चित्तौड़गढ़ पुलिस से जुड़ा बड़ा RTI खुलासा: नही दर्ज होती है पुलिस कर्मियों की Attendance! बिना उपस्थिति जाने कैसे सरकार दे रही वेतन?

सूचना के अधिकार में मांगी गई सूचना पर चित्तोड़गढ़ पुलिस ने जवाब दिया कि समस्त थानों में उपस्थिति रजिस्टर का संधारण नहीं किया जाता है और ना ही बायोमेट्रिक उपस्थिति दर्ज की जाती है।
चित्तोड़गढ़ में पुलिस कर्मियों की हाजरी दर्ज करने की कोई व्यवस्था ही नही है, न तो बायोमेट्रिक व्यवस्था है और न ही कोई उपस्थिति रजिस्टर, जब चाहे जाओ जब चाहे मत जाओ, सैलेरी तो मिलती रहेगी।
चित्तोड़गढ़ में पुलिस कर्मियों की हाजरी दर्ज करने की कोई व्यवस्था ही नही है, न तो बायोमेट्रिक व्यवस्था है और न ही कोई उपस्थिति रजिस्टर, जब चाहे जाओ जब चाहे मत जाओ, सैलेरी तो मिलती रहेगी।
Published on

— ✍️ Jaywant Bherviya

सरकारी विभागों में बिना हाजरी के वेतन नही मिलता, ऐसा सभी सरकारी विभागों में नियम है, राजस्थान में ऐसा कोई सरकारी विभाग ही नही है जिनमे कार्य करने वाले कर्मचारियों और अधिकारियों की उपस्थिति दर्ज न की जाती हो और बिना उपस्थिति के ही वेतन दिया जाता हो, केवल पुलिस विभाग ही एक ऐसा विभाग है जहाँ हाजरी की जरूरत नही पड़ती , ऐसा हम नही कहते बल्कि चित्तौड़गढ़ पुलिस खुद अपने RTI के अंतर्गत दिए गए जवाब से ये बता रही है।

एक और जहाँ सरकार ने सरकारी कार्मिको की उपस्थिति और जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिये बायोमेट्रिक हाजरी की व्यवस्था की है वही दूसरी और चित्तोड़गढ़ पुलिस विभाग में पुलिस कर्मियों की हाजरी दर्ज करने की कोई व्यवस्था ही नही है, न तो बायोमेट्रिक व्यवस्था है और न ही कोई उपस्थिति रजिस्टर, जब चाहे जाओ जब चाहे मत जाओ, सैलेरी तो मिलती रहेगी।

जब हाजरी का कोई रिकॉर्ड ही नही रखा जाएगा तो फिर बिना काम के ही सरकार वेतन देती रहेगी और करोड़ो का नुकसान अलग होगा।, यदि उच्चाधिकारियों की मेहरबानी रही तो नियुक्ति कही और की जायेगी और वेतन कही और से उठाया जाएगा। खामियों की वजह से तो कई बार तो घर बैठे ही कार्मिक को ड्यूटी पर होना बताया जा सकता है।

चित्तोड़गढ़ में पुलिस कर्मियों की हाजरी दर्ज करने की कोई व्यवस्था ही नही है, न तो बायोमेट्रिक व्यवस्था है और न ही कोई उपस्थिति रजिस्टर, जब चाहे जाओ जब चाहे मत जाओ, सैलेरी तो मिलती रहेगी।
बिहार की बेटियां '20-25 हजार में बिकाऊ'?उत्तराखंड मंत्री पति के वायरल बयान से भड़का तूफान!

चित्तौड़ गढ़ जिला पुलिस से सूचना के अधिकार में मांगी गई सूचना :-

(1.) चित्तोडगढ जिले के किन किन पुलिस थानो मे समस्त पुलिसकर्मियों की उपस्थिति रजिस्टर मे उपस्थिति दर्ज की जाती है उसकी जानकारी प्रदान करायी जावे।

(2.) चित्तोडगढ जिले के किन किन पुलिस थानो में समस्त कार्मिको की बायोमेट्रिक उपस्थिति दर्ज की जाती है, उसकी जानकारी प्रदान करायी जावे।

(3.) यह कि इस आवेदन की प्राप्ति दिनांक, आवेदन का कमांक की जानकारी प्रति प्रदान करावे।

