नई दिल्ली: कांग्रेस पार्टी ने शनिवार, 4 अप्रैल को राजस्थान की भाजपा सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं। पार्टी का कहना है कि अजमेर में एक 15 साल की दलित नाबालिग के साथ हुए कथित सामूहिक दुष्कर्म और उसके परिवार पर हुए जानलेवा हमले के मामले में राज्य सरकार आरोपियों को खुला संरक्षण दे रही है।
पीड़िता के बयान और बार-बार की गई शिकायतों के बावजूद पुलिस ने कोई ठोस कदम नहीं उठाया है। अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (एआईसीसी) के अनुसूचित जाति विभाग के अध्यक्ष राजेंद्र पाल गौतम ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए यह अहम मुद्दा उठाया।
उन्होंने दावा किया कि भाजपा शासित राज्यों में दलितों के खिलाफ अत्याचार के मामले लगातार बढ़ रहे हैं। उनके अनुसार, देश भर में दलितों पर होने वाले 76 प्रतिशत अत्याचार केवल पांच राज्यों से सामने आते हैं। इन मामलों में उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश और राजस्थान सबसे ऊपर हैं, जिसके बाद बिहार और महाराष्ट्र का स्थान आता है।
अजमेर की इस घटना का जिक्र करते हुए राजेंद्र पाल गौतम ने बताया कि यह जघन्य अपराध जुलाई 2024 में हुआ था। हालांकि, मामला कई महीनों बाद तब उजागर हुआ जब नाबालिग गर्भवती हो गई।
इस मामले में सबसे पहले नई दिल्ली में एक 'जीरो एफआईआर' दर्ज की गई थी, जिसे बाद में अजमेर स्थानांतरित कर दिया गया। कानून की संबंधित धाराओं के तहत एक मजिस्ट्रेट के सामने पीड़िता का बयान दर्ज होने के बावजूद, पुलिस ने लगभग आठ महीनों तक किसी भी आरोपी की गिरफ्तारी नहीं की।
कांग्रेस नेता ने आरोप लगाया कि अब तक तीन आरोपियों में से केवल एक को ही गिरफ्तार किया जा सका है। अन्य दो आरोपियों को निवारक प्रावधानों के तहत कुछ समय के लिए हिरासत में जरूर लिया गया था, लेकिन बाद में उन्हें पुलिस ने छोड़ दिया।
उन्होंने आगे दावा किया कि 16 मार्च को, जब मामले की कोर्ट में सुनवाई होनी थी, उससे ठीक पहले पीड़िता के परिवार पर कुल्हाड़ियों से जानलेवा हमला किया गया। यह हमला तब हुआ जब परिवार ने आरोपियों के दबाव में आकर उनके साथ समझौता करने से साफ इनकार कर दिया था।
उलटा पुलिस ने परिवार के खिलाफ ही एक क्रॉस-एफआईआर दर्ज कर ली, जिसे हालांकि बाद में बंद कर दिया गया। राजेंद्र पाल गौतम ने एससी/एसटी (अत्याचार निवारण) अधिनियम के प्रावधानों के खुले उल्लंघन का भी आरोप लगाया।
इसमें धारा 15(ए) के तहत पीड़िता को सुरक्षा प्रदान करने में विफलता और धारा 4 के तहत संबंधित लापरवाह अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई न होना मुख्य रूप से शामिल है। पीड़िता और उसके परिवार के लिए तत्काल सुरक्षा और उचित मुआवजे की मांग करते हुए, उन्होंने कहा कि कानून की धज्जियां उड़ाने वाले पुलिस अधिकारियों के खिलाफ सख्त विभागीय कार्रवाई की जानी चाहिए।
प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान गौतम ने लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी को भी धन्यवाद दिया। राहुल गांधी ने हाल ही में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर एससी/एसटी एक्ट को कमजोर किए जाने के खिलाफ 2018 में हुए विरोध प्रदर्शनों से जुड़े मुकदमों को वापस लेने की मांग की थी।
अंत में, उन्होंने यह भी घोषणा की कि डॉ. बी.आर. अंबेडकर की जयंती के अवसर पर 12 अप्रैल को दिल्ली में 'रन फॉर अंबेडकर, रन फॉर कॉन्स्टिट्यूशन' मैराथन का आयोजन किया जाएगा। राहुल गांधी इस मैराथन को हरी झंडी दिखाकर रवाना करेंगे।
द मूकनायक की प्रीमियम और चुनिंदा खबरें अब द मूकनायक के न्यूज़ एप्प पर पढ़ें। Google Play Store से न्यूज़ एप्प इंस्टाल करने के लिए यहां क्लिक करें.