'अब पढ़ाई में मन नहीं लगता': NEET री-टेस्ट से पहले लखनऊ की 17 वर्षीय होनहार छात्रा ने की आत्महत्या

नीट पेपर लीक और परीक्षा रद्द होने के बाद से ही भारी तनाव में थी लखनऊ की 17 वर्षीय होनहार छात्रा। 21 जून को होने वाले री-टेस्ट से महज तीन दिन पहले उठाया यह खौफनाक कदम।
आत्महत्या
आत्महत्या (सांकेतिक तस्वीर)
Published on

लखनऊ: मेडिकल प्रवेश परीक्षा नीट-यूजी (NEET-UG) को लेकर मचे बवाल के बीच एक बेहद दिल दहला देने वाली खबर सामने आई है। लखनऊ में एक 17 वर्षीय होनहार छात्रा ने बुधवार तड़के अपने घर में आत्महत्या कर ली। इस होनहार छात्रा ने यह खौफनाक कदम 21 जून को होने वाली नीट-यूजी री-परीक्षा से महज तीन दिन पहले उठाया है।

राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) ने "पेपर लीक" की वजहों का हवाला देते हुए मंगलवार को ही नीट-यूजी परीक्षा को रद्द कर दिया था। इस अहम परीक्षा में 22.05 लाख से अधिक उम्मीदवारों ने अपनी किस्मत आजमाई थी। पुरानी परीक्षा के रद्द होने और नए सिरे से परीक्षा देने के तनाव ने इस युवा छात्रा को गहरे सदमे में धकेल दिया।

बाजार खाला पुलिस स्टेशन के एसएचओ बृजेश सिंह ने इस घटना की जानकारी देते हुए बताया कि मृतका के माता-पिता के अनुसार, उनकी बेटी 3 मई को हुई नीट परीक्षा के रद्द होने के बाद से ही काफी टूट चुकी थी। पुलिस टीम ने जब छात्रा के कमरे की तलाशी ली, तो वहां से कोई सुसाइड नोट बरामद नहीं हुआ।

छात्रा के पिता पेशे से एक रेलवे अधिकारी हैं। उन्होंने पुलिस को अपना दर्द बयां करते हुए बताया कि उनकी बेटी ने पिछली नीट परीक्षा में बहुत ही शानदार प्रदर्शन किया था। जब उसे पता चला कि वह परीक्षा रद्द घोषित कर दी गई है, तो वह गहरे अवसाद में चली गई। पिता के मुताबिक, वह आगामी री-टेस्ट के लिए बिल्कुल भी तैयारी नहीं कर पा रही थी और अक्सर यही कहती थी कि अब उसका ध्यान पढ़ाई में केंद्रित नहीं हो पा रहा है।

यह परिवार लखनऊ के ऐशबाग इलाके की रेलवे कॉलोनी में निवास करता है। बुधवार की तड़के माता-पिता ने अपनी बेटी को अचेत अवस्था में पाया। घबराहट में वे उसे सुबह करीब 3:50 बजे पास के सरकारी अस्पताल ले गए, लेकिन वहां पहुंचने पर डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।

अस्पताल से सूचना मिलने के बाद सुबह 5 बजे पुलिस की टीम मौके पर पहुंच गई। एसएचओ बृजेश सिंह ने यह भी स्पष्ट किया कि शोक में डूबे परिवार ने इस मामले की आगे की जांच के लिए पुलिस को कोई लिखित आवेदन नहीं दिया है।

नीट परीक्षा और री-टेस्ट के भारी मानसिक दबाव के कारण आत्महत्या का यह कोई इकलौता मामला नहीं है। इससे कुछ दिन पहले 16 जून को देहरादून में भी एक 24 वर्षीय छात्रा ने कथित तौर पर परीक्षा के तनाव के चलते अपनी जान दे दी थी।

देहरादून की उस मृतका की पहचान रिया कुमारी के रूप में हुई थी और वह भी 21 जून को प्रस्तावित री-टेस्ट की ही तैयारी कर रही थी। रिया मेडिकल प्रवेश परीक्षा की तैयारी करने के साथ-साथ देहरादून के एक स्थानीय कॉलेज में भी पढ़ाई कर रही थी। उनके पिता भारतीय सेना के एक सेवानिवृत्त जवान हैं।

आत्महत्या
NEET पेपर लीक से त्रस्त छात्रों के नाम पर अभिजीत दीपके का मोदी को खुला पत्र- 1 करोड़ मुआवज़ा और शिक्षा मंत्री का इस्तीफा
आत्महत्या
मेरठ में चर्म शोधन यूनिट्स सील होने से 150 दलित परिवारों की आजीविका पर संकट, NHRC ने कलेक्टर से मांगा ब्यौरा
आत्महत्या
पुणे में ढोंगी 'गुरु' की हैवानियत: खुद को बताया 'अवतार', महिला को पिलाता था पेशाब, बिजली के झटके, 15 साल तक रेप!

द मूकनायक की प्रीमियम और चुनिंदा खबरें अब द मूकनायक के न्यूज़ एप्प पर पढ़ें। Google Play Store से न्यूज़ एप्प इंस्टाल करने के लिए यहां क्लिक करें.

द मूकनायक की मदद करें

‘द मूकनायक’ जनवादी पत्रकारिता करता है. यह संविधान, लोकतंत्र और सामाजिक न्याय पर चलने वाला मीडिया समूह है. अगर आप भी चाहते हैं कि ‘द मूकनायक’ हमेशा हाशिए पर खड़े लोगों की आवाज़ बुलंद करता रहे, बेजुबानों की पीड़ा दिखाते रहे तो सपोर्ट करें.

यहां सपोर्ट करें
The Mooknayak - आवाज़ आपकी
www.themooknayak.com