नई दिल्ली: मणिपुर के कामजोंग जिले में भारत-म्यांमार सीमा के पास एक बेहद खौफनाक घटना सामने आई है। पुलिस के अनुसार, गुरुवार शाम को पिलोंग नागा गांव में म्यांमार स्थित कुकी नेशनल आर्मी-बर्मा (KNA-B) के संदिग्ध उग्रवादियों ने हमला कर दिया। अत्याधुनिक हथियारों से लैस इन हमलावरों ने गांव वालों पर अंधाधुंध फायरिंग की, जिसमें चार तांगखुल नागा नागरिकों की दर्दनाक मौत हो गई।
यह सीमावर्ती गांव कामजोंग जिला मुख्यालय से लगभग 35 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। इस क्रूर हमले में जान गंवाने वालों में एक पिता और पुत्र भी शामिल हैं। मृतकों की पहचान 43 वर्षीय फामी जाजो, 35 वर्षीय निंगथेम कासाक, 50 वर्षीय बेटरसन जाजो और 67 वर्षीय वारेइशिम जाजो के रूप में हुई है। वारेइशिम जाजो और फामी जाजो रिश्ते में पिता-पुत्र थे।
घटना के बाद पुलिस ने सभी शवों को पोस्टमार्टम के लिए कामजोंग जिला मुख्यालय पहुंचा दिया है। इस जघन्य हत्याकांड की कड़ी निंदा करते हुए शीर्ष संस्था तांगखुल नागा लोंग (TNL) ने अपने अधिकार क्षेत्र में 24 घंटे के आपातकालीन बंद का आह्वान किया है। टीएनएल सचिव थानरेंगई मुइवा की ओर से जारी नोटिस में कहा गया कि यह बंद नागरिकों की हत्या के विरोध में शुक्रवार सुबह 7 बजे से लागू किया गया है।
हालात की गंभीरता को देखते हुए संगठन ने आम लोगों की सहूलियत का भी ध्यान रखा है। स्पष्ट किया गया है कि इस बंदी के दौरान आवश्यक सेवाओं को पूरी तरह से छूट मिलेगी। इनमें बिजली, चिकित्सा और अग्निशमन सेवाओं के साथ-साथ अंतिम संस्कार और शोक कार्यक्रमों से जुड़ी आवाजाही को शटडाउन से मुक्त रखा गया है।
इस हिंसक घटना के बाद इलाके में भारी आक्रोश और तनाव का माहौल है। इस बीच, युवा संगठन खानुइथोत-खोन (वॉयस ऑफ द तांगखुल नागा यूथ) ने मुख्यमंत्री युमनाम खेमचंद सिंह के आगामी दौरे का कड़ा विरोध किया है। मुख्यमंत्री 28 सितंबर को उखरूल में एक जनसंपर्क कार्यक्रम में शामिल होने वाले थे।
युवा संगठन ने एक बयान जारी कर कहा है कि नागा बहुल इलाकों में हालिया हिंसा और हत्याओं के कारण पैदा हुए सुरक्षा हालात को देखते हुए मुख्यमंत्री को अपने इस दौरे पर पुनर्विचार करना चाहिए। उन्होंने सस्पेंशन ऑफ ऑपरेशंस (SoO) समझौते के तहत काम कर रहे सशस्त्र समूहों की बेलगाम गतिविधियों और उनकी मौजूदगी पर गहरी चिंता जाहिर की है।
नागरिकों के खिलाफ हो रही इस हिंसा पर कड़ी आपत्ति जताते हुए संगठन ने राज्य और केंद्र सरकार से सख्त कार्रवाई की गुहार लगाई है। उन्होंने मांग की है कि नागा नागरिकों की सुरक्षा के लिए तत्काल और प्रभावी कदम उठाए जाएं। साथ ही, इन हत्याओं की सख्त जवाबदेही तय करते हुए नागा क्षेत्रों में जल्द से जल्द सुरक्षा और शांति बहाल की जाए।
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