प्रदत्त जवाब :-

(1) समस्त थानों में उपस्थिति रजिस्टर का संधारण नहीं किया जाता है।

(2) समस्त थानों में बायोमेट्रिक उपस्थिति दर्ज नहीं की जाती है।

(3) आपका आवेदन पत्र दिनांक 11.07.2025 को प्राप्त हुआ है, पत्र सूचनार्थ प्रेषित है। प्रथम अपील अधिकारी श्रीमान् जिला पुलिस अधीक्षक चित्तौडगढ़ है. जिनके दूरभाष नं० 01472-240006 है।

पुलिस दे सकती है सी टी एन एस पर हाजरी दर्ज करने का तर्क

पुलिस सी टी एन एस पर हाजरी दर्ज करने का तर्क दे सकती है, जबकि सीटीएनएस में उपस्थिति दर्ज करने की व्यवस्था तो पूर्ण रूप से अविश्वसनीय है क्योंकि उसमें एक कार्मिक द्वारा गिनती कर उपस्थिति दर्ज की जाती है। राज्य सरकार ने रजिस्टर में प्रत्येक कार्मिक द्वारा हस्ताक्षर करने की व्यवस्था को भी विश्वसनीय नही माना इसलिए प्रत्येक कार्मिक के हस्ताक्षर के बिना केवल एक कार्मिक द्वारा गिनती करके दर्ज सीटीएनएस पर उपस्थिति अंकित करना तो पूरी तरह से गलत है।

स्पष्ट है चित्तौड़गढ़ जिला पुलिस प्रशासन पुलिस कार्मिकों की उपस्थिति के सम्बंध में गंभीर नही है इसीलिए विभाग ने पुलिस थानो में कार्यरत अधिकारीयो व कार्मिको को उनकी उपस्थिति दर्ज कराने हेतु अपनायी जाने वाली प्रक्रिया से संबंधित आदेश, नियम, परिपत्र की प्रमाणित प्रति औऱ भुगतान किए जाने वाले वेतन की जानकारी मांगे जाने पर आज तक उपलब्ध नही करवाई है।

चित्तौड़गढ़ में मौखिक आदेश से पदस्थापित कार्मिकों की सूचना मांगे जाने पर भी विभाग ने निजी सूचना और लोक हित से संबंधित न होना बताकर देने से इनकार कर दिया ।

चित्तोडगढ जिले के पुलिस विभाग के कार्यालयो में बायोमेट्रिक प्रणाली द्वारा उपस्थिति दर्ज कराने की व्यवस्था सुनिश्चित कराने व विधि विपरीत जारी वेतन की वसूली के संबंध में आई जी पुलिस को भी जरिये रजिस्टर्ड डाक पत्र लिखा गया है।

अब देखने वाली बात ये है कि सरकार क्या एक्शन लेती है?, लेती भी है या नही, या फिर कहा जाए कि ये व्यवस्था तो यू ही चलेगी..?

-लेखक एक स्वतंत्र पत्रकार और आरटीआई एक्टिविस्ट हैं।

चित्तोड़गढ़ में पुलिस कर्मियों की हाजरी दर्ज करने की कोई व्यवस्था ही नही है, न तो बायोमेट्रिक व्यवस्था है और न ही कोई उपस्थिति रजिस्टर, जब चाहे जाओ जब चाहे मत जाओ, सैलेरी तो मिलती रहेगी।
चेन्नई: क्यों प्रदूषित कूवम नदी में उतरकर सफाईकर्मी बने अपनी ही जान के दुश्मन? एक महिला की मौत | क्या सो रही है स्टालिन सरकार?
चित्तोड़गढ़ में पुलिस कर्मियों की हाजरी दर्ज करने की कोई व्यवस्था ही नही है, न तो बायोमेट्रिक व्यवस्था है और न ही कोई उपस्थिति रजिस्टर, जब चाहे जाओ जब चाहे मत जाओ, सैलेरी तो मिलती रहेगी।
ग्वालियर हाईकोर्ट में अनिल मिश्रा केस: बहस पूरी, फैसला सुरक्षित- बाबा साहब अपमान मामले में अब सस्पेंस!

द मूकनायक की प्रीमियम और चुनिंदा खबरें अब द मूकनायक के न्यूज़ एप्प पर पढ़ें। Google Play Store से न्यूज़ एप्प इंस्टाल करने के लिए यहां क्लिक करें.

The Mooknayak - आवाज़ आपकी
www.themooknayak.com