लाल और हरे के बीच अब सपा पर चढ़ रहा 'नीला' रंग, क्या है अखिलेश यादव का नया 'PDA' मास्टरस्ट्रोक?

समाजवादी छात्र सभा के नए ड्रेस कोड और अखिलेश यादव की रणनीति में 'नीले' रंग की जोरदार एंट्री, जानिए सपा के इस नए 'PDA' मास्टरस्ट्रोक के असली सियासी मायने।
Akhilesh Yadav
सपा के लाल-हरे रंग में अब 'नीला' भी शामिल। समाजवादी छात्र सभा का नया ड्रेस कोड और अखिलेश यादव का PDA प्लान यूपी की राजनीति में क्या गुल खिलाएगा?
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उत्तर प्रदेश: समाजवादी पार्टी की पहचान शुरुआत से ही लाल और हरे रंग से रही है। लेकिन अब पार्टी के रंग-ढंग में एक बड़ा बदलाव देखने को मिल रहा है। दलित विमर्श और प्रतिरोध का सबसे सशक्त प्रतीक माना जाने वाला 'नीला' रंग अब तेजी से सपा की रंग योजना में अपनी खास जगह बना रहा है।

इसी कड़ी में समाजवादी पार्टी की छात्र विंग, यानी 'समाजवादी छात्र सभा' अब एक बिल्कुल नए और आधुनिक अवतार में नजर आने वाली है। आज की 'जेन जेड' (Gen Z) पीढ़ी की पसंद को ध्यान में रखते हुए इस विंग का नया ड्रेस कोड तैयार किया गया है। अब छात्र नेता नीली टी-शर्ट के साथ जींस, या फिर नीले रंग की ही शर्ट और पैंट पहने दिखाई देंगे।

पार्टी में नीले रंग की यह एंट्री अचानक नहीं हुई है। बीते 31 अगस्त को पूरे राज्य के जिलाध्यक्षों और महानगर अध्यक्षों की एक अहम बैठक हुई थी। इस दौरान सपा मुखिया अखिलेश यादव और राष्ट्रीय महासचिव शिवपाल यादव समेत कई बड़े नेता नीले रंग का स्कार्फ पहने नजर आए थे। इस नीले स्कार्फ पर लाल रंग से पार्टी का चुनाव चिह्न 'साइकिल' छपा हुआ था।

इससे पहले पार्टी के नेता मुख्य रूप से लाल और हरे रंग का स्कार्फ पहनते थे। साल 2024 के लोकसभा चुनाव के दौरान इसकी जगह लाल रंग के चेक वाले गमछे ने ले ली थी। 31 अगस्त की बैठक में जब पार्टी पदाधिकारियों से नीले स्कार्फ को लेकर सवाल किया गया, तो उन्होंने कोई सीधा जवाब देने से परहेज किया था।

सपा नेताओं का तर्क है कि नीला रंग उस विशाल और खुले आसमान का प्रतीक है, जिसके नीचे हर इंसान बराबर है और जहां जाति आधारित कोई भेदभाव नहीं है। इसके अलावा, यह बात भी किसी से छिपी नहीं है कि नीला रंग डॉ. बी.आर. अंबेडकर का व्यक्तिगत पसंदीदा रंग था। दलित समाज की पहचान बन चुका यह रंग अब सपा के 'पीडीए' (PDA) अभियान का एक अभिन्न हिस्सा बन गया है।

छात्र सभा के इस नए ड्रेस कोड का औपचारिक ऐलान अगले कुछ दिनों के भीतर होने की उम्मीद है। इसके लिए लखनऊ स्थित सपा मुख्यालय में एक विशेष कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। सूत्रों के मुताबिक, पार्टी नेतृत्व ने अपने इस छात्र संगठन को अन्य संगठनों से बिल्कुल अलग और एक नई पहचान देने का फैसला किया है।

हालांकि, इन बदलावों के बावजूद समाजवादी छात्र सभा के लोगो (Logo) में कोई फेरबदल नहीं किया गया है। इसके लोगो का आकार और मूल रंग योजना यानी लाल और हरा पहले की तरह ही आधिकारिक रूप से बरकरार रहेंगे।

पार्टी के रणनीतिकारों का मानना है कि छात्र सभा में ज्यादातर युवा 'जेन जेड' से आते हैं, इसलिए उनके लिए वह रंग चुना गया जो उनमें सबसे ज्यादा लोकप्रिय है। आजकल के युवाओं को नीले रंग के शेड्स, जैसे डेनिम जींस या डेनिम शर्ट्स काफी पसंद आते हैं। एक वरिष्ठ पदाधिकारी के अनुसार, इसी वजह से पार्टी आलाकमान ने नीला रंग चुनने का फैसला किया, जो आज के युवाओं के मिजाज से पूरी तरह मेल खाता हो।

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