
नई दिल्ली। दिल्ली सरकार के पूर्व मंत्री राजेंद्र पाल गौतम के अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (एआईसीसी) के अनुसूचित जाति (एससी) विभाग के चेयरमैन के रूप में एक वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में आज राजधानी में एक भव्य कार्यक्रम का आयोजन किया गया. नई दिल्ली के 24 अकबर रोड स्थित कांग्रेस मुख्यालय में आयोजित इस गरिमामयी समारोह में बड़ी संख्या में पार्टी कार्यकर्ताओं, समर्थकों और बहुजन समुदाय के लोगों ने हिस्सा लिया.
इस विशेष अवसर पर कांग्रेस के एससी, एसटी, ओबीसी और अल्पसंख्यक विभाग के नेशनल कोर्डिनेटर के. राजू विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहे. कार्यक्रम के दौरान कार्यकर्ताओं और उपस्थित जनसमूह ने राजेंद्र पाल गौतम के एक वर्ष के सफल कार्यकाल की सराहना की और इसे विभाग की ऐतिहासिक सक्रियता का वर्ष बताया.
समारोह को संबोधित करते हुए राजेंद्र पाल गौतम ने राष्ट्र निर्माण और सामाजिक चेतना में अद्वितीय योगदान देने वाले बहुजन महापुरुषों को याद किया. उन्होंने राष्ट्रपिता ज्योतिराव फुले, सावित्रीबाई फुले, फातिमा शेख, नारायण गुरु, पेरियार रामास्वामी नायकर, संत गाडगे बाबा, संत घासीदास, डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर, माता रमाबाई, बाबू जगजीवन राम, बुद्ध प्रिय मौर्य और मान्यवर कांशीराम सहित समाज के सभी मार्गदर्शकों के चरणों में कोटि-कोटि नमन किया.
अपने संबोधन में राजेंद्र पाल गौतम ने केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि आज देश का संविधान और लोकतंत्र गंभीर खतरे में है. उन्होंने राज्यसभा नामांकन रद्द किए जाने जैसी हालिया घटनाओं का जिक्र करते हुए इसे लोकतंत्र की खुली लूट और हत्या करार दिया. उन्होंने आरोप लगाया कि मौजूदा शासन केवल वोट की चोरी नहीं, बल्कि पूरे चुनाव की चोरी कर रहा है और आने वाली पीढ़ियों को फिर से गुलाम बनाना चाहता है.
पूर्व मंत्री ने विदेश नीति और राष्ट्रीय सुरक्षा के मुद्दे पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को आड़े हाथों लिया. उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार विदेशी शक्तियों के सामने पूरी तरह सरेंडर कर चुकी है. भारतीय जहाजों पर हुए हमलों और नागरिकों की जान जाने के बावजूद सरकार ने दृढ़ता से विरोध दर्ज कराने के बजाय आत्मसमर्पण की नीति अपनाई है, जो बेहद चिंताजनक है.
कांग्रेस के ऐतिहासिक योगदान को याद करते हुए गौतम ने कहा कि देश को एकजुट रखने और आधुनिक भारत के निर्माण का श्रेय कांग्रेस के नेतृत्व और डॉ. आंबेडकर, महात्मा गांधी, पंडित नेहरू, सरदार पटेल तथा मौलाना आजाद जैसे नेताओं को जाता है. उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने एम्स, आईआईटी, आईआईएम, भेल, गेल, सेल और ओएनजीसी जैसे विशाल संस्थानों का निर्माण किया और बैंकों का राष्ट्रीयकरण कर दलित-वंचितों के लिए आगे बढ़ने के रास्ते खोले.
उन्होंने केंद्र की भाजपा सरकार की नीतियों की तुलना करते हुए कहा कि जिसने देश को बनाया, उसे दर्द का अहसास होता है, लेकिन बेचने वालों को कोई दर्द नहीं होता. उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा ने सैकड़ों पीएसयू को बेच दिया, मर्जर के नाम पर सरकारी स्कूलों को बंद किया और शिक्षा को इतना महंगा कर दिया कि गरीब, मजदूर, दलित और पिछड़े वर्ग के बच्चे उच्च शिक्षा छोड़ने या आत्महत्या करने को मजबूर हैं.
राजेंद्र पाल गौतम ने देश में बढ़ रही नफरत और विभाजनकारी ताकतों पर भी गहरी चिंता व्यक्त की. उन्होंने कहा कि नोटबंदी और काले कानूनों के जरिए देश के किसानों व मजदूरों को प्रताड़ित किया गया. समाज में जाति और धर्म के नाम पर नफरत फैलाई जा रही है, दलितों पर अत्याचार हो रहे हैं और अपराधियों को सम्मानित किया जा रहा है. उन्होंने याद दिलाया कि आजादी के आंदोलन के वक्त वर्तमान सत्ता के वैचारिक पूर्वज अंग्रेजों के साथ खड़े थे, इसलिए राष्ट्र निर्माण में इनका कोई योगदान नहीं है.
पार्टी के शीर्ष नेतृत्व को आश्वस्त करते हुए गौतम ने कहा कि हाल ही में हुई वरिष्ठ नेतृत्व की बैठक में तय किया गया है कि देश को बचाने के लिए किसी भी कुर्बानी से पीछे नहीं हटा जाएगा. उन्होंने आदरणीय राहुल गांधी को संबोधित करते हुए कहा कि बहुजन समाज हमेशा से वफादार रहा है और जब तक वे देश के प्रधानमंत्री नहीं बन जाते, तब तक यह समाज उनके साथ मजबूती से खड़ा रहेगा.
उन्होंने कार्यकर्ताओं से आह्वान किया कि वे गांव-गांव, कस्बे-कस्बे और बस्तियों में जाकर संविधान और लोकतंत्र की रक्षा के लिए आर-पार की लड़ाई लड़ें. उन्होंने कहा कि हम सरकारी जांच एजेंसियों, पुलिस और जेलों से डरने वाले नहीं हैं, हमारी जनसंख्या के आगे सरकार की जेलें भी छोटी पड़ जाएंगी.
अपने सफल कार्यकाल का श्रेय पूरी टीम को देते हुए राजेंद्र पाल गौतम ने कहा कि भाजपा का '12 साल बेमिसाल' का नारा खोखला है, क्योंकि उन्होंने देश को कंगाल कर दिया है और उनके नेता मालामाल हो चुके हैं. इसके विपरीत, एआईसीसी एससी विभाग का यह एक साल सभी नेशनल कोऑर्डिनेटर्स, स्टेट प्रेसिडेंट्स, वॉलंटियर्स और सिविल सोसाइटी के सामूहिक प्रयासों की वजह से सचमुच बेमिसाल रहा है.
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