
उत्तर प्रदेश: एटा जिले में सोमवार की सुबह संविधान निर्माता डॉ. बीआर अंबेडकर की मूर्ति को खंडित करने का मामला सामने आया है। इस घटना के बाद से ही स्थानीय लोगों में भारी गुस्सा है और उन्होंने मौके पर ही विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। ग्रामीणों की मांग है कि ऐसा करने वाले दोषियों को प्रशासन जल्द से जल्द गिरफ्तार करे।
यह पूरी घटना जिले के लालाहाट गांव के बाहर की है, जहां बाबासाहेब की यह प्रतिमा स्थापित है। स्थानीय निवासियों के मुताबिक, असामाजिक तत्वों ने रात के अंधेरे में मूर्ति के कुछ हिस्सों को नुकसान पहुंचाया है। सबसे ज्यादा हैरानी और गुस्से की बात यह है कि पिछले तीन सालों में इसी मूर्ति के साथ यह इस तरह की तीसरी वारदात है।
गांव के ही रहने वाले विकास कुमार ने बताया कि इससे पहले भी इस प्रतिमा को निशाना बनाया जा चुका है। उन पुरानी घटनाओं में भी अज्ञात लोगों के खिलाफ मामले दर्ज किए गए थे। उन्होंने कहा कि एक ही जगह पर बार-बार ऐसी घटना का होना पुलिस की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करता है। अब ग्रामीणों ने प्रशासन से प्रतिमा की तुरंत मरम्मत कराने, इसके चारों ओर एक मजबूत लोहे की ग्रिल लगाने और यहां स्थायी तौर पर सुरक्षा के कड़े इंतजाम करने की पुरजोर मांग की है।
मामले की गंभीरता को देखते हुए एहतियात के तौर पर गांव में पुलिस बल तैनात कर दिया गया है। पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर प्रदर्शनकारियों को शांत कराया और निष्पक्ष जांच का भरोसा दिया है। एटा के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) एलमारन जी ने इस घटना को लेकर सख्त रुख अपनाया है।
उन्होंने स्पष्ट किया है कि डॉ. अंबेडकर की मूर्ति के साथ छेड़छाड़ करने वालों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। एसएसपी ने साफ कहा कि इस मामले में किसी भी स्तर पर कोई लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी और दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा।
फिलहाल पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है। जैथरा थाने के एसएचओ सुनील कुमार ने बताया कि पुलिस इलाके में हुई गतिविधियों की बारीकी से जानकारी जुटा रही है। इसके लिए आसपास उपलब्ध सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं और संदिग्ध लोगों की पहचान की कोशिश की जा रही है। पुलिस का कहना है कि जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उसी के आधार पर आगे का एक्शन लिया जाएगा।
द मूकनायक की प्रीमियम और चुनिंदा खबरें अब द मूकनायक के न्यूज़ एप्प पर पढ़ें। Google Play Store से न्यूज़ एप्प इंस्टाल करने के लिए यहां क्लिक करें.
'द मूकनायक' जनवादी पत्रकारिता करता है. यह संविधान, लोकतंत्र और सामाजिक न्याय पर चलने वाला मीडिया समूह है। अगर आप भी चाहते हैं कि 'द मूकनायक' हमेशा हाशिए पर खड़े लोगों की आवाज बुलंद करता रहे, बेजुबानों की पीड़ा दिखाते रहें तो सब्सक्राइब करें।
यहां सब्सक्राइब करें