पुलिस से मदद मांगने आने वाली महिलाओं का करता था शोषण! मंगलुरु के मूडबिद्री थानेदार की करतूत सामने आईं तो...
मंगलुरु - मदद के लिए पुलिस स्टेशन पहुंचने वाली महिलाओं को ही कथित तौर पर यौन शोषण और ब्लैकमेल का सामना करना पड़ रहा है। कर्नाटक के मूडबिद्री पुलिस स्टेशन के सर्कल इंस्पेक्टर संदेश बी.जी. पर कई महिलाओं ने गंभीर आरोप लगाए हैं, जिसमें यौन संबंध बनाने की मांग, 25 लाख रुपये की रिश्वत, धमकियां और रात में घर में घुसने जैसे मामले शामिल हैं। ये आरोप अब इतने गंभीर हो चुके हैं कि मंगलुरु पुलिस आयुक्त सुधीर कुमार रेड्डी ने जांच के आदेश दे दिए हैं, जबकि कर्नाटक राज्य महिला आयोग ने भी विस्तृत रिपोर्ट मांगी है। थानेदार की करतूत सामने आईं तो उन्हें जानकार उच्चाधिकारी भी स्तब्ध हैं।
एक महिला ने पुलिस आयुक्त को शिकायत दी है कि पिछले साल अगस्त में उनके पति जो एक सामाजिक कार्यकर्ता हैं, को कथित रूप से झूठे मामलों में गिरफ्तार किया गया। जब वह इंस्पेक्टर संदेश से पति की रिहाई के लिए पहुंचीं, तो आरोप है कि इंस्पेक्टर ने या तो 25 लाख रुपये रिश्वत देने या यौन संबंध बनाने की मांग की। महिला ने बताया कि इंस्पेक्टर ने दावा किया कि उन्होंने अपनी पोस्टिंग के लिए गृह मंत्री को 50 लाख रुपये दिए थे और कोई भी शिकायत करने पर कोई कार्रवाई नहीं होगी। महिला ने 50,000 रुपये दिए, जिसके बाद उनके पति को स्टेशन बेल पर रिहा किया गया, लेकिन उत्पीड़न जारी रहा। पति अब गांव छोड़कर भाग चुके हैं और इंस्पेक्टर उन्हें थाने बुलाकर या अन्य जगहों पर तलब करते रहते हैं।
आरोपों की गंभीरता तब सामने आई जब कई महिलाओं ने बताया कि इंसपेक्टर घरेलू विवादों में आने वाली महिलाओं का फायदा उठाते थे। एक महिला (जिसका पति दुबई में काम करता है और वह अकेली बच्चे के साथ रहती है) ने आरोप लगाया कि इंस्पेक्टर रात में उनके घर की कंपाउंड दीवार फांदकर अंदर घुसे और जबरन संबंध बनाने की कोशिश की। विरोध करने पर उन्होंने बदनामी की धमकी दी। सीसीटीवी फुटेज भी सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जिसमें इंस्पेक्टर को दीवार फांदते दिखाया गया है।
एक ताजा वायरल ऑडियो क्लिप में एक महिला इंस्पेक्टर संदेश से कहती सुनाई दे रही है: “संदेश, मैंने तुम्हें इन 8 सालों तक सिर्फ तुम्हारी इज्जत बचाने के लिए सहन किया। मैंने कहीं शिकायत नहीं की। लेकिन अब मेरी बेटी पर नजर डालना ठीक नहीं। अगर तुमने उसे परेशान किया तो मैं तुम्हें सबक सिखाऊंगी। मेरी बेटी के पास मत जाना।” यह क्लिप सोशल मीडिया पर तेजी से फैल रही है।
कई महिलाओं ने आरोप लगाया है कि इंस्पेक्टर उन्हें धमकाते हैं कि पुलिस आयुक्त, गृह मंत्री या किसी भी अधिकारी से शिकायत करने पर कोई फायदा नहीं होगा। अब तक तीन महिलाओं ने मुख्यमंत्री, गृह मंत्री, डीजीपी, मुख्य सचिव और राज्य महिला आयोग को शिकायत भेजी है, जिसमें उच्च स्तरीय जांच की मांग की गई है।
मंगलुरु पुलिस आयुक्त सुधीर कुमार रेड्डी ने जांच शुरू करने के साथ ही पीड़ित महिलाओं से अपील की है कि वे बिना डरे आगे आएं और शिकायत दर्ज कराएं। उन्होंने आश्वासन दिया है कि उचित कार्रवाई की जाएगी। महिला आयोग ने इसे गंभीर कदाचार और महिलाओं की सुरक्षा में लापरवाही बताते हुए कहा है कि अगर आरोप साबित हुए तो विभागीय कार्रवाई के साथ अनुशासनात्मक कदम उठाए जाएंगे।
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