के लिए SKT में केवल 39 उम्मीदवार ही उत्तीर्ण हो पाए, जिसके चलते अधिकारियों को 1,672 रिक्त पदों के लिए दोबारा विज्ञापन जारी करना पड़ा।
हाल के महीनों में एचपीएससी की अन्य भर्तियों (जैसे अर्थशास्त्र और अंग्रेजी विषय) में भी योग्य उम्मीदवारों की संख्या अत्यंत कम रही है। अर्थशास्त्र (PGT) में, 129 पदों के मुकाबले 112 उम्मीदवारों का चयन हुआ, जबकि असिस्टेंट प्रोफेसर (अंग्रेजी) में, 613 पदों के लिए केवल 145 उम्मीदवार ही क्वालिफ़ाई कर पाए।
रक्षा अध्ययन में, 23 पदों के मुकाबले केवल पाँच उम्मीदवारों का चयन हुआ, और कई आरक्षित श्रेणियों में किसी भी उम्मीदवार की सिफ़ारिश नहीं की गई। इसी तरह, शारीरिक शिक्षा में, 126 पदों में से केवल 89 उम्मीदवारों का चयन हुआ।
अन्य विषयों में भी कमी देखने को मिली। पंजाबी में, 24 पदों के मुकाबले 21 उम्मीदवारों का चयन हुआ; भौतिकी में 96 के मुकाबले 80; कंप्यूटर विज्ञान में 47 के मुकाबले 41; और अर्थशास्त्र में, 43 पदों के मुकाबले केवल 21 उम्मीदवारों का चयन हुआ, जिसमें SC श्रेणी में किसी भी उम्मीदवार की सिफ़ारिश नहीं की गई।
वनस्पति विज्ञान और रसायन विज्ञान में भी, विज्ञापित पदों के मुकाबले चयन कम रहे, जबकि प्राणी विज्ञान में 91 रिक्तियों के मुकाबले 84 उम्मीदवारों का चयन हुआ।
आयोग ने 17 योग्य उम्मीदवारों के रोल नंबर जारी कर दिए हैं और दस्तावेज सत्यापन की प्रक्रिया शुरू कर दी है।
अभ्यर्थी और राजनीतिक दल अब परीक्षा प्रक्रिया में पारदर्शिता और संभवतः कटऑफ में छूट की मांग कर रहे हैं, ताकि उच्च शिक्षा विभाग में खाली पड़े शिक्षण पदों को भरा जा सके।
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