हैदराबाद: तेलंगाना के मंचेरियल जिले से एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जहां तथाकथित सामाजिक प्रतिष्ठा और झूठी शान की खातिर एक पिता और भाई ने अपनी ही बेटी और दामाद की जान लेने की कोशिश की। हालांकि, गनीमत रही कि इस जानलेवा हमले में नवविवाहित जोड़ा बाल-बाल बच गया।
क्या है पूरा मामला?
यह घटना भीमराम गांव की है। पुलिस द्वारा दी गई जानकारी के मुताबिक, पिछड़ी जाति (BC) से ताल्लुक रखने वाली अंजलि और दलित समुदाय के सुरेंद्र एक-दूसरे से प्रेम करते थे। दोनों शादी के बंधन में बंधना चाहते थे, लेकिन अंजलि का परिवार इस रिश्ते के सख्त खिलाफ था। जातिगत भेदभाव के कारण लड़की के घरवाले इस शादी के लिए रजी नहीं थे।
पुलिस की काउंसलिंग के बाद की थी शादी
परिवार के भारी विरोध को देखते हुए प्रेमी जोड़े ने पुलिस से सुरक्षा और मदद की गुहार लगाई थी। पुलिस ने मामले में हस्तक्षेप करते हुए अंजलि के परिवार वालों की काउंसलिंग की थी। उन्हें स्पष्ट तौर पर समझाया गया था कि अंजलि और सुरेंद्र दोनों बालिग हैं और कानूनन उन्हें अपनी मर्जी से शादी करने का पूरा अधिकार है, जिसे रोका नहीं जा सकता। इसके बाद, दोनों ने शादी कर ली और अपना नया जीवन शुरू किया।
कुल्हाड़ी और लाठियों से हमला, घर में लगाई आग
शादी की बात अंजलि के पिता, भाई और चाचा को नागवार गुजरी। उन्हें लगा कि बेटी के इस कदम से समाज में उनकी "बदनामी" हुई है। इसी रंजिश में तीनों आरोपी अंजलि के घर आ धमके। उन्होंने लाठियों और कुल्हाड़ियों से लैस होकर दोनों पर हमला कर दिया।
हैरानी की बात यह है कि उनका गुस्सा यहीं शांत नहीं हुआ। आरोपियों ने उनके घर को आग के हवाले कर दिया। इस आगजनी में घर का सामान पूरी तरह जल गया, जिससे करीब 5 लाख रुपये की संपत्ति का नुकसान हुआ है।
SC/ST एक्ट के तहत मामला दर्ज
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस ने त्वरित कार्रवाई शुरू कर दी है। अंजलि के पिता, भाई और चाचा सहित परिवार के अन्य सदस्यों के खिलाफ एससी/एसटी एक्ट (SC/ST Act) और अन्य गंभीर धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है और आरोपियों की धरपकड़ जारी है।
द मूकनायक की प्रीमियम और चुनिंदा खबरें अब द मूकनायक के न्यूज़ एप्प पर पढ़ें। Google Play Store से न्यूज़ एप्प इंस्टाल करने के लिए यहां क्लिक करें.