
भोपाल। पर्ची वाले बाबाओं को लेकर चल रहे विवाद के बीच आजाद समाज पार्टी (ASP) के नेता दामोदर यादव की एंट्री से मामला और गरमा गया है। यादव ने बागेश्वर धाम के धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री और पंडोखर धाम के गुरुशरण महाराज को लेकर कई सवाल उठाए। उन्होंने धीरेंद्र शास्त्री पर धर्म को कथित तौर पर व्यवसाय और चंदे का माध्यम बनाने का आरोप लगाया।
दामोदर यादव ने कहा कि “धर्म को धंधा और चंदा बनाने वाले धीरेंद्र शास्त्री सुधर जाएं।” उन्होंने दावा किया कि धीरेंद्र शास्त्री की तुलना में पंडोखर धाम के गुरुशरण बेहतर हैं। यादव के मुताबिक, “कम से कम पंडोखर के गुरुशरण भूमाफिया गिरी नहीं करते।”
बहुजनों की जमीनों का मामला उठाएंगे
आसपा नेता ने धीरेंद्र शास्त्री के परिवार से जुड़े व्यक्ति पर भी गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि दलित और पिछड़े वर्ग के लोगों की जमीनों को लेकर विवाद सामने आते रहे हैं और आरोप लगाया कि धीरेंद्र शास्त्री के भाई द्वारा बहुजन समाज के लोगों के साथ कथित तौर पर गुंडागर्दी की जाती है।
हालांकि, इन आरोपों के संबंध में संबंधित पक्ष की प्रतिक्रिया सामने आना बाकी है। इसलिए इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि आवश्यक है।
धर्म के नाम पर चलाया जा रहा धंधा
दामोदर यादव ने धीरेंद्र शास्त्री की धार्मिक यात्राओं और उनकी राजनीतिक भूमिका पर भी सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि धर्म के नाम पर यात्रा निकालने वाले धीरेंद्र शास्त्री सत्ताधारी दल के एजेंट की तरह काम कर रहे हैं और धर्म के नाम पर अपना व्यवसाय चला रहे हैं।
यादव ने कहा कि धार्मिक आयोजनों और यात्राओं को लेकर जनता के सामने यह सवाल भी रखा जाना चाहिए कि उनका उद्देश्य धार्मिक आस्था है या इसके पीछे कोई राजनीतिक और व्यावसायिक हित है।
द मूकनायक से बातचीत में दामोदर यादव ने कहा कि धर्म के नाम पर लोगों की आस्था का इस्तेमाल कर उसे धंधा और चंदा बनाने की प्रवृत्ति पर सवाल उठना चाहिए। उन्होंने धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री पर निशाना साधते हुए कहा कि उन्हें धर्म के नाम पर अपना व्यवसाय चलाने के बजाय समाज और संविधान की बात करनी चाहिए।
यादव ने कहा कि पंडोखर धाम के गुरुशरण महाराज से भी उनकी कई बातों पर असहमति हो सकती है, लेकिन उनके मुताबिक धीरेंद्र शास्त्री की तुलना में पंडोखर के गुरुशरण बेहतर हैं, क्योंकि वे भूमाफिया गतिविधियों में शामिल नहीं हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि धीरेंद्र शास्त्री के भाई द्वारा दलित-पिछड़े और बहुजन समाज के लोगों के साथ जमीनों को लेकर कथित तौर पर दबंगई और गुंडागर्दी की जाती है। यादव ने धीरेंद्र शास्त्री की धार्मिक यात्राओं को लेकर भी सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि वे सत्ताधारी दल के एजेंट की तरह काम कर रहे हैं और धर्म के नाम पर अपना राजनीतिक व व्यावसायिक प्रभाव बढ़ा रहे हैं।
उन्होंने कहा कि भारत का संविधान सभी नागरिकों को समान अधिकार देता है और देश को किसी धार्मिक राष्ट्र में बदलने की मांग संवैधानिक व्यवस्था के सवाल खड़े करती है। यादव ने कहा कि यदि हिंदू राष्ट्र की मांग को लेकर यात्राएं निकाली जाती हैं तो इसके जवाब में बहुजन राष्ट्र यात्रा निकाली जाएगी। उन्होंने सरकार से कहा कि वह स्पष्ट करे कि देश संविधान से चलेगा या धार्मिक पहचान के आधार पर।
हिंदू राष्ट्र की मांग संवैधानिक नहीं
आसपा नेता दमोदर यादव ने हिंदू राष्ट्र की मांग को लेकर भी अपनी आपत्ति दर्ज कराई। उन्होंने कहा कि भारत का संविधान देश को एक लोकतांत्रिक गणराज्य के रूप में स्थापित करता है, इसलिए किसी धार्मिक राष्ट्र की मांग को लेकर निकाली जाने वाली यात्रा पर संवैधानिक दृष्टि से बहस होनी चाहिए।
यादव ने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि हिंदू राष्ट्र की मांग को लेकर यात्राएं निकाली जाती हैं तो इसके जवाब में ‘बहुजन राष्ट्र यात्रा’ निकाली जाएगी। उन्होंने सरकार से इस पूरे मामले पर अपना रुख स्पष्ट करने की मांग की।
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