
उत्तर प्रदेश: रायबरेली जिले के गद्गंज थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले बबुरीहा गांव में उस समय भारी तनाव फैल गया जब अज्ञात उपद्रवियों ने मंगलवार 25 अगस्त, की रात डॉ. बीआर आंबेडकर की प्रतिमा पर कीचड़ और कालिख पोत दी। इस घटना के सामने आने के बाद से स्थानीय ग्रामीणों में गहरा गुस्सा है और पूरे इलाके में गहमागहमी का माहौल बना हुआ है।
सुबह के वक्त जब ग्रामीणों ने प्रतिमा की यह अपमानजनक स्थिति देखी, तो उन्होंने तत्काल प्रभाव से दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की। स्थानीय निवासी उमेश गौतम ने घटना पर रोष व्यक्त करते हुए कहा कि बाबासाहेब के अनुयायियों और हम सभी स्थानीय नागरिकों के मन में भयंकर आक्रोश है क्योंकि कुछ अज्ञात लोगों ने अंधेरे का फायदा उठाकर इस शर्मनाक हरकत को अंजाम दिया है।
मामले की गंभीरता को भांपते हुए रायबरेली के अपर पुलिस अधीक्षक (एएसपी), ऊंचाहार के क्षेत्राधिकारी (सीओ) और गद्गंज थाने की पुलिस टीम फौरन मौके पर पहुंची। पुलिस अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर आक्रोशित ग्रामीणों को समझा-बुझाकर शांत किया और उन्हें मामले की निष्पक्ष जांच का पूरा भरोसा दिलाया।
रायबरेली पुलिस द्वारा जारी आधिकारिक बयान में कहा गया है कि घटना का तुरंत संज्ञान लेते हुए आला अधिकारियों और स्थानीय पुलिस टीम ने मौके का मुआयना किया और प्रतिमा को तुरंत साफ कराया। पुलिस आसपास के इलाकों के सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही है ताकि आरोपियों की पहचान कर उनके खिलाफ आवश्यक कार्रवाई की जा सके, और वर्तमान में क्षेत्र में पूरी तरह शांति एवं कानून व्यवस्था बनी हुई है।
सुरक्षा के एहतियाती कदम उठाते हुए गांव में भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया है और स्थिति पूरी तरह से नियंत्रण में है। पुलिस ने जल्द से जल्द दोषियों की पहचान कर उनके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई करने का आश्वासन दिया है।
इस घटना के बाद राजनीतिक गलियारों में भी तीखी प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रही हैं, जहां कांग्रेस पार्टी ने इसे दलितों का मनोबल गिराने के लिए सामंती ताकतों की एक सुनियोजित और कुटिल साजिश करार दिया है। कांग्रेस के राष्ट्रीय सचिव शाहनवाज आलम ने बयान देते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश में इस तरह की घटनाएं कोई अकेली या इकलौती घटना नहीं है, बल्कि पिछले एक साल में ऐसे कई मामले जनता के सामने आए हैं जो समुदाय के खिलाफ एक सोची-समझी बदले की भावना को दर्शाते हैं।
उन्होंने आगे कहा कि लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी के संसदीय क्षेत्र रायबरेली में इस प्रकार की घटना का होना एक बहुत बड़े और गहरे संदेश की तरफ इशारा करता है, जो उन दलितों के प्रति प्रतिशोध दिखाने का एक तरीका है जिन्होंने राहुल जी के गरीब-समर्थक विचारों का समर्थन किया था। शाहनवाज आलम ने मांग की है कि सरकार को राज्य भर में आंबेडकर प्रतिमाओं के अपमान से जुड़ी सभी घटनाओं पर अब तक की गई कार्रवाई को लेकर एक श्वेत पत्र जारी करना चाहिए।
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