सवर्ण इलाके से गुजरी बारात तो बरसाए पत्थर: मथुरा में दलित की खुशियों पर जातिवाद की चोट, 300 पर FIR

मथुरा के नरहौली गांव में दलित बारात पर पथराव के बाद दो गुटों में हिंसक झड़प, क्रॉस एफआईआर के बाद इलाके में भारी पुलिस फोर्स तैनात।
दलित की बारात / सांकेतिक
दलित की बारात / सांकेतिक
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उत्तर प्रदेश: मथुरा जिले में 20 मई को एक दलित बारात के दौरान हुई हिंसक झड़प के मामले में पुलिस ने सख्त कार्रवाई की है। इस तनावपूर्ण घटना में शामिल दोनों पक्षों के 41 नामजद और 300 से अधिक अज्ञात लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है।

इसके अलावा मौके पर मौजूद पुलिसकर्मियों पर हुए कथित हमले को लेकर भी एक अलग एफआईआर दर्ज की गई है। इस मामले में पुलिस ने 15 लोगों को नामजद किया है और 50 अज्ञात लोगों को आरोपी बनाया है।

यह पूरा विवाद हाईवे थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले नरहौली गांव में हुआ। गोवर्धन इलाके के भरना कलां गांव से भगवान दास की दो बेटियों, लक्ष्मी और पूनम की बारात यहां आई थी। इनकी शादी नेमीचंद के बेटों अशोक और कुलदीप से होनी थी।

आरोप है कि जब यह बारात एक सवर्ण बहुल इलाके से गुजर रही थी, तभी बारात पर अचानक कुछ लोगों ने पथराव कर दिया। इसी घटना के बाद दोनों गुटों में भारी तनाव फैल गया और मौके पर हिंसक झड़प शुरू हो गई।

वहीं दूसरे पक्ष ने इन आरोपों को सिरे से नकारते हुए अपनी अलग शिकायत दर्ज कराई है। उनका दावा है कि बारात में शामिल कुछ लोग जातिसूचक और बेहद आपत्तिजनक गाने बजा रहे थे। जब स्थानीय निवासियों ने इसका विरोध किया, तो बारातियों ने कथित तौर पर उनके साथ मारपीट की और घरों में घुसकर संपत्ति को नुकसान पहुंचाया।

इस मामले में हाईवे थाने के एसएचओ शैलेंद्र सिंह ने बताया कि हिंसा में घायल हुई बुजुर्ग महिला शांति उर्फ संतोषी देवी की बहू राधा ने पुलिस को तहरीर दी है। इस शिकायत में दलित समुदाय के 17 लोगों को नामजद किया गया है और 250 अज्ञात लोगों का जिक्र है, जिनमें दुल्हन के भाई भी शामिल हैं।

दूसरी ओर से दुल्हन के भाई दिलीप ने भी पुलिस में क्रॉस एफआईआर दर्ज कराई है। उनकी शिकायत के आधार पर 24 लोगों को नामजद किया गया है और अन्य 20 अज्ञात लोगों पर आरोप लगाए गए हैं।

वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) श्लोक कुमार ने जानकारी दी है कि इस पूरी घटना की जांच क्राइम ब्रांच कर रही है। हिंसा में शामिल हर एक व्यक्ति की सटीक पहचान करने के लिए इलाके के सीसीटीवी फुटेज और सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो क्लिप्स की बारीकी से जांच की जा रही है।

तनाव को देखते हुए इलाके में एहतियात के तौर पर कई थानों की अतिरिक्त पुलिस फोर्स तैनात कर दी गई है। इसके साथ ही प्रशासन ने दोनों समुदायों के लोगों से शांति और सौहार्द बनाए रखने की अपील की है।

अधिकारियों के मुताबिक, हिंसक झड़प में घायल हुई बुजुर्ग महिला की हालत अब पहले से काफी बेहतर है। उन्हें शुक्रवार शाम तक अस्पताल से छुट्टी मिलने की पूरी उम्मीद है।

एसएचओ ने यह भी बताया कि इस घटना के संबंध में दर्ज किए गए तीनों मामलों की जांच एक विशेष जांच दल (एसआईटी) को सौंपे जाने की संभावना है। हालांकि, अभी तक इसके लिए उच्च अधिकारियों की ओर से आधिकारिक पुष्टि का इंतजार किया जा रहा है।

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