
उत्तर प्रदेश: राजधानी लखनऊ से एक बेहद शर्मनाक और हैरान करने वाली घटना सामने आई है। यहां के एक निजी अस्पताल के 37 वर्षीय डॉक्टर पर अपनी ही एक मरीज के साथ ऑपरेशन थियेटर के अंदर दुष्कर्म करने का गंभीर आरोप लगा है। आरोपी ने वारदात को अंजाम देने से पहले महिला को नशीला इंजेक्शन लगाया था।
इस घिनौनी वारदात के उजागर होने के बाद राज्य सरकार ने बेहद सख्त रुख अपनाया है। प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री और उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने तत्काल प्रभाव से कड़े निर्देश जारी किए हैं। उनके आदेश पर संबंधित अस्पताल को सील कर दिया गया है और आरोपी डॉक्टर की मेडिकल डिग्री रद्द करने की कार्रवाई शुरू कर दी गई है।
पुलिस के अनुसार, 19 वर्षीय पीड़िता को तेज बुखार की शिकायत के बाद सोमवार को इस प्राइवेट अस्पताल में भर्ती कराया गया था। चूंकि पीड़िता अनुसूचित जाति समुदाय से ताल्लुक रखती है, इसलिए पुलिस ने दुष्कर्म की धाराओं के साथ-साथ एससी/एसटी एक्ट के तहत भी मामला दर्ज किया है।
पुलिस ने इस मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी डॉक्टर विजय कुमार गिरी को गिरफ्तार कर लिया है। बताया जा रहा है कि वह इलाके में एक किराए की इमारत में यह अस्पताल चला रहा था। पूछताछ के दौरान आरोपी ने अपना गुनाह भी कबूल कर लिया है। अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त ट्विंकल जैन ने बताया कि आरोपी को अदालत में पेश किया जा रहा है और अस्पताल को पूरी तरह से सील कर दिया गया है।
पुलिस के अनुसार महिला ने 21 मई को थाने पहुंचकर अपनी शिकायत दर्ज कराई। पीड़िता ने अपनी आपबीती में बताया कि मंगलवार को इलाज के दौरान डॉक्टर ने उसे अस्पताल के ऑपरेशन थियेटर में बुलाया था। वहां पहुंचने पर डॉक्टर ने सभी महिला कर्मचारियों को बाहर जाने के लिए कह दिया। इसके बाद उसने महिला को नशीला पदार्थ दिया और बेहोशी की हालत में उसके साथ दुष्कर्म किया।
पीड़िता की तहरीर के आधार पर पुलिस ने गुरुवार को आरोपी के खिलाफ विधिवत मुकदमा दर्ज कर लिया है। इस मामले में पुलिस ने अहम सबूत भी जुटाए हैं। घटना के वक्त आरोपी ने जो कपड़े पहने थे, उन्हें पुलिस ने अपने कब्जे में लेकर साक्ष्य के तौर पर सुरक्षित कर लिया है।
उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर इस घटना को लेकर जानकारी साझा की। उन्होंने बताया कि तेजस अस्पताल को सील करने और आरोपी डॉक्टर विजय गिरी का मेडिकल लाइसेंस निलंबित करने के कड़े निर्देश दे दिए गए हैं।
इसके साथ ही आयुर्वेद विभाग को यह भी निर्देश दिया गया है कि वह डॉक्टर की आयुर्वेदिक मेडिकल डिग्री को तत्काल जब्त करे। सरकार की मंशा है कि ऐसा कृत्य करने वाला व्यक्ति भविष्य में कभी भी किसी प्रकार की चिकित्सा जिम्मेदारी का निर्वहन न कर सके।
उपमुख्यमंत्री ने अपने संदेश में स्पष्ट किया कि उत्तर प्रदेश सरकार इस मुश्किल घड़ी में पीड़ित बेटी और उसके परिवार के साथ पूरी मजबूती से खड़ी है। उन्होंने जनता को आश्वासन दिया है कि इंसानियत को शर्मसार करने वाले इस आरोपी डॉक्टर को हर हाल में कड़ी से कड़ी सजा दिलाई जाएगी।
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