नई दिल्ली: मणिपुर के सेनापति जिले में 28 अक्टूबर से लापता दो कुकी युवकों के शव सुरक्षा बलों ने रविवार को बरामद कर लिए हैं। इस घटना के बाद से कांगपोकपी में 48 घंटे का बंद लगातार जारी है और पूरे इलाके में स्थिति बेहद तनावपूर्ण बनी हुई है।
इन कुकी-जो युवकों के शव ऐसे समय में मिले हैं, जब ठीक एक दिन पहले नोनी जिले में हथियारबंद बदमाशों के साथ हुई गोलीबारी में इसी जातीय समुदाय के तीन लोगों की जान चली गई थी। मृतकों की पहचान 20 वर्षीय पाओगिनलाल हैंगसिंग और 20 वर्षीय तिंगिनलुन चोंगलोई के रूप में हुई है।
ये दोनों युवक 28 अक्टूबर को तापहाउ कुकी गांव से रहस्यमय परिस्थितियों में लापता हो गए थे। शवों को बरामद करने के बाद कांगपोकपी ले जाया गया, जहां हत्या की आधिकारिक पुष्टि होने के बाद स्थानीय लोगों में आक्रोश फैल गया।
युवकों के लापता होने के तुरंत बाद, सदर हिल्स स्थित 'कमेटी ऑन ट्राइबल यूनिटी' (CoTU) ने उनकी जल्द और सुरक्षित रिहाई की मांग करते हुए कांगपोकपी जिले में 48 घंटे के पूर्ण शटडाउन का आह्वान किया था। यह बंदी रविवार को भी पूरी तरह से प्रभाव में रही।
मणिपुर पुलिस कंट्रोल रूम की जानकारी के अनुसार, घटना की शिकायत मिलने के बाद युवकों को खोजने के लिए कई सघन अभियान शुरू किए गए थे। शुरुआती तलाशी में मणिपुर पुलिस, केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) और असम राइफल्स की संयुक्त टीमें शामिल थीं।
रविवार को इस अभियान को और तेज करते हुए मणिपुर पुलिस, कोबरा (CoBRA) बटालियन, सीआरपीएफ, असम राइफल्स और रैपिड एक्शन फोर्स (RAF) की एक बड़ी संयुक्त टीम ने राष्ट्रीय राजमार्ग-2 के पूर्व में सेनापति-फैबुंग रोड के आसपास के क्षेत्रों में बड़े पैमाने पर तलाशी ली। इसी दौरान सुरक्षा बलों को यह शव मिले।
पुलिस का कहना है कि उन्होंने घटना से जुड़ी सभी जरूरी कानूनी औपचारिकताएं पूरी कर ली हैं। हत्या के लिए जिम्मेदार लोगों की पहचान करने और उन्हें गिरफ्तार करने के लिए इलाके में व्यापक तलाशी और कॉम्बिंग ऑपरेशन लगातार जारी रहेगा।
जिले के मौजूदा हालात को देखते हुए किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए सुरक्षा बलों ने कड़े एहतियाती उपाय लागू किए हैं। युवकों की मौत किन परिस्थितियों में हुई और इस अपराध के पीछे कौन लोग शामिल हैं, पुलिस इसकी जांच कर रही है।
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