
उत्तर प्रदेश: अमरोहा जिले से एक बेहद शर्मनाक और हैरान करने वाली घटना सामने आई है। यहाँ कानून की रक्षा करने वाले ही एक बेबस युवती के लिए दरिंदे बन गए। पुलिस ने हरियाणा की रहने वाली एक युवती के साथ गैंगरेप के आरोप में यूपी पुलिस के दो और केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) के दो जवानों को गिरफ्तार किया है।
यह खौफनाक वारदात अमरोहा के हसनपुर इलाके में अंजाम दी गई। गिरफ्तार किए गए आरोपियों में हसनपुर थाने में तैनात एक सब-इंस्पेक्टर व एक हेड कांस्टेबल और सीआरपीएफ के एक सब-इंस्पेक्टर व एक हेड कांस्टेबल शामिल हैं। इन चारों को इस जघन्य अपराध के आरोप में सलाखों के पीछे भेज दिया गया है।
पुलिस अधीक्षक (एसपी) लखन सिंह यादव के अनुसार, 24 वर्षीय पीड़िता हरियाणा के फतेहाबाद की निवासी है। युवती ने अपनी शिकायत में बताया है कि 20 सितंबर को उसकी एक महिला परिचित ने उसे अमरोहा के धार्मिक स्थलों के दर्शन के बहाने मुजफ्फरनगर निवासी सीआरपीएफ इंस्पेक्टर मोहित से मिलने को कहा था।
तय योजना के मुताबिक, 21 सितंबर को पीड़िता हरियाणा के सोनीपत में मोहित से मिली। वहां से दोनों मेरठ पहुंचे, जहां मोहित का साथी और राजस्थान के अलवर का निवासी सीआरपीएफ हेड कांस्टेबल लालाराम यादव भी उनके साथ जुड़ गया। 22 सितंबर की शाम को ये दोनों आरोपी युवती को कार में बिठाकर हसनपुर ले गए और रास्ते में उन्होंने यूपी पुलिस के सब-इंस्पेक्टर संजय तोमर को भी अपने साथ ले लिया।
इसके बाद यह तिकड़ी अतरासी-हसनपुर रोड पर स्थित एक फार्महाउस में पहुंची, जहां उन्होंने दो कमरे किराए पर लिए। पुलिस में दर्ज शिकायत के मुताबिक, फार्महाउस पहुंचने पर यूपी पुलिस के हेड कांस्टेबल प्रमोद ने इस समूह के लिए शराब और खाने का इंतजाम किया था।
देर शाम मोहित, लालाराम यादव और संजय तोमर ने हैवानियत की सारी हदें पार करते हुए बारी-बारी से युवती के साथ दुष्कर्म किया। इसके बाद जब प्रमोद ने भी कमरे में घुसकर रेप की कोशिश की, तो पीड़िता ने हिम्मत दिखाते हुए उसे धक्का देकर बाहर निकाल दिया। उसने तुरंत अंदर से दरवाजा बंद किया और ऑनलाइन पुलिस हेल्पलाइन नंबर ढूंढकर बुधवार, 23 सितंबर की सुबह लगभग 6 बजे मदद की गुहार लगाई।
सूचना मिलते ही हसनपुर और रजबपुर थानों की पुलिस टीम तुरंत मौके पर पहुंची। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए पीड़िता को सुरक्षित बाहर निकाला और मौके से ही चारों आरोपियों को धर दबोचा। एसपी ने बताया कि पीड़िता की शिकायत के आधार पर भारतीय न्याय संहिता (BNS) की संबंधित धाराओं के तहत अपहरण और गैंगरेप की एफआईआर दर्ज कर ली गई है तथा सभी चारों आरोपियों को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है।
इस गंभीर मामले में स्थानीय सब-इंस्पेक्टर को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर उसके खिलाफ विभागीय कार्यवाही शुरू कर दी गई है। इसके अलावा, दोनों पैरामिलिट्री जवानों पर सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई की सिफारिश करते हुए सीआरपीएफ के वरिष्ठ अधिकारियों को भी एक विस्तृत रिपोर्ट भेज दी गई है।
हसनपुर कोतवाली प्रभारी अमर पाल सिंह ने बताया कि वारदात वाला फार्महाउस कथित तौर पर उत्तराखंड के एक निर्दलीय विधायक का है। पुलिस ने इस प्रॉपर्टी के मैनेजर से भी पूछताछ की है और मामले की आगे की छानबीन जोरों पर है।
इस घटना पर समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव ने तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। सोशल मीडिया पर उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि जब सत्ता का आधार ही अपराध हो, तो पुलिस बल भी भ्रष्ट हो जाता है। उन्होंने अमरोहा की इस घटना को पुलिस बल के माथे पर एक ऐसा 'कलंक' बताया जिसे कोई भी संरक्षण मिटा नहीं सकता। इसके साथ ही अखिलेश यादव ने इस मामले में दोषियों के खिलाफ 'ऐतिहासिक कार्रवाई' की मांग की है।
द मूकनायक की प्रीमियम और चुनिंदा खबरें अब द मूकनायक के न्यूज़ एप्प पर पढ़ें। Google Play Store से न्यूज़ एप्प इंस्टाल करने के लिए यहां क्लिक करें.
'द मूकनायक' जनवादी पत्रकारिता करता है. यह संविधान, लोकतंत्र और सामाजिक न्याय पर चलने वाला मीडिया समूह है। अगर आप भी चाहते हैं कि 'द मूकनायक' हमेशा हाशिए पर खड़े लोगों की आवाज बुलंद करता रहे, बेजुबानों की पीड़ा दिखाते रहें तो सब्सक्राइब करें।
यहां सब्सक्राइब करें