NCRB Report 2024: दिल्ली में महिलाओं और बुजुर्गों के खिलाफ अपराध सबसे अधिक, मुंबई से 5 गुना ज्यादा मामले

एनसीआरबी रिपोर्ट 2024 के चौंकाने वाले आंकड़े: महिलाओं और बुजुर्गों के लिए सबसे असुरक्षित है दिल्ली, किशोरों के अपराध और चोरी में भी देश भर के महानगरों में सबसे आगे।
NCRB Report 2024,
NCRB रिपोर्ट 2024 का खुलासा: महिलाओं और बुजुर्गों के खिलाफ अपराध में दिल्ली सबसे आगे। मुंबई से 5 गुना ज्यादा मामले। पढ़ें दिल्ली के डराने वाले आंकड़े।(Ai Image)
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नई दिल्ली: राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो (एनसीआरबी) द्वारा बुधवार को जारी 'क्राइम इन इंडिया' रिपोर्ट 2024 के अनुसार, देश के 19 महानगरों में दिल्ली अपराध के मामले में सबसे ऊपर है। साल 2024 में दिल्ली के अंदर कुल 2,75,402 आपराधिक मामले दर्ज किए गए, जो दूसरे नंबर पर मौजूद मुंबई (51,428 मामले) से लगभग पांच गुना अधिक हैं। हालांकि, दिल्ली में 2023 के मुकाबले इस साल अपराध दर में लगभग 15% और 2022 की तुलना में 8.8% की गिरावट देखी गई है।

महानगरों में महिलाओं के खिलाफ होने वाले अपराधों में भी राजधानी दिल्ली सबसे आगे है। साल 2024 में दिल्ली में महिलाओं के खिलाफ 13,396 मामले दर्ज हुए, जो कि सभी महानगरों के कुल मामलों का एक चौथाई से भी अधिक है। साल 2023 में भी यह आंकड़ा 13,439 के करीब था।

महिलाओं के खिलाफ दर्ज कुल मामलों में 1,058 मामले सिर्फ दुष्कर्म के हैं, जो सभी महानगरों में सर्वाधिक है। इस सूची में जयपुर 497 मामलों के साथ दूसरे स्थान पर है। रिपोर्ट यह भी बताती है कि देश के सभी महानगरों में दर्ज कुल दुष्कर्म के मामलों में एक चौथाई से अधिक हिस्सेदारी अकेले दिल्ली की है। हालांकि, दर्ज किए गए इन 1,058 दुष्कर्म के मामलों में से 1,044 में पर्याप्त सबूतों का अभाव पाया गया।

Delhi Crime Rate
दिल्ली में अपराध, एनसीआरबी रिपोर्टAi Image

इस विषय पर एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि अन्य महानगरों की तुलना में दिल्ली में महिलाओं के खिलाफ अपराध की दर इसलिए भी अधिक दिखती है क्योंकि यहां पहली शिकायत के आधार पर तुरंत मामला दर्ज कर लिया जाता है। उन्होंने कहा कि कई बार ब्लैकमेलिंग के उद्देश्य से फर्जी मामले भी दर्ज कराए जाते हैं, जो ट्रायल लंबित रहने तक आधिकारिक रिकॉर्ड का हिस्सा बने रहते हैं।

बुजुर्गों की सुरक्षा के मामले में भी दिल्ली की स्थिति चिंताजनक बनी हुई है। साल 2024 में वरिष्ठ नागरिकों के खिलाफ 1,267 मामले सामने आए। हालांकि यह आंकड़ा 2023 के 1,361 और 2022 के 1,313 मामलों से थोड़ा कम है, लेकिन फिर भी महानगरों में दर्ज कुल 4,107 मामलों का 30% से अधिक हिस्सा अकेले दिल्ली से है। पुलिस का मानना है कि पॉश इलाकों में अकेले रहने वाले बुजुर्ग आसानी से चोरी और लूट का शिकार बन जाते हैं।

किशोरों (जुवेनाइल) द्वारा किए जाने वाले अपराधों ने भी दिल्ली में गंभीर रूप ले लिया है। इस साल ऐसे मामलों में 41.6% की दर दर्ज की गई है, जो 7.9% के राष्ट्रीय औसत से काफी ऊपर है। दिल्ली में 2024 के दौरान किशोरों के खिलाफ 2,306 मामले दर्ज हुए, जो पिछले साल 2,278 थे। देश भर में केवल मध्य प्रदेश (3,474) और महाराष्ट्र (3,779) ने दिल्ली से अधिक आंकड़े दर्ज किए हैं, लेकिन इन दोनों राज्यों की आबादी दिल्ली से तीन से चार गुना अधिक है।

चोरी और अपहरण के मामलों में भी राजधानी सबसे ऊपर है। साल 2024 में पूरे देश में 6,21,945 चोरी के मामले सामने आए, जिनमें से लगभग 30% यानी 1,80,973 मामले केवल दिल्ली में दर्ज किए गए। इसके अलावा, अपहरण के मामलों में भी दिल्ली 5,580 केस के साथ महानगरों में शीर्ष पर है, जो महानगरों के कुल ऐसे मामलों का करीब 35% है। इस सूची में 1,854 मामलों के साथ मुंबई दूसरे स्थान पर है।

हत्या के मामलों में राजधानी में बेहद मामूली गिरावट दर्ज की गई है। दिल्ली में 2024 के दौरान 504 हत्या के मामले दर्ज हुए, जो 2023 में 506 और 2022 में 509 थे।

साइबर अपराध की बात करें तो शहर में 404 मामले सामने आए, जो 2023 के 407 और 2022 के 685 मामलों की तुलना में कम हैं। दिल्ली की साइबर अपराध दर 1.8% रही, जो राष्ट्रीय औसत 7.3% से काफी कम है। पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, फर्जी बैंक खाते खोलने में मदद करने वाले बैंक कर्मचारियों की गिरफ्तारी शुरू होने के बाद से इस तरह के साइबर अपराधों पर काफी हद तक लगाम लगी है।

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