
जोधपुर- जोधपुर के करवड़ थाने में एक गंभीर मामला दर्ज किया गया है, जिसमें एक नाबालिग आदिवासी लड़की के साथ मारपीट, छेड़छाड़ और जातिसूचक अपमान का आरोप है। यह घटना 5 फरवरी को शाम लगभग 6:30 बजे केलावा कला गांव में हुई बताई गई है।
पीड़िता की मां ने 6 फरवरी को शाम करीब 5 बजे थाने में लिखित शिकायत दर्ज कराई। शिकायत के अनुसार, उन्हें सूचना मिली कि उनकी बेटी को आरोपी सुनील गोदारा और उसकी मां ने बुरी तरह पीटा और गंभीर रूप से घायल कर दिया। मौके पर पहुंचकर उन्होंने देखा कि बेटी के मुंह, कान और नाक पर गहरी चोटें आई हुई थीं, वह खून से लथपथ और बेहोश पड़ी थी।
पीड़िता ने बताया कि सुनील ने जातिसूचक गालियां दीं जैसे "नीच कमीना भीलड़ी", बाल खींचकर गिराया, ऊपर चढ़कर छेड़छाड़ की कोशिश की और जबरदस्ती करने लगा। कपड़े फाड़ दिए। चिल्लाने पर सुनील की मां आई और दोनों ने मिलकर मारपीट की। धमकी दी कि यदि किसी को बताया तो जान से मार देंगे और परिवार को भी नुकसान पहुंचाएंगे।
पुलिस ने शिकायत के आधार पर मामला दर्ज किया। इसमें भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस), 2023 की धारा 115(2) (मारपीट/स्वेच्छा से चोट पहुंचाना), 126(2) (महिला की गरिमा भंग करने वाला अपराध), 3(5) (सामान्य धारा), तथा अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम, 1989 (संशोधित 2015) की धाराएं 3(1)(r), 3(1)(s), 3(2)(va), 3(1)(w)(i) (जातिसूचक अपमान, धमकी, छेड़छाड़ आदि), और लैंगिक अपराधों से बच्चों का संरक्षण अधिनियम (POCSO), 2012 (संशोधित) की धाराएं 7 और 8 (बाल यौन उत्पीड़न से संबंधित) लगाई गई हैं।
प्रकरण की जांच एसीपी अनिल कुमार शर्मा, मंडोर जोधपुर को सौंपी गई है। घटना के तीन दिन बाद भी आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं हुई है। एडवोकेट भटराज जोगसन ने आरोप लगाया है कि मुलजिमों को राजनीतिक संरक्षण प्राप्त है, जिस कारण कार्रवाई में देरी हो रही है। सोशल मीडिया पर बहुजन समुदाय में इस मामले को लेकर काफी आक्रोश है, जहां लोग कठोर कार्रवाई और न्याय की मांग कर रहे हैं।
द मूकनायक की प्रीमियम और चुनिंदा खबरें अब द मूकनायक के न्यूज़ एप्प पर पढ़ें। Google Play Store से न्यूज़ एप्प इंस्टाल करने के लिए यहां क्लिक करें.