
उदयपुर- अंतरराष्ट्रीय बालश्रम निषेध दिवस (12 जून) से पूर्व उदयपुर के समाजसेवियों ने ‘बालश्रम मुक्त हो विकसित भारत’ का संकल्प लेते हुए शीर्ष जनप्रतिनिधियों से मुलाकात की। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी तक यह संदेश पहुँचाने की अपील की है।
चाइल्ड राइट एक्टिविस्ट एवं राजस्थान बाल आयोग के पूर्व सदस्य डॉ. शैलेंद्र पंड्या ने बताया कि देश की 40 प्रतिशत आबादी 18 वर्ष से कम उम्र के बच्चों की है। उनके संरक्षण के बिना विकसित भारत का निर्माण अधूरा है। इस बात को ध्यान में रखकर बालश्रम मुक्त समाज हेतु आज से विशेष अभियान चलाया जाएगा जिसके तहत जहाँ जमीनी स्तर पर बालश्रमिकों का रेस्क्यू और पुनर्वास होगा वहीं प्रदेश एवं केन्द्र स्तर पर शीर्ष जनप्रतिनिधियों से मिलकर इस संकल्पना को अपनाने हेतु अपील की जाएगी l
इस अवसर पर समाजसेवी चन्द्रशेखर जोशी ने बालश्रम को समाज पर कलंक बताते हुए सामूहिक और सतत् प्रयास करने की बात कही l
सामर्थ्य संस्थान, उदयपुर के अध्यक्ष एवं समाजसेवी डॉ राहुल व्यास ने बताया की 12 जून की पूर्व संध्या पर इस विषय पर उदयपुर के समाजसेवियों ने राजस्थान वित्त आयोग, राजस्थान सरकार के अध्यक्ष (केबिनेट मंत्री) डॉ. अरुण चतुर्वेदी, वरिष्ठ नेता और राज्यसभा सांसद के प्रत्याक्षी सतीश पूनिया सहित विभिन्न नेताओं से भेंट कर माँग पत्र सौंपा l
इस अवसर पर गायत्री सेवा संस्थान, उदयपुर के समन्वयक नितिन पालीवाल ने बताया की 12 जून को शहर के हिरण मगरी सेक्टर 6 स्थित गायत्री सेवा संस्थान के विवेकानंद सभागार में प्रात 11 बजे बालश्रम की रोकथाम एवं विभिन्न हितधारकों की भूमिका विषय पर कार्यशाला का आयोजन राजस्थान चाइल्ड एडवाजरी ग्रुप (आर-केग) के तत्वावधान में आयोजित की जाएगी, जिसमें बालश्रम विषय पर कार्यरत सरकारी एवं स्वयं सेवी संस्थाओं के प्रतिनिधि उपस्थित होंगे l
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