
उत्तर प्रदेश: बुलंदशहर में खाकी को शर्मसार करने वाला एक बेहद गंभीर मामला सामने आया है। यहां एक डेयरी कारोबारी को अवैध रूप से हिरासत में लेकर 20 लाख रुपये की रंगदारी मांगने और पैसे न देने पर फर्जी एनकाउंटर का डर दिखाने के आरोप में एक थाना प्रभारी (SHO) समेत सात पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया गया है।
यह पूरी घटना इस साल 30 अप्रैल की बताई जा रही है, लेकिन मामले में विभागीय जांच के बाद शुक्रवार को बुलंदशहर के सिकंदराबाद थाने में प्राथमिकी (FIR) दर्ज की गई। पुलिस के मुताबिक, आरोपियों में तत्कालीन एसएचओ नीरज मलिक, सब-इंस्पेक्टर अरुण कुमार, कांस्टेबल योगेश और चार अज्ञात पुलिसकर्मी शामिल हैं।
बुलंदशहर के सर्किल ऑफिसर (CO) दीपक कुमार ने बताया कि मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच कराई गई थी, जिसके बाद मुकदमा दर्ज हुआ है। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस प्रकरण में नामजद सभी पुलिसकर्मियों को निलंबित किया जा चुका है और आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
पीड़ित डेयरी कारोबारी सलमान बुलंदशहर के रिसालदारान इलाके के रहने वाले हैं। सलमान का आरोप है कि 30 अप्रैल की शाम को जब वह अपनी दुकान से घर लौट रहे थे, तभी रास्ते में एक टोल प्लाजा पर पुलिसकर्मियों ने उन्हें रोक लिया। इसके बाद बिना कोई कारण बताए उन्हें जबरन सिकंदराबाद थाने ले जाया गया।
पीड़ित के अनुसार, जब उन्होंने अपनी हिरासत की वजह जाननी चाही, तो आरोपी पुलिसकर्मियों ने उनसे 20 लाख रुपये की मांग की। पुलिसकर्मियों ने धमकी दी कि अगर रकम का इंतजाम नहीं हुआ, तो उन्हें नशीले पदार्थों की तस्करी के झूठे केस में फंसा दिया जाएगा और फर्जी एनकाउंटर दिखाकर पैर में गोली मार दी जाएगी।
सलमान का कहना है कि हिरासत के दौरान उनके साथ मारपीट, गाली-गलौज और भारी शारीरिक व मानसिक प्रताड़ना की गई। खौफ और दबाव में आकर उनके परिवार ने किसी तरह 6 लाख रुपये की व्यवस्था कर थाने पहुंचाई, जिसके बाद ही पुलिसकर्मियों ने उन्हें रिहा किया।
आरोप है कि सलमान को छोड़ते समय चेतावनी दी गई थी कि अगर उन्होंने इस घटना का जिक्र किसी से किया, तो उन्हें और उनके परिवार को झूठे आपराधिक मामलों में फंसाकर जान से मार दिया जाएगा। शिकायतकर्ता का दावा है कि इस पूरी घटना की सच्चाई टोल प्लाजा और सिकंदराबाद थाने के सीसीटीवी फुटेज से साबित की जा सकती है।
फिलहाल पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ जानबूझकर चोट पहुंचाने, जबरन वसूली, अवैध रूप से बंधक बनाने, शांति भंग करने के इरादे से अपमानित करने और आपराधिक धमकी देने की धाराओं में केस दर्ज कर लिया है।
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