भीलवाड़ा भट्टी कांड: पिता के खेत में 14 साल की मासूम के साथ घंटों तक दरिंदगी, मार कर अवैध भट्टी में झोंका

जनाक्रोश देख हरकत में आई पुलिस, देर रात 4 गिरफ्तार
भीलवाड़ा बालिका हत्याकांड में आरोपी गिरफ्तार
भीलवाड़ा बालिका हत्याकांड में आरोपी गिरफ्तार

भीलवाड़ा। अप्रैल माह में उदयपुर के मावली में 8 साल की आदिवासी बालिका के साथ दुष्कर्म और शव को 10 टुकड़े कर फेंकने का दिल दहलाने वाला हादसा अभी लोगों के ज़ेहन से उतरा भी नहीं कि भीलवाड़ा में गुरुवार को एक और वीभत्स कांड सामने आया। जिले के कोटड़ी थाना क्षेत्र में 14 साल की किशोरी को उसके ही पिता के खेत में बने अवैध भट्टी में झोंक दिया गया। हत्या से पहले हबशियों ने घंटों तक किशोरी के साथ सामूहिक दुष्कर्म किया और आखिर में सबूत मिटाने के उद्देश्य से उसे जलती भट्टी में झोंक दिया। आरोपी मृतका के पिता के खेत पर बनी भट्टियों का अवैध संचालन करते थे और उनका बालिका के घर पर आना जाना भी था। सुबह बालिका मवेशी चराने अकेले खेतों की ओर निकली जिसका फायदा उठाते हुए आरोपियों ने उसके साथ वहशीपन कारित किया।

जनाक्रोश, विपक्ष और समाजजनों में बढ़ते रोष और दबाव को देखते हुए पुलिस हरकत में आई और इस सनसनी खेज वारदात का पुलिस ने 10 घंटे में खुलासा कर दिया।

पुलिस अधीक्षक आदर्श सिद्धू ने गुरुवार देर रात जारी प्रेस विज्ञप्ति में बताया कि मामले में चार आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। भीलवाड़ा निवासियों कान्हा पुत्र रंगलाल उम्र 21,कालु पुत्र रंगलाल उम्र 25, संजय पुत्र प्रभु उम्र 20 और पप्पु पुत्र अमरनाथ उर्फ अमरा उम्र 35 को गिरफ्तार किया गया है । पुलिस आरोपियों से गहन पूछताछ कर जाँच पड़ताल कर रही है।

क्या है घटनाक्रम?

3 अगस्त को पुलिस थाना कोटडी पर सूचना मिली कि घर से खेत पर बकरिया चराने गयी नाबालिग लड़की शाम तक घर वापस नहीं आई। इस पर लड़की की तलाश की गई। इस दौरान गांव वालों को खेतों में लापता लड़की की चप्पल मिलने पर पास में बसे डेरे के लोगों पर शंका हुई। डेरे के नजदीकी कोयले की भट्टियों को चेक करने पर लापता बालिका का पहना हुआ सामान मिला। इस पर पुलिस थाना कोटडी में बालिका से दुष्कर्म, हत्या एवं पॉक्सो की धाराओं में प्रकरण दर्ज किया गया।

भट्टी पर साक्ष्य एकत्र करती एफएसएल टीम
भट्टी पर साक्ष्य एकत्र करती एफएसएल टीम

6 थानों के जाब्ता, एफएसएल टीम और डॉग स्क्वॉड  पहुंची

मामले की गंभीरता को देखते हुए महानिरीक्षक पुलिस अजमेर रेन्ज लता मनोज, जिला कलेक्टर आशीष मोदी एवं पुलिस अधीक्षक आदर्श सिधू ने घटना स्थल पर पहुंच निरीक्षण किया। वारदात के संबंध में पुलिस व प्रशासनिक अधिकारियों को आवश्यक दिशा निर्देश दिये गये। साथ ही पीड़ित परिवारजनों को सांत्वना देते हुए आरोपियों के विरूद्ध शीघ्र एवं कठोर कार्यवाही करने का विश्वास दिलाया गया। उधर, वारदात के शीघ्र खुलासे के लिए पुलिस टीमों का गठन किया गया। वारदात स्थल का वैज्ञानिक आधार पर सूक्ष्मता से निरीक्षण करने के लिए एफएसएल, एमओबी टीम व डॉगस्क्वायड को बुलाया जाकर वैज्ञानिक तरीके से साक्ष्य संकलित किये गये। भट्टी में हड्डियां और अधजले अंग, चांदी का कड़ा मिला। आरोपितों की धरपकड़ के लिए सुनियोजित तरीके से विभिन्न स्थानों पर दबिश देकर वारदात के 10 घण्टे के भीतर 4 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। प्रकरण में अग्रिम अनुसंधान जारी है। उधर, दूसरी और पुलिस की ओर से जारी प्रेस विज्ञप्ति में गिरफ्तार आरोपितों के नामों का खुलासा नहीं किया गया।

