
उत्तर प्रदेश: गोंडा जिले में एक स्कूली कार्यक्रम के दौरान छात्राओं के 'बुर्का डांस' का वीडियो वायरल होने के बाद शिक्षा विभाग ने सख्त कदम उठाया है। सोमवार शाम को विभाग ने त्वरित कार्रवाई करते हुए इस स्कूल के परिसर को सील कर दिया। वायरल हो रही वीडियो स्वतंत्रता दिवस की बताई जा रही है.
अधिकारियों के अनुसार, यह कड़ी कार्रवाई इसलिए की गई क्योंकि यह स्कूल शिक्षा विभाग की आवश्यक मान्यता के बिना ही धड़ल्ले से संचालित किया जा रहा था। जांच में यह भी सामने आया कि यह शैक्षणिक संस्थान इसी चालू सत्र से शुरू हुआ था और यहां पांचवीं कक्षा तक की कक्षाएं चलाई जा रही थीं।
रविवार को सोशल मीडिया पर सामने आए इस कथित वीडियो ने विवाद खड़ा कर दिया था। इस फुटेज में चार नाबालिग लड़कियां बुर्का पहनकर बॉलीवुड और भोजपुरी गानों पर डांस करती नजर आ रही थीं।
इस पूरे विवाद पर जब मीडिया द्वारा स्कूल के प्रबंधक राम सुरेश मौर्य से संपर्क किया गया, तो उन्होंने सफाई देते हुए कहा कि स्कूल ने इसी शैक्षणिक सत्र से काम करना शुरू किया है। उन्होंने यह भी दावा किया कि वीडियो में डांस कर रही लड़कियां अल्पसंख्यक समुदाय से ताल्लुक नहीं रखती हैं, जिसके तुरंत बाद उन्होंने फोन काट दिया।
गोंडा के खंड शिक्षा अधिकारी (BEO) रियाज अहमद ने मामले की पुष्टि करते हुए बताया कि बेसिक शिक्षा अधिकारी के कार्यालय से मान्यता प्राप्त किए बिना संचालित होने के कारण इस स्कूल पर ताला जड़ दिया गया है। उन्होंने बताया कि जब वीडियो सामने आने के बाद वह छह कमरों वाले इस स्कूल परिसर में पहुंचे, तो वहां केवल कुछ ही लोग मौजूद थे।
छात्रों के भविष्य को लेकर अहमद ने स्पष्ट किया कि बच्चों की पढ़ाई का कोई नुकसान नहीं होने दिया जाएगा। विभाग ने पास के ही एक मान्यता प्राप्त स्कूल के अधिकारियों को इन छात्रों को अपने यहां प्रवेश देने का निर्देश दिया है, ताकि उनकी शिक्षा सुचारू रूप से चलती रहे।
खंड शिक्षा अधिकारी के मुताबिक, स्कूल के अवैध संचालन की भनक उन्हें पहले ही लग गई थी और उन्होंने इस महीने की शुरुआत में भी परिसर का दौरा किया था। हालांकि, उस दिन कक्षाएं समाप्त हो चुकी थीं और स्कूल में केवल एक शिक्षक के साथ पांच से सात छात्र ही मौजूद मिले थे।
उस दौरान पूछताछ करने पर प्रबंधक ने कोई वैध दस्तावेज नहीं दिखाया था। अधिकारी के अनुसार, तब प्रबंधक ने खुद स्वीकार किया था कि मान्यता की प्रक्रिया अभी लंबित है और स्कूल ने हाल ही में अपना पहला सत्र शुरू किया है।
उस वक्त भी अहमद ने प्रबंधक को सख्त हिदायत दी थी कि जब तक आवश्यक विभागीय मंजूरी नहीं मिल जाती, तब तक वह स्कूल का संचालन किसी भी हाल में न करें। इसके साथ ही, उन्होंने वहां मौजूद अभिभावकों को भी सलाह दी थी कि वे अपने बच्चों का दाखिला किसी ऐसे स्कूल में कराएं जिसके पास विभाग की वैध मान्यता हो।
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