'RTGS चोर' पोस्टर अभियान से घिरे कर्नाटक भाजपा अध्यक्ष ने कांग्रेस से मांगी माफी, जानिये क्या है पूरा मामला

दावणगेरे में बयान से भड़के थे कांग्रेस कार्यकर्ता, अब भाजपा नेता ने कोलार में दी सफाई
कर्नाटक भाजपा अध्यक्ष बी.वाई. विजयेंद्र ने कांग्रेस नेताओं के लिए इस्तेमाल किए गए आपत्तिजनक शब्दों पर माफी मांगी.
कर्नाटक भाजपा अध्यक्ष बी.वाई. विजयेंद्र ने कांग्रेस नेताओं के लिए इस्तेमाल किए गए आपत्तिजनक शब्दों पर माफी मांगी.
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बेंगलुरु/कोलार- कांग्रेस कार्यकर्ताओं के आक्रोश और अपने खिलाफ शुरू हुए पोस्टर अभियान के बाद कर्नाटक भाजपा अध्यक्ष बी.वाई. विजयेंद्र ने कांग्रेस नेताओं के लिए इस्तेमाल किए गए आपत्तिजनक शब्दों पर माफी मांग ली है। उन्होंने कहा कि ये बातें गुस्से में कही गई थीं और किसी को आहत करने की उनकी मंशा नहीं थी।

पूरे विवाद की शुरुआत दावणगेरे में विजयेंद्र की प्रेस कॉन्फ्रेंस से हुई। वहां उन्होंने आरक्षण के मुद्दे पर कांग्रेस सरकार को घेरते हुए कांग्रेस नेताओं के खिलाफ तीखी और आपत्तिजनक भाषा का इस्तेमाल किया। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार शोषित और वंचित समुदायों के साथ अन्याय कर रही है। उनका यह भी कहना था कि कांग्रेस सरकार राजनीतिक नाटक कर रही है और कर्नाटक हाईकोर्ट में आरक्षण मामले की ठीक से पैरवी करने में नाकाम रही है।

31 अक्टूबर को बी.वाई. विजयेंद्र ने दावणगेरे में एक जनसभा के दौरान बेहद विवादास्पद बयान दिया। आरक्षण नीतियों, केपीएससी (KPSC) में रिक्तियों और जरूरी चीजों की कीमतों में बढ़ोतरी जैसे मुद्दों पर कांग्रेस सरकार पर निशाना साधते हुए, उन्होंने कांग्रेस नेतृत्व के खिलाफ अपमानजनक और अनादरपूर्ण भाषा का इस्तेमाल किया। कांग्रेस नेताओं ने इस भाषा की निंदा करते हुए कहा कि एक जिम्मेदार संगठनात्मक पद पर बैठे सार्वजनिक व्यक्ति को ऐसी भाषा का इस्तेमाल नहीं करना चाहिए। इससे नाराज कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने पूरे राज्य में विरोध प्रदर्शन किए।

‘RTGS चोर' लिखे पोस्टर लगे

विजयेंद्र की टिप्पणियों से नाराज कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने जवाबी कदम के तौर पर उनके खिलाफ पोस्टर अभियान शुरू कर दिया। पोस्टरों में उन्हें ‘RTGS चोर' कहा गया। ये पोस्टर बेंगलुरु के डॉलर्स कॉलोनी में उनके पिता और पूर्व मुख्यमंत्री बी.एस. येदियुरप्पा के आवास के पास तथा विजयेंद्र के अपने आवास के पास लगाए गए।

येदियुरप्पा के आवास की चारदीवारी पर भी विजयेंद्र की आलोचना करता एक पोस्टर चिपकाया गया, जिसे बाद में आवास के कर्मचारियों ने हटा दिया। माना जा रहा है कि यह पोस्टर उनकी हालिया टिप्पणियों के विरोध में लगाया गया था।

बढ़ते विवाद के बीच मंगलवार को कोलार में पत्रकारों से बात करते हुए विजयेंद्र ने माना कि दावणगेरे में उन्होंने कुछ शब्दों का प्रयोग किया था, लेकिन वह जानबूझकर नहीं था।

उन्होंने कहा, "मैं मानता हूं कि मैंने दावणगेरे में कुछ शब्द कहे, लेकिन मैंने उन्हें जानबूझकर इस्तेमाल नहीं किया। अगर मेरे शब्दों से कांग्रेस नेताओं को ठेस पहुंची है, तो मैं माफी मांगता हूं।"

अपनी टिप्पणियों की वजह बताते हुए विजयेंद्र ने कहा कि युवाओं में बढ़ती बेरोजगारी और आरक्षण मुद्दे पर कांग्रेस सरकार के रवैये से वे नाराज थे। उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य भर में बेरोजगार युवाओं को सरकार के खिलाफ सड़कों पर उतरना पड़ा है।

उन्होंने कर्नाटक लोक सेवा आयोग (KPSC) में कथित अनियमितताओं को लेकर भी सरकार पर निशाना साधा। विजयेंद्र का आरोप है कि सरकार जरूरी सुधार शुरू करने में विफल रही और हाईकोर्ट में आरक्षण मामले में अपना पक्ष प्रभावी ढंग से नहीं रख सकी।

विजयेंद्र की माफी के बाद यह मामला एक नए मोड़ पर पहुंच गया है। इससे सत्तारूढ़ कांग्रेस और विपक्षी भाजपा के बीच चल रही राजनीतिक खींचतान और तेज होने के आसार हैं। अब देखना होगा कि कांग्रेस नेता और कार्यकर्ता इस माफी को स्वीकार करते हैं या नहीं।

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