Search Results

कुकी बाहुल्य क्षेत्र चुराचांदपुर जिले में न्यू लमका क्षेत्र के मुख्य मार्ग पर सुबह के समय पसरा सन्नाटा।
Rajan Chaudhary
5 min read
चुराचांदपुर जिले के लगभग सभी प्रवेश मार्ग भारी सुरक्षाबलों के घेरे में हैं. किसी भी व्यक्ति या वाहन का प्रवेश क्षेत्र में आसानी से नहीं हो सकता है. जिले को जोड़ने वाले क्षेत्रों को बफर जोन बना दिए गए ह ...
कुकी महिला लिली (Lily) को लीवर की गंभीर समस्या है। वह मुश्किल से खाना व पानी घूंट पाती है। दवाओं के लिए उसके पास पैसे नहीं हैं। उसका इलाज लगभग रुक चुका है क्योंकि सरकारी अस्पताल के डाक्टरों ने बताया कि स्टाक में दवाएं नहीं हैं। स्थान- रेंगकाई रिलीफ कैम्प, चुराचांदपुर।
Rajan Chaudhary
10 min read
कुकी बाहुल्य क्षेत्र में स्थित राहत शिविरों में कैंसर, लिवर और चिकनपॉक्स जैसी बीमारियों से आईडीपी (आंतरिक रूप से विस्थापित लोग) जूझ रहे हैं. प्राइवेट हॉस्पिटल में दवा कराने के लिए पैसे नहीं हैं. हिंसा ...
हिंसा प्रभावित ट्राइबल बाहुल्य क्षेत्र चुराचांदपुर जिले के एक राहत शिविर में आईडीपी (आंतरिक रूप से विस्थापित) बच्चियां, जो कभी स्कूल जातीं थीं. लेकिन हिंसा के दौरान उनकी किताबें और घर जला दिए गए. वह अब मायूश हैं और फिर से स्कूल जाना चाहती हैं.
Rajan Chaudhary
8 min read
मणिपुर में जातीय हिंसा के बाद स्कूली छात्रों की शिक्षा सबसे ज्यादा प्रभावित हुई है. मैतेई समुदाय के लगभग रिलीफ कैंपों के निकटवर्ती स्कूलों में राहत शिविरों के बच्चों का प्राइमरी स्कूलों में जोर देकर ए ...
मणिपुर के चुराचांदपुर जिले में कुकी छात्र
Rajan Chaudhary
2 min read
केंद्र सरकार ने 2023 के मणिपुर जातीय दंगों की जांच कर रहे आयोग को एक और विस्तार दिया है। अब इस समिति को अपनी विस्तृत रिपोर्ट 20 नवंबर 2026 तक सौंपनी होगी।
डाकघर में चिट्ठियां और पार्सल के ढेर
Satya Prakash Bharti
4 min read
जातीय हिंसा के बीच ठप हुई डाक सेवाएं, लगभग 100 दिन बाद सेना की सहायता से पहुंचे 870 बैग
आदिवासियों को 'अवैध अप्रवासी' बताने के नैरेटिव को चैलेन्ज करता चुराचांदपुर की पहाड़ी में, 1911 में बसा आदिवासियों का यह मोलवाईफे गांव (Muolvaiphei Village)
Rajan Chaudhary
7 min read
पहाड़ी में बसे ट्राइबल बाहुल्य चुराचांदपुर जिला प्रदेश में जातीय हिंसा के बाद सबसे संवेदनशील और चर्चा वाली जगह के रूप में उभरा है. हिंसा के बाद दो भागों में बंट चुके मणिपुर में चुराचांदपुर को संदेह की ...
Read More
द मूकनायक को सब्सक्राइब करें

'द मूकनायक' जनवादी पत्रकारिता करता है. यह संविधान, लोकतंत्र और सामाजिक न्याय पर चलने वाला मीडिया समूह है। अगर आप भी चाहते हैं कि 'द मूकनायक' हमेशा हाशिए पर खड़े लोगों की आवाज बुलंद करता रहे, बेजुबानों की पीड़ा दिखाते रहें तो सब्सक्राइब करें।

यहां सब्सक्राइब करें
The Mooknayak - आवाज़ आपकी
www.themooknayak.com