BBAU: संविधान दिवस पर BAPSA ने निकाला 'समता मार्च', लेबर कोड और छात्रों के निष्कासन पर जताया कड़ा विरोध

BBAU News: संविधान दिवस पर 100 छात्रों के साथ BAPSA का शक्ति प्रदर्शन, 'फर्जी FIR' और केंद्र के लेबर कोड के खिलाफ बुलंद की आवाज, प्रस्तावना का किया वाचन।
संविधान दिवस पर BAPSA का 'समता मार्च', लेबर कोड और छात्र निष्कासन पर भारी विरोध
संविधान दिवस पर BAPSA का 'समता मार्च', लेबर कोड और छात्र निष्कासन पर भारी विरोध
Published on

लखनऊ: बाबासाहेब भीमराव अंबेडकर विश्वविद्यालय (BBAU) में संविधान दिवस के अवसर पर बाप्सा (BAPSA-BBAU) इकाई द्वारा 'समता मार्च' का सफल आयोजन किया गया। 26 नवम्बर को आयोजित इस मार्च के जरिए छात्रों ने समानता, न्याय और लोकतांत्रिक अधिकारों की रक्षा के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई।

लाइब्रेरी से अंबेडकर प्रतिमा तक निकला मार्च

इस मार्च की शुरुआत विश्वविद्यालय की गौतम बुद्ध सेंट्रल लाइब्रेरी से हुई और इसका समापन डॉ. भीमराव अंबेडकर की प्रतिमा पर हुआ। कार्यक्रम में लगभग 100 छात्रों ने हिस्सा लिया। इस दौरान BAPSA की सांस्कृतिक टीम ने प्रतिरोध के गीतों के माध्यम से अपनी बात रखी। टीम द्वारा प्रस्तुत जनगीत “ये आज़ादी इसी लिए लगती नहीं हमें…” ने कार्यक्रम में जोश भरने का काम किया और संवैधानिक मूल्यों को याद दिलाया।

लेबर कोड को बताया मजदूर विरोधी

मार्च के दौरान BAPSA ने केंद्र सरकार द्वारा लागू किए गए चार लेबर कोड का पुरजोर विरोध किया। संगठन ने आरोप लगाया कि ये कोड मजदूर वर्ग के अधिकारों पर सीधा हमला हैं और केवल पूंजी की सुरक्षा करते हैं। उन्होंने इसे मजदूर विरोधी नीति करार देते हुए कहा कि यह संविधान द्वारा प्रदत्त श्रम-अधिकार और सामाजिक सुरक्षा के सिद्धांतों का हनन है।

छात्रों के निष्कासन और FIR की निंदा

विश्वविद्यालय परिसर के मुद्दों को उठाते हुए संगठन ने हाल ही में हुए दो छात्रों के निष्कासन और कई अन्य छात्रों पर दर्ज की गई ‘फर्जी एफआईआर’ (FIR) की कड़ी निंदा की। BAPSA ने इन कार्यवाहियों को कैंपस में लोकतांत्रिक अधिकारों, विचार और अभिव्यक्ति की आज़ादी को दबाने का प्रयास बताया। संगठन ने इन घटनाओं को “ब्राह्मणवादी फ़ासीवाद का हमला” करार दिया, जिसका उद्देश्य सामाजिक न्याय की आवाज़ों को कमजोर करना है।

प्रस्तावना का वाचन और संकल्प

कार्यक्रम के अंत में सभी प्रतिभागी डॉ. अंबेडकर की प्रतिमा के समक्ष एकत्र हुए और सामूहिक रूप से संविधान की प्रस्तावना का वाचन किया। छात्रों ने भारत को एक समतामूलक, न्यायपूर्ण, समाजवादी और लोकतांत्रिक गणराज्य बनाने के प्रति अपनी दृढ़ प्रतिज्ञा दोहराई।

BAPSA-BBAU ने विश्वविद्यालय समुदाय से आह्वान किया कि वे असमानता और दमन के खिलाफ एकजुट होकर खड़े हों तथा कैंपस में संवैधानिक मूल्यों और छात्र अधिकारों की रक्षा करें।

संविधान दिवस पर BAPSA का 'समता मार्च', लेबर कोड और छात्र निष्कासन पर भारी विरोध
मलेशिया के GIJC25 सम्मेलन में ‘द मूकनायक’ के उप संपादक अंकित पचौरी बतौर फेलो शामिल
संविधान दिवस पर BAPSA का 'समता मार्च', लेबर कोड और छात्र निष्कासन पर भारी विरोध
MP: ब्राह्मण लड़कियों से विवाह के बयान पर IAS संतोष वर्मा को नोटिस, 7 दिन में जवाब नहीं दिया तो हो सकती है एकपक्षीय कार्रवाई
संविधान दिवस पर BAPSA का 'समता मार्च', लेबर कोड और छात्र निष्कासन पर भारी विरोध
पंडित अमरनाथ द्वारा रचित ‘हिन्दुस्तानी शास्त्रीय संगीत का शब्दकोश’ का लोकार्पण

द मूकनायक की प्रीमियम और चुनिंदा खबरें अब द मूकनायक के न्यूज़ एप्प पर पढ़ें। Google Play Store से न्यूज़ एप्प इंस्टाल करने के लिए यहां क्लिक करें.

The Mooknayak - आवाज़ आपकी
www.themooknayak.com