UP: बलिया के काली मंदिर में पूजा करने पर दलित युवक से मारपीट, बंधक बनाकर दी जान से मारने की धमकी

उत्तर प्रदेश के बलिया में शर्मनाक मामला, सरदासपुर गांव के काली मंदिर में रहने और पूजा-पाठ करने पर दलित युवक को बंधक बनाकर पीटा, दो आरोपियों पर SC/ST एक्ट के तहत एफआईआर दर्ज।
मंदिर
मंदिर (सांकेतिक तस्वीर)
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उत्तर प्रदेश: बलिया जिले से जातिगत भेदभाव का एक बेहद शर्मनाक मामला सामने आया है। यहां एक दलित व्यक्ति को सिर्फ इसलिए बेरहमी से पीटा गया क्योंकि वह एक स्थानीय काली मंदिर में रहता था और वहां रोजाना पूजा-पाठ करता था। इस अमानवीय घटना के बाद पुलिस ने त्वरित संज्ञान लेते हुए सोमवार 19 अक्टूबर को दो आरोपियों के खिलाफ गंभीर धाराओं में प्राथमिकी दर्ज कर ली है।

यह पूरी घटना सरदासपुर गांव की है। पीड़ित नगीना राम इसी गांव के मूल निवासी हैं और लंबे समय से गांव के ही काली मंदिर परिसर में रहकर अपनी आस्था के अनुसार पूजा-अर्चना करते आ रहे हैं। दर्ज की गई शिकायत के मुताबिक, रविवार शाम 18 अक्टूबर को दो युवकों ने बिना किसी उकसावे के उनके साथ बदसलूकी शुरू कर दी। आरोप है कि इन लोगों ने नगीना राम को उनकी जाति को लेकर भद्दी गालियां दीं और मंदिर में रहने को लेकर उनके साथ हिंसक मारपीट की।

मारपीट के दौरान जब पास के खेतों में काम कर रहे ग्रामीण शोर सुनकर बचाव के लिए मंदिर की तरफ दौड़े, तो आरोपियों ने नगीना राम को मंदिर परिसर के अंदर ही ताला लगाकर बंधक बना दिया। इन मनबढ़ों का कहर यहीं खत्म नहीं हुआ। इसके बाद वे सीधे पीड़ित के घर पहुंच गए और वहां जाकर पूरे परिवार के सामने उसे जान से मारने की खुली धमकी दी।

मामले की गंभीरता और संवेदनशीलता को देखते हुए रसड़ा पुलिस स्टेशन में रविवार देर रात ही शिकायत पर कार्रवाई की गई। रसड़ा थाना प्रभारी सुशील कुमार ने घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि नगीना राम की तहरीर के आधार पर विशाल सिंह और अंकित सिंह के खिलाफ नामजद एफआईआर दर्ज की गई है।

पुलिस ने इन दोनों आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) और अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम के कड़े प्रावधानों के तहत मामला दर्ज किया है।

थाना प्रभारी सुशील कुमार ने स्पष्ट किया है कि फिलहाल पुलिस की एक टीम इस पूरे प्रकरण की बारीकी से जांच कर रही है और सबूत जुटाए जा रहे हैं। उन्होंने पीड़ित पक्ष को आश्वासन दिया है कि इस मामले में जो भी आवश्यक कानूनी कार्रवाई होगी, वह बिना किसी दबाव के पूरी सख्ती के साथ की जाएगी। प्रशासन पूरी स्थिति पर नजर बनाए हुए है ताकि गांव में शांति और कानून-व्यवस्था कायम रहे।

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