
उत्तर प्रदेश में 2027 के विधानसभा चुनावों से पहले कांग्रेस ने अपने सामाजिक न्याय अभियान को तेज कर दिया है। गुरुवार को राजर्षि छत्रपति शाहू महाराज की जयंती के अवसर पर पार्टी ने 'बहुजन विचार' अभियान का आगाज किया। इस दौरान कांग्रेस ने राहुल गांधी के 'जितनी आबादी, उतना हक' के नारे को एक बार फिर मजबूती से उठाया। साथ ही जातिगत जनगणना, आरक्षण और आर्थिक सत्ता के केंद्रीकरण के मुद्दे पर भारतीय जनता पार्टी को आड़े हाथों लिया।
राजधानी लखनऊ में कांग्रेस के ओबीसी और अनुसूचित जाति (एससी) विभाग द्वारा एक विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस मौके पर पार्टी नेताओं ने आरक्षण नीतियों के प्रणेता माने जाने वाले शाहू महाराज को अपनी वैचारिक नींव के रूप में पेश किया। नेताओं का स्पष्ट कहना था कि जनसंख्या के आधार पर आनुपातिक प्रतिनिधित्व की मांग इसी विचारधारा का एक अहम हिस्सा है।
पार्टी के ओबीसी विभाग के राष्ट्रीय अध्यक्ष अनिल जयहिंद ने इस दौरान अपनी बात प्रमुखता से रखी। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, राहुल गांधी और प्रियंका गांधी वाड्रा के नेतृत्व में कांग्रेस शाहू महाराज की विरासत को आगे बढ़ा रही है। उनका मुख्य उद्देश्य वंचित समुदायों के लिए न्याय, शिक्षा और सत्ता में उचित भागीदारी सुनिश्चित करना है।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय ने भी इस मंच से बीजेपी और आरएसएस पर तीखा प्रहार किया। उन्होंने दावा किया कि अयोध्या के राम मंदिर में चढ़ावे से जुड़े विवाद को लेकर जनता में भारी रोष पनप रहा है, जिसका सीधा असर 2027 के विधानसभा चुनावों के नतीजों पर पड़ेगा।
पार्टी विधायक वीरेंद्र चौधरी ने समय पर जातिगत जनगणना पूरी करने की पुरजोर मांग उठाई। उनका जोर इस बात पर था कि नौकरियों और सरकारी संस्थाओं में आरक्षण व प्रतिनिधित्व पूरी तरह से आबादी के अनुपात में ही मिलना चाहिए।
एससी विभाग के राष्ट्रीय अध्यक्ष राजेंद्र पाल गौतम ने मौजूदा सरकार पर संस्थाओं का इस्तेमाल करके दलितों और हाशिए के समुदायों को कमजोर करने का गंभीर आरोप लगाया। वहीं, बाराबंकी के सांसद तनुज पुनिया ने राहुल गांधी को एक ऐसा मजबूत नेता बताया जो संविधान की रक्षा करते हुए पिछड़ों, दलितों और वंचितों को उनका हक दिला सकते हैं।
इस बीच, सीतापुर के सांसद राकेश राठौर ने बीजेपी के साथ खड़े ओबीसी नेताओं पर निशाना साधते हुए कहा कि वे अपने ही समाज के हितों से समझौता कर रहे हैं। पूर्व सांसद रवि वर्मा ने भी सामाजिक न्याय और आरक्षण के क्षेत्र में शाहू महाराज के ऐतिहासिक योगदान को याद किया।
कार्यक्रम के अंत में प्रदेश ओबीसी विभाग के प्रमुख मनोज यादव ने पार्टी की आगामी रणनीति का ऐलान किया। उन्होंने घोषणा की कि 'बहुजन विचार' जनसंपर्क अभियान को सूबे के हर जिले तक पहुंचाने के लिए कांग्रेस अगले एक महीने तक पूरे उत्तर प्रदेश में सेमिनार और पदयात्राएं आयोजित करेगी।
लखनऊ में आयोजित इस महत्वपूर्ण कार्यक्रम में अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के सचिव जितेंद्र बघेल और हरियाणा से राज्यसभा सांसद करमवीर सिंह बौद्ध ने भी अपनी विशेष उपस्थिति दर्ज कराई। यह पूरी कवायद इस बात का साफ इशारा है कि पार्टी ने आगामी विधानसभा चुनावों के मद्देनजर ओबीसी और दलित वोटरों को लामबंद करने की पूरी तैयारी कर ली है।
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