
भोपाल। बागेश्वर धाम के धीरेंद्र शास्त्री और आजाद समाज पार्टी के नेता दामोदर यादव के बीच हिंदू राष्ट्र के मुद्दे को लेकर शुरू हुई जुबानी जंग अब और तीखी होती जा रही है। प्रस्तावित यात्रा को लेकर दोनों पक्षों की ओर से एक-दूसरे पर बयानबाजी का सिलसिला तेज हो गया है। दामोदर यादव ने धीरेंद्र शास्त्री की ओर से 11 अक्टूबर से प्रस्तावित यात्रा का विरोध किया है। इसी मामले को लेकर उन्होंने जबलपुर हाईकोर्ट में वरिष्ठ अधिवक्ताओं के साथ बैठक भी की।
इसके बाद धीरेंद्र शास्त्री ने दामोदर यादव पर तीखा हमला करते हुए उन्हें चुनौती दी। अब दामोदर यादव ने भी शास्त्री के बयान पर पलटवार करते हुए कई गंभीर आरोप लगाए हैं।
11 अक्टूबर से प्रस्तावित है यात्रा
विवाद की शुरुआत धीरेंद्र शास्त्री की ओर से हिंदू राष्ट्र के समर्थन में प्रस्तावित यात्रा को लेकर हुई है। शास्त्री की ओर से 11 अक्टूबर से यात्रा निकाले जाने की बात कही गई है। इस यात्रा को हिंदू राष्ट्र के लिए जनजागरण अभियान के तौर पर बताया जा रहा है।
यात्रा की घोषणा के बाद इसे लेकर राजनीतिक और सामाजिक स्तर पर प्रतिक्रियाएं सामने आने लगी हैं। दामोदर यादव ने यात्रा के उद्देश्य और हिंदू राष्ट्र की मांग पर सवाल उठाते हुए इसका विरोध किया है।
हाईकोर्ट जा सकता है मामला!
दामोदर यादव ने इस मुद्दे को लेकर जबलपुर हाईकोर्ट में वरिष्ठ अधिवक्ताओं के साथ बैठक की। उनका कहना है कि हिंदू राष्ट्र की मांग और प्रस्तावित यात्रा से जुड़े मुद्दों को कानूनी तरीके से उठाया जाएगा।
यादव की हाईकोर्ट में अधिवक्ताओं के साथ बैठक के बाद यह विवाद और सुर्खियों में आ गया। इसके बाद धीरेंद्र शास्त्री ने सार्वजनिक रूप से दामोदर यादव पर निशाना साधा।
धीरेंद्र शास्त्री बोले- ‘सस्ता नशा करके हमसे पंगा मत लो’
दामोदर यादव के विरोध और हाईकोर्ट में बैठक के बाद धीरेंद्र शास्त्री ने उन्हें लेकर तीखी टिप्पणी की। शास्त्री ने कहा, “तुम जानते हो कि हम टेढ़े आदमी हैं, सस्ता नशा करके हमसे पंगा मत लो।”
धीरेंद्र शास्त्री के इस बयान के बाद दोनों के बीच विवाद और बढ़ गया। सोशल मीडिया से लेकर राजनीतिक हलकों तक इस बयान की चर्चा होने लगी।
दामोदर यादव ने किया पलटवार
धीरेंद्र शास्त्री के बयान के बाद दामोदर यादव ने भी जवाब दिया। यादव ने शास्त्री पर निशाना साधते हुए कहा, “नशा मैं नहीं, तुम्हारा छोटा भाई करता है, जिससे तुम भू-माफियागिरी कराते हो।”
यादव ने आगे कहा, “अगर हिम्मत है तो हिंदू राष्ट्र के लिए यात्रा निकालकर दिखाओ, तुम्हारी सारी गलतफहमी दूर कर देंगे।”
दामोदर यादव के इस बयान के बाद दोनों नेताओं के बीच विवाद और ज्यादा तीखा हो गया है।
हिंदू राष्ट्र के मुद्दे पर आमने-सामने
इस पूरे विवाद का केंद्र हिंदू राष्ट्र की मांग है। धीरेंद्र शास्त्री लंबे समय से हिंदू राष्ट्र की मांग को लेकर सार्वजनिक मंचों से अपनी राय रखते रहे हैं। वहीं दामोदर यादव इस विचार का विरोध कर रहे हैं।
यादव का कहना है कि भारत का संविधान सभी नागरिकों को समान अधिकार देता है और देश की संवैधानिक व्यवस्था के भीतर ही सामाजिक एवं राजनीतिक मुद्दों पर बात होनी चाहिए।
दूसरी ओर, धीरेंद्र शास्त्री की ओर से हिंदू राष्ट्र के समर्थन में जनजागरण की बात कही जा रही है। प्रस्तावित यात्रा को इसी अभियान का हिस्सा माना जा रहा है।
बयानबाजी से बढ़ा राजनीतिक तापमान
दोनों नेताओं के बीच चल रही बयानबाजी ने इस मुद्दे को केवल धार्मिक बहस तक सीमित नहीं रहने दिया है। अब इसमें राजनीतिक और कानूनी पहलू भी जुड़ते दिखाई दे रहे हैं।
दामोदर यादव द्वारा अधिवक्ताओं के साथ बैठक किए जाने और न्यायालय के स्तर पर मामले को उठाने की तैयारी के बाद यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि प्रस्तावित यात्रा को लेकर आगे क्या कानूनी कदम सामने आते हैं।
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