एमपी में नहीं थम रही दरिंदगी: सागर में 5 साल की मासूम से दुष्कर्म, प्रदेश में बढ़ते अपराधों ने बढ़ाई चिंता

साइकिल पर घुमाने का लालच देकर नाले में ले गया आरोपी, गिरफ्तार; NCRB रिपोर्ट में भी सामने आई भयावह तस्वीर -बच्चियों के खिलाफ अपराध तेजी से बढ़ रहे
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भोपाल। मध्यप्रदेश में महिलाओं और खासकर मासूम बच्चियों के खिलाफ बढ़ते अपराधों ने एक बार फिर समाज और प्रशासन दोनों को झकझोर कर रख दिया है। सागर जिले के महाराजपुर थाना क्षेत्र के एक गांव में 5 वर्षीय बालिका के साथ दुष्कर्म की दर्दनाक घटना सामने आई है। इस घटना ने न सिर्फ इलाके में भय का माहौल पैदा किया है, बल्कि यह भी सवाल खड़ा कर दिया है कि आखिर प्रदेश में बेटियां कब सुरक्षित होंगी।

क्या है घटना?

प्राप्त जानकारी के अनुसार, पीड़ित बालिका अपने घर के पास खेल रही थी। इसी दौरान गांव का रहने वाला 25 वर्षीय मनोज कोल वहां पहुंचा और उसने बच्ची को साइकिल पर घुमाने का लालच दिया। मासूम बच्ची उसके झांसे में आ गई और वह उसे अपने साथ ले गया। आरोपी उसे गांव के पास स्थित एक सुनसान नाले में ले गया, जहां उसने इस जघन्य वारदात को अंजाम दिया। घटना के बाद आरोपी मौके से फरार हो गया।

घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू की। परिजनों की शिकायत पर आरोपी के खिलाफ दुष्कर्म सहित अन्य गंभीर धाराओं में मामला दर्ज किया गया। पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए आरोपी की तलाश शुरू की और कुछ ही समय में उसे गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ के बाद आरोपी को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से कोर्ट ने उसे न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की गंभीरता को देखते हुए साक्ष्य जुटाने और चार्जशीट तैयार करने की प्रक्रिया तेजी से की जा रही है।

यह घटना प्रदेश में लगातार सामने आ रहे दुष्कर्म के मामलों की भयावह हकीकत को उजागर करती है। चिंता की बात यह है कि अब इन अपराधों का शिकार छोटी-छोटी बच्चियां भी बन रही हैं। समाज में बढ़ती ऐसी घटनाएं यह संकेत देती हैं कि अपराधियों के मन से कानून का डर कम होता जा रहा है।

मध्य प्रदेश में महिलाओं और विशेष रूप से बच्चों के साथ बढ़ती दुष्कर्म की घटनाओं को लेकर राज्य महिला आयोग की पूर्व सदस्य संगीता शर्मा ने गंभीर चिंता जताई है। उन्होंने ‘द मूकनायक’ से बातचीत में कहा कि प्रदेश की कानून-व्यवस्था पूरी तरह से कमजोर पड़ चुकी है, जिसका सीधा असर अपराधों में वृद्धि के रूप में सामने आ रहा है। शर्मा ने राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो (एनसीआरबी) के आंकड़ों का हवाला देते हुए कहा कि राज्य में लगातार ऐसे मामले सामने आ रहे हैं, जिनमें मासूम बच्चों को निशाना बनाया जा रहा है। उनका कहना है कि यह स्थिति बेहद चिंताजनक है और यह दर्शाती है कि अपराधियों में कानून का डर खत्म हो चुका है।

उन्होंने आगे कहा कि मौजूदा भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) सरकार के कार्यकाल में अपराधों में लगातार बढ़ोतरी देखी जा रही है, खासकर अनुसूचित जाति और जनजाति समुदाय की महिलाओं और बच्चों के खिलाफ। संगीता शर्मा के अनुसार, प्रदेश में “जंगलराज” जैसी स्थिति बन गई है, जहां कमजोर वर्ग सबसे ज्यादा असुरक्षित महसूस कर रहा है। उन्होंने सरकार से सख्त कदम उठाने, कानून व्यवस्था को मजबूत करने और पीड़ितों को न्याय दिलाने के लिए ठोस कार्रवाई करने की मांग की।

NCRB के आंकड़ों में स्थिति भयाभय

मध्य प्रदेश लंबे समय से महिलाओं के खिलाफ अपराधों, खासकर दुष्कर्म के मामलों में देशभर में चर्चा का विषय बना रहा है। वर्ष 2023 में भी स्थिति बहुत बेहतर नहीं रही। एनसीआरबी की रिपोर्ट बताती है कि प्रदेश दुष्कर्म की घटनाओं में देशभर में तीसरे स्थान पर रहा। यहां एक साल के भीतर 2,979 मामले दर्ज हुए। राजस्थान 5,078 घटनाओं के साथ सबसे ऊपर रहा, जबकि उत्तर प्रदेश में 3,516 मामले सामने आए।

यह आंकड़े साफ दिखाते हैं कि प्रदेश में महिलाओं की सुरक्षा अब भी बड़ी चुनौती बनी हुई है। हालाँकि सरकार ने महिलाओं की सुरक्षा के लिए कई योजनाएं और हेल्पलाइन नंबर शुरू किए हैं, लेकिन ज़मीनी स्तर पर इनका असर बहुत कम दिखाई दे रहा है।

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