
नई दिल्ली: सामाजिक न्याय और अधिकारिता विभाग ने ट्रांसजेंडर समुदाय को सामाजिक, शैक्षिक और आर्थिक रूप से सशक्त बनाने की दिशा में एक अहम पहल की है। समाज कल्याण आयुक्त दीपा मुधोल मुंडे ने इस समुदाय के पात्र लोगों से अपील की है कि वे केंद्र और राज्य सरकार द्वारा चलाई जा रही स्कॉलरशिप और सीड कैपिटल योजनाओं का भरपूर लाभ उठाएं। इन योजनाओं का मुख्य उद्देश्य ट्रांसजेंडर व्यक्तियों को समाज की मुख्यधारा से जोड़ना और उन्हें पूरी तरह से आत्मनिर्भर बनाना है।
केंद्र सरकार के सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय की 'स्माइल' (SMILE - Support for marginalised individuals for livelihood and enterprise) योजना के तहत ट्रांसजेंडर छात्रों के लिए विशेष छात्रवृत्ति की व्यवस्था की गई है। यह स्कॉलरशिप कक्षा नौ से लेकर पोस्ट-ग्रेजुएशन तक की पढ़ाई करने वाले उन छात्रों को मिलेगी जो किसी भी सरकारी या मान्यता प्राप्त निजी स्कूल, कॉलेज या विश्वविद्यालय में अध्ययनरत हैं।
इस योजना का लाभ उठाने के लिए आवेदकों को नेशनल ट्रांसजेंडर पोर्टल पर अपना रजिस्ट्रेशन कराकर ऑनलाइन आवेदन करना होगा।
छात्रवृत्ति के लिए आवेदन करने वाले व्यक्ति का भारतीय नागरिक होना और उसके पास मंत्रालय के पोर्टल से जारी ट्रांसजेंडर पहचान पत्र होना अनिवार्य है। चूंकि स्कॉलरशिप की संख्या सीमित है, इसलिए लाभार्थियों का चयन उनके पिछले वर्ष के शैक्षणिक प्रदर्शन के आधार पर किया जाएगा।
ध्यान रहे कि जो छात्र पहले से ही किसी अन्य सरकारी या राज्य स्तरीय छात्रवृत्ति का लाभ ले रहे हैं, वे इसके लिए पात्र नहीं होंगे। कक्षा 10 पास कर चुके या जो पास नहीं कर पाए हैं, दोनों ही तरह के पात्र छात्रों को सालाना ₹13,500 की स्कॉलरशिप दी जाएगी। इसके लिए आवेदक का बैंक खाता उनके आधार कार्ड से जुड़ा होना बेहद जरूरी है, ताकि पैसे सीधे खाते में ट्रांसफर किए जा सकें।
इसके अलावा, राज्य सरकार ट्रांसजेंडर व्यक्तियों को स्वरोजगार के लिए प्रोत्साहित करने के मकसद से एक 'सीड कैपिटल' योजना भी चला रही है। इस योजना के अंतर्गत छोटे व्यवसायों के लिए वित्तीय सहायता प्रदान की जाती है। इसका लक्ष्य 21 विभिन्न श्रेणियों के छोटे व्यवसायों के लिए लोन दिलाकर समुदाय का आर्थिक, सामाजिक और सांस्कृतिक विकास करना है।
प्रशिक्षित आवेदक 12 अन्य व्यापारों के लिए भी लोन ले सकते हैं, जबकि अप्रशिक्षित लोगों को कौशल प्रशिक्षण और जरूरी उपकरण या मशीनरी खरीदने के लिए पूरी मदद दी जाएगी।
इस स्वरोजगार योजना का लाभ लेने के लिए कुछ शर्तें तय की गई हैं। आवेदक का कम से कम 10 वर्षों से महाराष्ट्र का निवासी होना आवश्यक है। साथ ही, उनके पास एक वैध ट्रांसजेंडर पहचान पत्र होना चाहिए, उनकी आयु 18 से 50 वर्ष के बीच होनी चाहिए, और वे कोई भी व्यवसाय चलाने में सक्षम होने चाहिए।
योजना के तहत लाभार्थी अपनी जरूरत और व्यापार के हिसाब से तीन तरह के लोन में से किसी एक को चुन सकते हैं। इनमें ₹25,000 तक का छोटा लोन, ₹50,000 तक का मध्यम लोन या ₹2 लाख तक का दीर्घकालिक लोन शामिल है।
इस फंडिंग स्ट्रक्चर में 5% योगदान लाभार्थी का होगा, 45% सब्सिडी सरकार की ओर से मिलेगी और बाकी 50% राशि किसी राष्ट्रीयकृत बैंक से लोन के रूप में दी जाएगी। समय पर और नियमित रूप से अपना लोन चुकाने वाले लाभार्थियों को ब्याज में 3% की विशेष छूट (रिबेट) भी मिलेगी।
आवेदन करते समय बिजनेस लाइसेंस, मशीनरी या उपकरणों के कोटेशन और बिल, जमीन के मालिकाना हक या किराये के समझौते के कागजात और स्थानीय निकाय से अनापत्ति प्रमाण पत्र (NOC) जमा करना होगा। सभी जरूरी दस्तावेजों के साथ आवेदन पत्र संबंधित जिले के समाज कल्याण सहायक आयुक्त को सौंपे जाने चाहिए। पात्र उम्मीदवार नेशनल ट्रांसजेंडर पोर्टल https://transgender.dosje.gov.in पर जाकर अपना रजिस्ट्रेशन और आवेदन कर सकते हैं।
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