मणिपुर: तीन नागरिकों की हत्या के बाद सीएम आवास के बाहर छोड़े गए शव, अलग-अलग घटनाओं में कुल चार की मौत

मणिपुर के नोंगशुम में हथियारबंद हमलावरों ने तीन नागरिकों की हत्या कर दी, जिसके बाद उग्र भीड़ ने शव मुख्यमंत्री आवास के बाहर रख दिए। अलग-अलग हिंसक घटनाओं में एक अन्य युवक की मौत हो गई और बम धमाके में तीन सीआरपीएफ जवान घायल हुए हैं।
हत्या
हत्यासाभार- इंटरनेट/ सांकेतिक फोटो
Published on: 

नई दिल्ली: सोमवार, 19 अक्टूबर की सुबह मणिपुर की इम्फाल घाटी एक बार फिर हिंसा और विरोध-प्रदर्शनों की आग में सुलग उठी। अज्ञात हथियारबंद हमलावरों ने तीन मैतेई नागरिकों की बेरहमी से हत्या कर दी, जबकि इसी समुदाय के तीन अन्य लोग इस हमले में गंभीर रूप से घायल हो गए।

इस क्रूर हत्याकांड के बाद गुस्साए प्रदर्शनकारियों ने इम्फाल के बाबूपाड़ा इलाके में स्थित मुख्यमंत्री युमनाम खेमचंद सिंह के आधिकारिक बंगले के गेट पर दो मृतकों के शव लाकर रख दिए। भीड़ को वहां से हटाने के लिए सुरक्षा बलों को आंसू गैस के गोले दागने पड़े। बाद में पुलिस ने दोनों शवों को वहां से हटाकर अस्पताल पहुंचाया।

लगातार बिगड़ते हालात के बीच आक्रोशित लोगों ने इम्फाल की मुख्य सड़कों को पूरी तरह से जाम कर दिया। प्रदर्शनकारी लगातार यह मांग कर रहे हैं कि सरकार भविष्य में ऐसे जानलेवा हमलों को रोकने के लिए तुरंत कड़े और प्रभावी कदम उठाए।

यह खौफनाक घटना उस समय घटी जब 16 लोगों का एक समूह मैतेई बहुल इम्फाल ईस्ट और कुकी बहुल कांगपोकपी जिले की सीमा के पास स्थित पहाड़ी इलाके नोंगशुम में लकड़ी इकट्ठा करने गया था। हमले में घायल हुए एक व्यक्ति ने बताया कि वे लोग अपनी गाड़ी में लकड़ियां लाद ही रहे थे, तभी अचानक उन पर अंधाधुंध फायरिंग शुरू कर दी गई।

हमले में जान गंवाने वालों की पहचान 35 वर्षीय अरुबाम रोनिल, 44 वर्षीय लैरेनलाकपम इनोबी और 32 वर्षीय क्षेत्रीमयुम सुशील के रूप में हुई है। इनमें से जिन दो लोगों की मौके पर ही मौत हो गई थी, उन्हीं के शवों को प्रदर्शनकारियों द्वारा मुख्यमंत्री आवास के बाहर रखा गया था।

स्थिति की गंभीरता को देखते हुए मुख्यमंत्री ने इम्फाल के एक अस्पताल पहुंचकर घायलों का हाल जाना। उन्होंने पीड़ित परिवारों के सदस्यों से मुलाकात की और उन्हें आश्वस्त किया कि घायलों के इलाज का पूरा खर्च राज्य सरकार द्वारा वहन किया जाएगा।

उसी दिन बाद में मुख्यमंत्री ने राज्य के गृह मंत्री कोन्थौजम गोविंदास और प्रशासन, पुलिस, सेना तथा अर्धसैनिक बलों के शीर्ष अधिकारियों के साथ एक उच्च स्तरीय सुरक्षा बैठक की अध्यक्षता की। उन्होंने इस हत्या की कड़ी निंदा करते हुए अधिकारियों को संवेदनशील इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था तुरंत सख्त करने के सख्त निर्देश दिए।

उपमुख्यमंत्री नेमचा किपगेन ने भी इस कायरतापूर्ण हमले की निंदा करते हुए कानून प्रवर्तन एजेंसियों और प्रशासन से दोषियों को जल्द से जल्द न्याय के कटघरे में लाने की अपील की। उन्होंने सभी नागरिकों से शांति बनाए रखने, अफवाहों पर ध्यान न देने और बदले की भावना से होने वाली हिंसा से दूर रहने का आग्रह करते हुए कहा कि मणिपुर पहले ही बहुत कुछ सह चुका है और अब यहां के लोग शांति व सुरक्षा के हकदार हैं।

