मणिपुर हिंसा: 2023 के मैतेई छात्र अपहरण-हत्याकांड का मुख्य आरोपी गिरफ्तार, जानिए पूरा मामला

मणिपुर हिंसा: दो मैतेई छात्रों के अपहरण और हत्या मामले में CBI का मोस्ट वांटेड उग्रवादी नॉकजैगिंग बैते कुकी उर्फ 'टाइगर' हथियारों के साथ गिरफ्तार।
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गिरफ्तार(सांकेतिक तस्वीर)
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नई दिल्ली: असम राइफल्स ने मणिपुर के चुराचांदपुर में सक्रिय उग्रवादी समूह 'यूनाइटेड कुकी नेशनल आर्मी' (UKNA) के एक प्रमुख सदस्य को गिरफ्तार कर लिया है। यह उग्रवादी जुलाई 2023 में दो मैतेई छात्रों के बहुचर्चित अपहरण और हत्याकांड का मुख्य आरोपी है।

गिरफ्तारी के बाद उसे इस मामले की जांच कर रही केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) को सौंप दिया गया है। इन दोनों छात्रों की मौत के दो महीने बाद, सितंबर 2023 में उनके शवों की तस्वीरें सोशल मीडिया पर वायरल हुई थीं।

तस्वीरों के सामने आने के बाद राज्य में भारी विरोध प्रदर्शन हुए थे। इन उग्र प्रदर्शनों में कई लोग, खासकर छात्र बुरी तरह घायल हो गए थे।

एक वरिष्ठ सरकारी अधिकारी ने बताया कि मुख्य आरोपी की पहचान 38 वर्षीय नॉकजैगिंग बैते कुकी उर्फ 'टाइगर' के रूप में हुई है। उसे 22 मई को चुराचांदपुर के नगाथल गांव से पकड़ा गया।

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गुवाहाटी स्थित सीबीआई अदालत ने 26 जून 2024 को इस आरोपी के खिलाफ गैर-जमानती वारंट जारी किया था। इसके बाद उसे औपचारिक रूप से भगोड़ा घोषित कर दिया गया था।

इससे पहले, जांच एजेंसी ने 1 अक्टूबर 2023 को इस जघन्य अपराध के आरोप में चार कुकी-ज़ो लोगों को गिरफ्तार किया था। सीबीआई ने नॉकजैगिंग बैते कुकी पर आपराधिक साजिश रचने, सबूत मिटाने, अपराधियों को पनाह देने और अपहरण का मामला दर्ज किया है।

अधिकारी के अनुसार, गिरफ्तारी के वक्त उसके पास से एक एके राइफल, कुछ पिस्तौल और ग्रेनेड बरामद किए गए। उसके साथ दो अन्य लोगों को भी पकड़ा गया है, जिनकी पहचान 33 वर्षीय थोंगपी गुइटे और 40 वर्षीय शोखोमांग बैते के रूप में हुई है।

पकड़े गए दोनों अन्य आरोपी भी यूकेएनए के ही कैडर हैं। यह खूंखार आरोपी पिछले तीन सालों से कई बार सुरक्षाबलों को चकमा देकर फरार होने में कामयाब रहा था।

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जांच में सामने आया है कि टाइगर अपने एक अन्य साथी, स्वयंभू लेफ्टिनेंट जमखोगिन गुइटे उर्फ 'पेप्सी' के साथ मिलकर काम करता था। पेप्सी को असम राइफल्स ने 1 अक्टूबर 2025 को ही पकड़ लिया था।

नॉकजैगिंग की संलिप्तता मणिपुर की कई अन्य हिंसक घटनाओं में भी पाई गई है। इन घटनाओं में 10 जून 2024 को जिरिबाम में तत्कालीन मुख्यमंत्री एन. बीरेन सिंह के काफिले पर हुआ हमला प्रमुख है।

इसके अलावा, वह चुराचांदपुर के हाओताक खोलेन में तीन मैतेई लकड़हारों की हत्या और सोंगदो इलाके में एक अन्य हत्या में भी शामिल था। उसने 2023 में कांगपोकपी में एक इलेक्ट्रिक टॉवर को उड़ाने और 2024 में जिरिबाम में पेट्रोल टैंकर पर हमले जैसी गंभीर वारदातों को भी अंजाम दिया था।

यूकेएनए एक उग्रवादी गुट है जो 2015 से चुराचांदपुर जिले के दक्षिण-पश्चिम में स्थित हेंगलेप उपखंड में सक्रिय है। मुख्य आरोपी 2021 में इस समूह में शामिल हुआ था।

यूकेएनए से जुड़ने से पहले वह एक अन्य विद्रोही समूह का हिस्सा था। उस समूह ने सरकार के साथ 'सस्पेंशन ऑफ ऑपरेशंस' (SoO) यानी शांति समझौता किया हुआ था, जिसे छोड़कर वह इस उग्रवादी गुट में शामिल हो गया था।

गौरतलब है कि 3 मई 2023 को मणिपुर में कुकी-ज़ो और मैतेई समुदायों के बीच भड़की जातीय हिंसा के बाद से राज्य में भारी अशांति है। इस भयानक हिंसा में अब तक 260 से अधिक लोगों की जान जा चुकी है।

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