
आंध्र प्रदेश के आदिवासी संगठनों ने अपनी लंबित मांगों को लेकर आगामी 8 अगस्त को राज्य भर के एजेंसी क्षेत्रों में पूर्ण बंद का आह्वान किया है। इन समूहों की सबसे प्रमुख मांग अनुसूचित क्षेत्रों में अनुसूचित जनजातियों (एसटी) के लिए 100 प्रतिशत आरक्षण को तत्काल बहाल करना है। इसके साथ ही वे जी.ओ. एमएस नंबर 3 (G.O. Ms. No. 3) के तहत मिलने वाले लाभों को फिर से लागू करने की पुरजोर वकालत कर रहे हैं।
आदिवासी गिरिजन संघ के सदस्य पी. अप्पलानरसा ने स्पष्ट किया है कि वे राज्य सरकार द्वारा प्रस्तावित हाई-पावर कमेटी को पूरी तरह से खारिज करते हैं। उन्होंने राज्य सरकार की इस पहल को आदिवासी मुद्दों को सुलझाने के बजाय उन्हें टालने की एक सोची-समझी रणनीति करार दिया है। उनका मानना है कि सरकार असल समाधान देने के बजाय केवल समय बर्बाद कर रही है।
आदिवासी नेताओं ने सरकार की मंशा पर सवाल उठाते हुए कहा कि एकीकृत आदिवासी विकास एजेंसी (ITDA) और राज्य स्तर पर आदिवासी कल्याण विभाग के माध्यम से पहले ही उनका पक्ष जाना जा चुका है। उनका आरोप है कि सरकार ने उस रिपोर्ट को सार्वजनिक करने या उसकी सिफारिशों को लागू करने के बजाय एक नई कमेटी का प्रस्ताव रख दिया। नेताओं ने इस नए कदम को पूरी तरह से गैर-जरूरी और अनुचित बताया है।
आदिवासी अधिकारों और रोजगार के अवसरों की रक्षा के उद्देश्य से बुलाए गए इस विरोध प्रदर्शन को सफल बनाने के लिए व्यापक अपील की गई है। नेताओं ने सभी आदिवासी समुदायों, युवा संगठनों और अन्य जन संगठनों से 8 अगस्त के इस एजेंसी बंद में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेने का आग्रह किया है।
दूसरी तरफ, अल्लूरी सीताराम राजू (एएसआर) जिले की पुलिस ने किसी भी तरह के गैरकानूनी विरोध प्रदर्शन को लेकर सख्त रुख अपना लिया है। पुलिस अधीक्षक तुहिन सिन्हा ने एक प्रेस विज्ञप्ति जारी कर बताया कि उन्हें 7 से 9 अगस्त के बीच सार्वजनिक बैठकों, रैलियों, धरनों और बंद के आयोजन की खुफिया जानकारी मिली है। इसके मद्देनजर जिले में हाई अलर्ट घोषित कर दिया गया है।
पुलिस अधीक्षक सिन्हा ने स्पष्ट रूप से कहा है कि जिले में सार्वजनिक व्यवस्था को बाधित करने वाली किसी भी रैली, सड़क जाम, गैरकानूनी सभा या बंद के लिए कोई अनुमति नहीं दी गई है। उन्होंने चेतावनी दी है कि आम लोगों की आवाजाही रोकना, सरकारी दफ्तरों, शिक्षण संस्थानों या दुकानों को जबरन बंद करवाना पूरी तरह से गैरकानूनी कृत्य माना जाएगा।
अधिकारियों ने साफ कर दिया है कि जनता को डराने-धमकाने, सार्वजनिक या निजी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने या शांति भंग करने की कोशिश करने वाले किसी भी व्यक्ति या संगठन के खिलाफ कानून के तहत कड़ी से कड़ी कार्रवाई की जाएगी। जिले भर में कानून-व्यवस्था, सार्वजनिक सुरक्षा और शांति बनाए रखने के लिए सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं ताकि किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटा जा सके।
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