मणिपुर: राज्य में हिंसा की आग थमने का नाम नहीं ले रही है और राज्य में संघर्ष का दायरा अब और भी खतरनाक रूप से फैल रहा है। गुरुवार, 2 जुलाई की तड़के करीब 5 बजे एक हथियारबंद समूह ने नोनी जिले के एक कुकी गांव पर भीषण हमला कर दिया और उसे पूरी तरह से आग के हवाले कर दिया।
जिरीबाम, तामेंगलोंग और नोनी जिलों के शीर्ष कुकी संगठन 'कुकी इनपी' ने इस खौफनाक घटना को लेकर गंभीर आरोप लगाए हैं। संगठन का कहना है कि नेशनल सोशलिस्ट काउंसिल ऑफ नगालिम (एनएससीएन) के संदिग्ध सदस्यों ने लीकोट कुकी गांव पर बिना किसी उकसावे के यह पूर्व नियोजित हमला किया और देखते ही देखते पूरे गांव को जलाकर राख कर दिया।
एनएससीएन को पूर्वोत्तर क्षेत्र के सबसे पुराने उग्रवादी समूहों में से एक माना जाता है। इसे व्यापक रूप से नेशनल सोशलिस्ट काउंसिल ऑफ नगालैंड के इसाक-मुइवा गुट के रूप में भी जाना जाता है।
कुकी इनपी के अनुसार, गांव की रक्षा के लिए वहां मौजूद स्वयंसेवकों ने हमलावरों का सामना करने की पूरी कोशिश की। उनके पास केवल लाइसेंसी सिंगल-बैरल बंदूकें और बेहद सीमित संसाधन थे। दूसरी ओर, हमलावरों की ताकत और हथियार कहीं ज्यादा थे क्योंकि वे अत्याधुनिक ऑटोमैटिक राइफलों और मोर्टार के गोलों से लैस होकर आए थे, जिसके सामने गांव वाले ज्यादा देर नहीं टिक सके।
यह ताजा हिंसक घटना भारत-म्यांमार अंतरराष्ट्रीय सीमा से 200 किलोमीटर से भी अधिक दूर पश्चिम में हुई है। इससे ठीक एक दिन पहले, 1 जुलाई को सीमा से सटे कामजोंग जिले में भी इसी तरह की भारी हिंसा देखने को मिली थी।
रिपोर्ट्स के मुताबिक, कामजोंग में सशस्त्र नगा समूहों ने फाइमोल कुकी गांव में आग लगा दी थी। इसके जवाब में कुकी उग्रवादियों ने भी जवाबी कार्रवाई करते हुए कथित तौर पर हुइमिन थाना और खेरोंगराम गांवों को बुरी तरह तबाह कर दिया था। अंतरराष्ट्रीय सीमा के किनारे बसे इन गांवों में तनाव लगातार बना हुआ है।
गुरुवार को हुए इस हमले ने स्पष्ट कर दिया है कि कुकी-नगा संघर्ष का क्षेत्र अब तेजी से विस्तार ले रहा है। जो हिंसक विवाद पहले उखरुल जिले से शुरू हुआ था, वह अब अपने पांव पसारते हुए निकटवर्ती कामजोंग और कांगपोकपी जिलों से होकर नोनी जिले तक पहुंच गया है।
लीकोट कुकी गांव पर हुए इस क्रूर हमले की कड़ी निंदा करते हुए कुकी इनपी ने प्रशासन पर सवाल खड़े किए हैं। संगठन ने नोनी जिले के संवेदनशील इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था को अपर्याप्त बताते हुए सरकार से तत्काल हस्तक्षेप करने की मांग की है। इसके साथ ही, दोषियों की पहचान कर उन्हें कड़ी सजा दिलाने के लिए एक गहन और निष्पक्ष जांच की अपील भी की गई है।
इस पूरे घटनाक्रम पर एनएससीएन की ओर से अब तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है। हालांकि, नगा नागरिक समाज से जुड़े संगठनों ने इस हमले को लेकर एक अलग ही दावा किया है। उनका कहना है कि नोनी जिले के गांव में हुई यह आगजनी की घटना खुद कुकियों द्वारा रची गई एक साजिश भी हो सकती है।
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