मणिपुर: कुकी और नागा गांवों पर ताबड़तोड़ गोलीबारी, पावर लाइनमैन की दर्दनाक मौत

कांगपोकपी और नोनी जिलों में कुकी और नागा बस्तियों पर उग्रवादियों की भारी गोलीबारी, फर्ज निभा रहे लाइनमैन की गई जान।
Manipur violence, Kuki Naga clash, Kangpokpi
मणिपुर के कांगपोकपी और नोनी में कुकी और नागा गांवों पर उग्रवादियों की ताबड़तोड़ फायरिंग। हमले में ड्यूटी कर रहे एक पावर लाइनमैन की दर्दनाक मौत।
Published on

नई दिल्ली: बुधवार को मणिपुर के कांगपोकपी जिले में आईटी रोड कॉरिडोर के पास कुकी बस्तियों पर तड़के हुए हमले में एक 36 वर्षीय इलेक्ट्रिक लाइनमैन की जान चली गई। इसी दौरान नोनी, कांगपोकपी और सेनापति जिलों की सीमाओं से सटे लगभग पांच नागा गांवों को भी निशाना बनाया गया। इन ताज़ा हिंसक घटनाओं ने दोनों समुदायों के बीच तनाव को एक बार फिर चरम पर पहुंचा दिया है।

मृतक की पहचान वाकोतफाई गांव के निवासी पाओखोंगम चोंगलोई के रूप में हुई है। वह ड्यूटी पर थे और क्षतिग्रस्त बिजली लाइनों की मरम्मत का काम कर रहे थे। सुबह करीब 4 बजे लसान और सोंगपीबुंग गांवों में अचानक अंधाधुंध गोलीबारी शुरू हो गई। स्थानीय संगठनों का आरोप है कि नागा उग्रवादियों ने इस हमले को अंजाम दिया और रिहायशी इलाकों की तरफ फायरिंग की। इसके चलते महिलाओं, बच्चों और बुजुर्गों सहित तमाम ग्रामीणों को अपनी जान बचाकर भागना पड़ा।

ट्विलांग एरिया लोकल इलेक्ट्रिसिटी मैनेजमेंट कमेटी ने बताया कि चोंगलोई मंगलवार को लसान में बिजली लाइन की खराबी दूर करने गए थे और उन्हें बुधवार को लौटना था। सुबह 4 बजे लसान और सोंगपीबुंग में हुए भारी हमले के दौरान उन्हें गोलियां लगीं और ड्यूटी के दौरान ही उन्होंने दम तोड़ दिया।

कमेटी के अनुसार, 3 मई 2023 को मणिपुर में मेइतेई-कुकी जातीय संघर्ष शुरू होने के बाद से ट्विलांग इलाके में कोई भी आधिकारिक लाइनमैन तैनात नहीं था। इसके बाद साल 2024 में निवासियों की बिजली संबंधी समस्याओं को सुलझाने के लिए स्थानीय नागरिक समाज संगठनों ने चोंगलोई को लाइनमैन नियुक्त किया था।

अपनी नियुक्ति के बाद से ही वह पूरी ईमानदारी और समर्पण के साथ अपनी जिम्मेदारी निभा रहे थे। आईटी रोड कॉरिडोर में बिजली आपूर्ति बहाल करने के लिए उन्होंने अपनी जान तक जोखिम में डाल दी थी।

कमेटी ने इस मामले की तुरंत जांच करने, दोषियों को गिरफ्तार करने और अग्रिम पंक्ति के कर्मचारियों व नागरिकों की सुरक्षा बढ़ाने की मांग की है। साथ ही चोंगलोई के परिवार के लिए उचित अनुग्रह राशि (मुआवजे) की भी मांग रखी गई है। वहीं, कमिटी ऑन ट्राइबल यूनिटी ने स्पष्ट किया है कि जब तक दोषियों को न्याय के कटघरे में नहीं लाया जाता, तब तक चोंगलोई का शव नहीं लिया जाएगा।

कुकी स्टूडेंट्स ऑर्गनाइजेशन (KSO) के ट्विलांग ब्लॉक ने भी इस घटना की कड़ी निंदा की है। उन्होंने इसे एक पूर्व-नियोजित हमला करार देते हुए कहा कि चोंगलोई का किसी भी समूह से कोई संबंध नहीं था।

छात्र संगठन के अनुसार, जब हमले के बाद ग्रामीण भाग रहे थे, तब भी वह बिजली बहाल करने के लिए वहीं रुके रहे। सुरक्षित वापस न लौट पाने के कारण उन्होंने लसान में शरण ली थी, जहां उनकी हत्या कर दी गई। केएसओ ने नागरिकों की सुरक्षा के लिए सोंगपीबुंग और लसान में तत्काल पर्याप्त सुरक्षा बल तैनात करने की अपील की है।

दूसरी ओर, बुधवार तड़के ही सशस्त्र कुकी उग्रवादियों द्वारा नोनी, कांगपोकपी और सेनापति जिलों की सीमाओं पर स्थित नागा गांवों पर भी हमला करने की खबर है। यह हमला सुबह करीब 5 बजे भारी गोलीबारी के साथ शुरू हुआ। इसमें कांगपोकपी जिले के मकुई चमरियूपियू, लंका और थानांबा तथा नोनी जिले के ताजेइकाईफुन पार्ट 3 और कपनिंगचिंग मुक्ति पार्ट 5 गांवों को निशाना बनाया गया।

स्थानीय ग्राम अधिकारियों के अनुसार, उग्रवादियों ने कई घरों में आग लगा दी, जिससे घबराए निवासियों को पास के जंगलों में भागकर अपनी जान बचानी पड़ी।

Manipur violence, Kuki Naga clash, Kangpokpi
छात्रा पर NSA मामला: नोएडा डीएम को सुप्रीम कोर्ट से राहत, वेतन से 5 लाख रुपये वसूलने के आदेश पर लगाई रोक
Manipur violence, Kuki Naga clash, Kangpokpi
आकाश की छुट्टी के बाद छोटे भतीजे ईशान आनंद बने बीएसपी के नेशनल कोऑर्डिनेटर, 'परिवारवाद' पर मायावती ने दी यह दलील
Manipur violence, Kuki Naga clash, Kangpokpi
धर्म बदलने से स्वतः खत्म नहीं होता ST का दर्जा, लेकिन... जानें इलाहाबाद हाई कोर्ट का अहम फैसला

द मूकनायक की प्रीमियम और चुनिंदा खबरें अब द मूकनायक के न्यूज़ एप्प पर पढ़ें। Google Play Store से न्यूज़ एप्प इंस्टाल करने के लिए यहां क्लिक करें.

द मूकनायक को सब्सक्राइब करें

'द मूकनायक' जनवादी पत्रकारिता करता है. यह संविधान, लोकतंत्र और सामाजिक न्याय पर चलने वाला मीडिया समूह है। अगर आप भी चाहते हैं कि 'द मूकनायक' हमेशा हाशिए पर खड़े लोगों की आवाज बुलंद करता रहे, बेजुबानों की पीड़ा दिखाते रहें तो सब्सक्राइब करें।

यहां सब्सक्राइब करें
The Mooknayak - आवाज़ आपकी
www.themooknayak.com