
मध्य प्रदेश: धार जिले में रविवार आधी रात को एक बेहद चौंकाने वाला मामला सामने आया। यहां की 40 स्कूली छात्राओं ने सिस्टम की बदइंतजामी के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। खराब खाने और हॉस्टल में क्षमता से ज्यादा भीड़ होने से परेशान 9वीं और 11वीं कक्षा की ये बच्चियां आधी रात को हॉस्टल की खिड़कियां फांदकर बाहर निकल आईं। उनका मकसद सीधा और साफ था, वे अपनी शिकायत सीधे प्रशासन तक पहुंचाना चाहती थीं और इसलिए उन्होंने पैदल ही थाने की ओर कूच कर दिया।
ये बहादुर छात्राएं धार जिले की कुक्षी तहसील के निसरपुर स्थित 'माता शबरी आदिवासी कन्या छात्रावास' की निवासी हैं। यह हॉस्टल सरकार के सहयोग से एक एनजीओ द्वारा संचालित किया जाता है। जब ये बच्चियां घुप अंधेरे में पैदल ही थाने की तरफ जा रही थीं, तब रास्ते में कुछ स्थानीय लोगों की नजर उन पर पड़ी। लोगों ने तुरंत वाहनों का इंतजाम किया ताकि बच्चियां सुरक्षित बाकी का सफर तय कर सकें और रात करीब 12.30 बजे छात्राओं का यह समूह कुक्षी पुलिस थाने पहुंच गया।
आधी रात को इतनी बड़ी संख्या में छात्राओं को थाने में देखकर पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया। कुक्षी के एसडीओ (पुलिस) सुनील गुप्ता और तहसीलदार प्रवीण पाटीदार तुरंत बच्चियों की शिकायत सुनने के लिए थाने पहुंचे। छात्राओं ने अधिकारियों के सामने अपना दर्द बयां करते हुए बताया कि उनके हॉस्टल की स्वीकृत क्षमता केवल 60 है, लेकिन वहां जबरन 150 छात्राओं को ठूंस कर रखा गया है जिससे उन्हें भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
छात्राओं ने खाने की खराब गुणवत्ता को लेकर भी गंभीर आरोप लगाए। बच्चियों का कहना था कि जब भी कोई अधिकारी हॉस्टल के निरीक्षण के लिए आता है, तो उन्हें चुप करा दिया जाता है और अपनी समस्याएं बताने से रोक दिया जाता है। इस मामले के तूल पकड़ने के बाद प्रशासन हरकत में आया। मंगलवार को सहायक आयुक्त (आदिवासी कार्य) पारुल व्यास और कुक्षी के एसडीएम विशाल धाकड़ ने हॉस्टल का निरीक्षण किया।
अधिकारियों ने मामले की गंभीरता को देखते हुए हॉस्टल वार्डन को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। इसके साथ ही कार्यवाहक प्राचार्य के खिलाफ भी विभागीय कार्रवाई की जा रही है। प्रशासन ने स्थिति को सुधारने के लिए तुरंत एक फौरी कदम उठाया है। हॉस्टल में भीड़ कम करने और बच्चियों को सुरक्षित माहौल देने के लिए 89 छात्राओं को पास के ही एक सरकारी स्कूल के खाली भवन में शिफ्ट करने की व्यवस्था की जा रही है।
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