
नई दिल्ली: उत्तराखंड के हल्द्वानी में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे की रैली के बाद कथित 'शुद्धिकरण यज्ञ' को लेकर विवाद गहराता जा रहा है। सोमवार, 7 सितंबर को कांग्रेस के अनुसूचित जाति (एससी) और अनुसूचित जनजाति (एसटी) वर्ग के 32 सांसदों ने इस मुद्दे पर एक अहम बैठक की। इस दौरान सर्वसम्मति से यह निर्णय लिया गया कि वे इस घटना के विरोध में भारत की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को एक ज्ञापन सौंपकर उनके हस्तक्षेप की मांग करेंगे।
यह महत्वपूर्ण बैठक कांग्रेस मुख्यालय इंदिरा भवन में आयोजित की गई थी। बैठक के दौरान सभी सांसदों ने हल्द्वानी की इस घटना पर गहरा आक्रोश व्यक्त किया। उनका स्पष्ट रूप से कहना था कि यह कृत्य एससी और एसटी समुदायों की गरिमा तथा उनके आत्मसम्मान पर एक बहुत बड़ा प्रहार है। नेताओं ने इस अनुष्ठान को समानता के संवैधानिक मूल्यों और अस्पृश्यता उन्मूलन के सिद्धांतों का सीधा अपमान करार दिया।
इस पूरे प्रकरण पर जानकारी देते हुए लोकसभा सांसद मल्लू रवि ने बताया कि कांग्रेस अध्यक्ष की जनसभा के बाद हुए इस चौंकाने वाले वाकये पर सांसदों के बीच गहन चर्चा हुई है। उन्होंने कहा कि इस तरह की मानसिकता के खिलाफ हर स्तर पर लंबी लड़ाई लड़ने के लिए एक संसदीय मंच बनाने का फैसला लिया गया है। इसके अलावा, मंगलवार को राष्ट्रपति के समक्ष इस संबंध में एक आधिकारिक प्रतिवेदन भी प्रस्तुत किया जाएगा।
राष्ट्रपति से इस मामले में तत्काल हस्तक्षेप और दोषियों पर उचित कार्रवाई की मांग को लेकर सांसदों ने अपने ज्ञापन को अंतिम रूप दे दिया है। यह नवगठित संसदीय मंच विशेष रूप से एससी और एसटी समुदायों से जुड़े अहम मुद्दों को प्रमुखता से उठाएगा। इस महत्वपूर्ण बैठक में कांग्रेस नेता के. राजू और राजेंद्र पाल गौतम भी विशेष रूप से उपस्थित रहे। के. राजू ने स्पष्ट किया कि यह प्रस्तावित मंच संसद के भीतर दलित और आदिवासी समुदायों की चिंताओं को मजबूती से उठाने की रणनीति तैयार करेगा।
गौरतलब है कि यह कथित शुद्धिकरण अनुष्ठान 11 अगस्त को आयोजित किया गया था। यह घटना मल्लिकार्जुन खरगे द्वारा उसी स्थान पर एक विशाल जनसभा को संबोधित करने के ठीक तीन दिन बाद अंजाम दी गई थी। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता राहुल गांधी ने इस कृत्य की पहले ही कड़ी निंदा की थी। इसके साथ ही उन्होंने जिम्मेदार लोगों के खिलाफ अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम के तहत तुरंत एफआईआर दर्ज करने की सख्त मांग उठाई थी।
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