रांची: हाई कोर्ट के आदेश पर 'ट्राइबल लैंड' पर चले बुलडोजर, आशियाना उजड़ने से भड़के लोग
रांची: राजधानी के सुखदेवनगर थाना क्षेत्र स्थित जय प्रकाश नगर में बुधवार को उस वक्त तनाव का माहौल बन गया, जब वर्षों से रह रहे स्थानीय लोगों का गुस्सा फूट पड़ा। यह आक्रोश आदिवासी जमीन के 47 डिसमिल भू-खंड पर बने मकानों को तोड़े जाने के खिलाफ था। झारखंड हाई कोर्ट के निर्देश के बाद जिला प्रशासन ने मंगलवार और बुधवार को कार्रवाई करते हुए कुल 11 मकानों को जमींदोज कर दिया।
अपने घरों को टूटता देख बड़ी संख्या में स्थानीय लोग सड़कों पर उतर आए। आक्रोशित भीड़ ने रातू रोड पर टायर जलाकर प्रशासन के खिलाफ जमकर प्रदर्शन किया और अपना विरोध दर्ज कराया।
'धोखे से तोड़ा गया हमारा भरोसा'
प्रदर्शन कर रहे लोगों का दर्द उनकी आंखों में साफ झलक रहा था। उनका दावा है कि वे पिछले तीन दशकों से इस इलाके में निवास कर रहे हैं। नाम न छापने की शर्त पर एक प्रदर्शनकारी ने बताया, "हमारे पूर्वजों ने करीब 60-70 साल पहले यहां जमीन खरीदी थी, भले ही वह आदिवासी जमीन थी। हमने पाई-पाई जोड़कर अपनी मेहनत की कमाई से यहां आशियाना बनाया था। इतने सालों बाद, अब जमीन मालिक की दूसरी पीढ़ी के महादेव उरांव इस पर अपना हक जता रहे हैं।"
पीड़ित परिवारों का आरोप है कि उन्होंने जमीन के बदले महादेव को भुगतान भी किया था। लोगों का कहना है, "उसने हमसे वादा किया था कि पैसे लेने के बाद वह हमारे खिलाफ कोई कदम नहीं उठाएगा, लेकिन हमें धोखे में रखा गया। वह मामले को अदालत में ले गया और अब कोर्ट के आदेश पर हमारे सिर से छत छीनी जा रही है।"
20 फरवरी तक अतिक्रमण हटाने का आदेश
स्थानीय लोगों के भारी विरोध और दावों के बावजूद, जिला प्रशासन की टीम ने मंगलवार और बुधवार को अपना अभियान जारी रखा। इस मामले में सुखदेवनगर थाना प्रभारी (OC) सुनील कुमार कुशवाहा ने स्थिति स्पष्ट करते हुए कहा, "हम केवल हाई कोर्ट के आदेश का पालन कर रहे हैं। अदालत ने इस जमीन पर बने मकानों को अवैध करार दिया है और 20 फरवरी तक इसे अतिक्रमण मुक्त करने का निर्देश दिया है। इस आदेश के तहत कुल 14 मकानों को तोड़ा जाना है।"
थाना प्रभारी ने बताया कि कोर्ट के आदेश से यह सिद्ध होता है कि जमीन का वास्तविक मालिक महादेव उरांव ही है। उन्होंने यह भी जानकारी दी कि हालांकि स्थानीय निवासियों ने बेदखली की कार्रवाई को रोकने की कोशिश की, लेकिन पुलिस टीम ने मौके पर मुस्तैदी दिखाते हुए स्थिति को नियंत्रण में ले लिया और किसी भी तरह की अप्रिय घटना को टाल दिया गया।
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