मैतेई हेरिटेज सोसाइटी ने नोंगशुम में हुई इन हत्याओं पर कड़ा रोष व्यक्त किया है। संगठन ने सरकार से मांग की है कि वह दोषियों को गिरफ्तार कर उन पर त्वरित मुकदमा चलाए और सुरक्षा में हुई किसी भी तरह की चूक के लिए जवाबदेही तय करने हेतु सख्त कदम उठाए।

इससे पहले मैतेई समुदाय को निशाना बनाकर किया गया आखिरी बड़ा हमला 7 अप्रैल को हुआ था। उस समय बिष्णुपुर जिले के त्रोंगलाओबी में एक घर पर फेंके गए बम की चपेट में आकर पांच साल और पांच महीने के दो मासूम बच्चों की दुखद मौत हो गई थी।

हिंसा का यह सिलसिला यहीं नहीं रुका। रविवार रात करीब 11 बजे थौबल जिले के खंगाबोक इलाके में एक संगीत कार्यक्रम के दौरान मैतेई और पांगल (मुस्लिम) समुदायों के बीच कथित तौर पर हुए एक हिंसक विवाद में 24 वर्षीय थोकचोम राकेश की मौत हो गई। उसे विवाद के दौरान डबल-बैरल बंदूक से गोली मारी गई थी।

इस घटना के बाद सोमवार को जिलाधिकारी युमनाम रोबिता ने तत्काल प्रभाव से प्रभावित इलाके और उसके आसपास लोगों की आवाजाही पर रोक लगाते हुए निषेधाज्ञा लागू कर दी। जिला पुलिस के एक अधिकारी ने बताया कि घटना के असली कारणों की अभी गहनता से जांच की जा रही है।

इस हिंसक झड़प में तीन अन्य लोग भी घायल हुए हैं, जिनका अस्पताल में इलाज चल रहा है। पुलिस अधिकारी ने बताया कि प्रशासन का पूरा प्रयास है कि यह घटना किसी सांप्रदायिक टकराव का रूप न ले। हालांकि, उन्होंने युवक की मौत के बाद कुछ घरों में आग लगाए जाने की मीडिया रिपोर्ट्स की न तो पुष्टि की और न ही उनसे इनकार किया।

थौबल की घटना के महज 40 मिनट बाद ही इम्फाल वेस्ट जिले के सिंगजामेई पुलिस स्टेशन के पास एक जोरदार बम धमाका हुआ। इस ब्लास्ट में इलाके में तैनात केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) के तीन जवान बुरी तरह घायल हो गए। घायल जवानों की पहचान 58 वर्षीय सी. पूनमबम, 57 वर्षीय रमेश कुमार और 56 वर्षीय पबित्रा कुमार जेना के रूप में हुई है।

फिलहाल किसी भी अलगाववादी या चरमपंथी संगठन ने इस बम धमाके की जिम्मेदारी नहीं ली है। इससे पहले राज्य में 8 अक्टूबर को इम्फाल ईस्ट जिले में भी एक इसी तरह का बम हमला हुआ था, जिसमें एक सीआरपीएफ कांस्टेबल घायल हो गया था।

हत्या
लोक गायिका नेहा सिंह राठौर पर फर्जी सेक्स रैकेट आरोपों वाले समाचार पर NCW ने स्वतः संज्ञान लिया, सिंगर बोली- मुझे उम्मीद न्याय मिलेगा
हत्या
मध्य प्रदेश पर कर्ज का बोझ! अबतक 5.33 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा का कर्ज, सरकार ने फिर लिया 4,500 करोड़ का ऋण
हत्या
UP: बलिया के काली मंदिर में पूजा करने पर दलित युवक से मारपीट, बंधक बनाकर दी जान से मारने की धमकी

द मूकनायक की प्रीमियम और चुनिंदा खबरें अब द मूकनायक के न्यूज़ एप्प पर पढ़ें। Google Play Store से न्यूज़ एप्प इंस्टाल करने के लिए यहां क्लिक करें.

द मूकनायक को सब्सक्राइब करें

'द मूकनायक' जनवादी पत्रकारिता करता है. यह संविधान, लोकतंत्र और सामाजिक न्याय पर चलने वाला मीडिया समूह है। अगर आप भी चाहते हैं कि 'द मूकनायक' हमेशा हाशिए पर खड़े लोगों की आवाज बुलंद करता रहे, बेजुबानों की पीड़ा दिखाते रहें तो सब्सक्राइब करें।

यहां सब्सक्राइब करें
The Mooknayak - आवाज़ आपकी
www.themooknayak.com