
उत्तर प्रदेश: वाराणसी के लमही गांव में गुरुवार को स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के एक कथित बयान को लेकर भारी विरोध देखने को मिला। दलित महिला परिषद से जुड़ी महिलाओं ने उनके इस बयान के खिलाफ अपना कड़ा आक्रोश व्यक्त करते हुए विरोध प्रदर्शन किया।
प्रदर्शन कर रही महिलाओं का आरोप है कि स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने हाल ही में एक बेहद विवादित दावा किया था। उनके अनुसार, स्वामी ने कहा था कि दस लाख हिंदू महिलाओं की शादी मुस्लिम परिवारों में कराई गई है, और इस पूरी प्रक्रिया में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) ने मदद की है।
इस पूरे विवाद की जड़ वह वायरल वीडियो है जिसे लेकर यह हंगामा मचा हुआ है। प्रदर्शनकारियों ने बताया कि उस वीडियो में स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद यह दावा करते हुए नजर आ रहे हैं कि उन्हें यह जानकारी आरएसएस के वरिष्ठ पदाधिकारी इंद्रेश कुमार ने दी थी।
दलित महिला नेता खुशी रमन के नेतृत्व में इन महिलाओं ने मुंशी प्रेमचंद स्मारक से लेकर प्रेमचंद स्मृति द्वार तक एक कड़ा विरोध मार्च निकाला। प्रदर्शनकारियों का सीधा आरोप था कि स्वामी का असली मकसद सरकार को गिराना और आरएसएस की छवि को पूरी तरह से धूमिल करना है। इस बीच, इंद्रेश कुमार ने स्वामी के इस दावे को सिरे से खारिज करते हुए इसे पूरी तरह से झूठा करार दिया है।
इस विरोध प्रदर्शन में दलित महिला परिषद का समर्थन करने के लिए मुस्लिम महिला फाउंडेशन की नजमा परवीन भी पहुंचीं। उन्होंने स्वामी के दावों पर सवाल उठाते हुए पूछा कि अगर वास्तव में ये दस लाख शादियां हो रही थीं, तो वह इतने सालों तक इस गंभीर मुद्दे पर खामोश क्यों बैठे रहे।
द मूकनायक की प्रीमियम और चुनिंदा खबरें अब द मूकनायक के न्यूज़ एप्प पर पढ़ें। Google Play Store से न्यूज़ एप्प इंस्टाल करने के लिए यहां क्लिक करें.