अवैध भट्टियों का संचालन कैसे? 

हादसे के बाद मौके पर पहुंचे पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों को जन आक्रोश का सामना करना पड़ा। जहां इस वारदात को अंजाम दिया गया, वह खेत पीड़िता के घर से डेढ़ किलोमीटर दूर है। यहां पर कोयला बनाने के लिए पांच भट्टियां हैं, जिन्हें दो साल से चलाया जा रहा था। दैनिक भास्कर की रिपोर्ट के मुताबिक चार महीने पहले ही खेत में ये भट्टे पीड़िता के पिता ने आरोपियों को किराए पर दिए थे। पिता ने सोचा भी नहीं था, जिन्हें वो भट्ठा किराए पर दे रहा है, वही उसके परिवार के दुश्मन बन जाएंगे। चार महीने से यहां कोयला बनाने का काम हो रहा था। पीड़िता के भाई का कहना है कि कालबेलिया समुदाय के लोगों ने उनके खेत पर जबरन भट्टियां बना रखी है जो आसपास से पेड़ काटकर जलाते और कोयला बेचते थे। ग्रामीणों का कहना है कि प्रशासन को कई बार कहा लेकिन भट्टियां नहीं हटाई गई।

5 भट्ठियों को प्रशासन ने नाबालिग की हत्या के बाद खेत में संचालित हो रही सभी भट्ठियों को अवैध मानते हुए जेसीबी से तोड़ दिया। सभी भट्ठियों से निकाली गई राख व कोयले को पुलिस ने सुरक्षित रखा है। पुलिस अन्य भट्ठियों से निकले कोयले व राख की भी बारीकी से जांच करवाएगी।

दिन में बंद थी भट्टी, रात को जलते देख ठनका माथा

पुलिस को पीड़िता की मां ने बताया कि बच्ची जब दोपहर तक भी ना लौटी तो वे उसे खोजने के लिए खेत पर गए जहां उस वक्त सभी भट्टियां बंद थी। आरोपियों से भी परिजनों ने पूछा कि क्या उसे उन्होंने देखा है, तो सभी अनजान बने रहे। शाम को ग्रामीणों के साथ बालिका की खोज की और रात में भट्टी जलते देखा तो सभी आशंकित हो गए क्योंकि रात को बारिश के मौसम में भट्टी जलाई नहीं जाती। ग्रामीणों ने आरोपियों से सख्ती से पूछा तो उन्होंने अपराध स्वीकार कर लिया। इस बीच खेत में बालिका का जूता मिला।

इस घटना के बाद गुरुवार को मौके पर एफएसएल टीम को बुलाया गया। टीम के सदस्यों ने भट्ठी से करीब 300 किलोग्राम से ज्यादा राख व कोयलों को बाहर निकाला। उसे छानने के बाद 6 घंटे तक एक-एक कोयले को छांटकर नाबालिग के शरीर के कई टुकड़ों को ढूंढकर बाहर निकाला गया, इससे पहले जब भट्टी में पानी डालकर आग बुझाई गई तो दहकते कोयलों के बीच बच्ची के शरीर के अंग निकले। एक अधजला हाथ और चांदी का कड़ा अंगारों के बीच से निकला।

परिवार को आर्थिक राहत

बीज निगम अध्यक्ष धीरज गुर्जर ने सरकार की ओर से परिवार को 10 लाख रुपये, पीएम आवास योजना में आवास और अपनी तरफ से 2.5 लाख रुपये की घोषणा की।

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