
उत्तर प्रदेश: वाराणसी जिले में मंगलवार को पुलिस ने एक हत्याकांड का महज 24 घंटे के भीतर खुलासा करते हुए चार आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। सोमवार को चौक थाना क्षेत्र में 60 वर्षीय राजन की सरेआम गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। वारदात को अंजाम देने के बाद सभी आरोपी मौके से फरार हो गए थे, लेकिन पुलिस की मुस्तैदी से वे जल्द ही कानून की गिरफ्त में आ गए।
पकड़े गए आरोपियों की पहचान विशाल भारतीय, विकास विश्वकर्मा, सुजीत वाल्मीकि और कृष्ण वाल्मीकि के रूप में हुई है। पुलिस जांच में यह साफ हुआ है कि इस पूरी साजिश का मुख्य सूत्रधार विशाल भारतीय था। वहीं, विकास विश्वकर्मा ने हत्या से पहले मृतक की रेकी की थी, जबकि सुजीत और कृष्ण वाल्मीकि ने राजन पर गोलियां बरसाई थीं।
पुलिस के मुताबिक, इस हत्या के पीछे कोई पुरानी रंजिश या पैसों का लेनदेन नहीं था, बल्कि इसकी असली वजह काले जादू और तंत्र-मंत्र का शक था। जांच में पता चला है कि मुख्य आरोपी विशाल भारतीय को गहरा शक था कि उसका दूर का रिश्तेदार राजन तंत्र-मंत्र करता है। विशाल का मानना था कि उसके परिवार में हो रही लगातार मौतों के पीछे राजन का ही हाथ है।
आरोपी को यह अंधविश्वास हो गया था कि अगर राजन को मौत के घाट उतार दिया जाए, तो उसके परिवार पर आया मौतों का यह संकट हमेशा के लिए टल जाएगा। इसी खौफनाक सोच के चलते उसने अपने दोस्तों के साथ मिलकर हत्या की यह पूरी योजना तैयार की थी।
एसीपी अतुल अंजन त्रिपाठी ने बताया कि पुलिस को हत्या के शुरुआती छह घंटे के भीतर ही कुछ बेहद अहम सुराग मिल गए थे। इसके बाद पुलिस टीम ने वैज्ञानिक साक्ष्यों और अपने स्थानीय खुफिया नेटवर्क का बेहतरीन इस्तेमाल करते हुए महज 24 घंटे के अंदर चारों आरोपियों को धर दबोचा। पुलिस ने इनके पास से हत्या में इस्तेमाल किया गया अवैध हथियार भी बरामद कर लिया है।
हैरानी की बात यह है कि पुलिस पूछताछ के दौरान मुख्य आरोपी विशाल ने शुरुआत में जांच को भटकाने की पूरी कोशिश की। उसने दावा किया कि उसके मृत पिता की आत्मा ने उसके शरीर में प्रवेश कर लिया था और उसी आत्मा ने उसे इस हत्या को अंजाम देने के लिए प्रेरित किया।
हालांकि, जब पुलिस ने उससे सख्ती से पूछताछ की, तो वह टूट गया। उसने अपना गुनाह कबूल करते हुए बताया कि सजा से बचने और पुलिस को गुमराह करने के लिए उसने आत्मा वाली यह मनगढ़ंत कहानी रची थी। पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार किए गए चारों आरोपी आपस में गहरे दोस्त हैं और इनमें से दो मंडुआडीह इलाके के रहने वाले हैं। फिलहाल पुलिस आगे की कानूनी कार्रवाई में जुटी हुई है।
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