नार्थ ईस्ट का अनुभव, दलित ईसाई पहचान: Christopher Tilak को राज्यसभा उम्मीदवार बनाकर कांग्रेस ने साधा अल्पसंख्यक-दलित समीकरण!

ईसाई दलित वोट बैंक पर नजर: क्रिस्टोफर तिलक लंबे समय से तमिलनाडु के तटीय इलाकों, खासकर चेन्नई, कन्याकुमारी, थूथुकुडी, तिरुनेलवेली और मदुरै में मछुआरा समुदाय के मुद्दों को आवाज देते रहे हैं।
 क्रिस्टोफ़र ने कहा, "मेरा फोकस पिछड़े तबकों, खासकर महिलाओं और दलितों, माइनॉरिटीज़, और पिछड़े वर्ग के समुदायों के मुद्दों पर होगा।"
क्रिस्टोफ़र ने कहा, "मेरा फोकस पिछड़े तबकों, खासकर महिलाओं और दलितों, माइनॉरिटीज़, और पिछड़े वर्ग के समुदायों के मुद्दों पर होगा।"
Published on

तमिलनाडु से अखिल भारतीय कांग्रेस कमिटी (एआईसीसी) के सचिव एम. क्रिस्टोफर तिलक (53) को कांग्रेस पार्टी ने आधिकारिक तौर पर उन्हें द्रमुक गठबंधन के तहत राज्यसभा के लिए अपना उम्मीदवार घोषित किया, जिसके बाद उन्होंने अपना नामांकन पत्र दाखिल कर दिया है। अब 16 मार्च को चुनाव होगा। चुनाव जीतने पर वे तिरुचिरापल्ली (त्रिची) से राज्यसभा पहुंचने वाले पहले दलित ईसाई (क्रिश्चियन दलित) नेता बन जाएंगे। कांग्रेस ने अन्य राज्यों में छत्तीसगढ़ से फूलो देवी नेताम, हरियाणा से करमवीर सिंह बौद्ध, हिमाचल प्रदेश से अनुराग शर्मा (DCC प्रेसिडेंट कांगड़ा), तेलंगाना से अभिषेक मनु सिंघवी और वेम नरेंद्र रेड्डी को उमीदवार घोषित किया है।

एक इंजीनियर और प्रबंधन स्नातक (एमबीए) की डिग्री हासिल करने वाले क्रिस्टोफर तिलक एक विनम्र मध्यवर्गीय परिवार से ताल्लुक रखते हैं। वे पहली पीढ़ी के कांग्रेस कार्यकर्ता हैं। उनके पिता मणिकम, मदुरै कामराज विश्वविद्यालय में इतिहास के प्रोफेसर थे। अपनी पढ़ाई मदुरै से पूरी करने के बाद वे कांग्रेस पार्टी से जुड़े और जमीनी स्तर पर काम करना शुरू किया। तमिलनाडु कांग्रेस कमेटी में उन्होंने एससी/एसटी विंग, युवा कांग्रेस और पार्टी प्रवक्ता के रूप में विभिन्न भूमिकाएँ निभाई हैं। एक पूर्व हॉकी खिलाड़ी रह चुके तिलक ने अल्पसंख्यकों, खासकर तटीय ईसाई मछुआरा समुदाय और दलितों के मुद्दों को उठाने में सक्रिय भूमिका निभाई है।

नामांकन पत्र भरने के बाद मीडिया से मुखातिब हुए क्रिस्टोफ़र ने कहा, " "सिर्फ़ मेरे बैकग्राउंड से ज़्यादा, मुझे लगता है कि पार्टी पिछले 18 से 20 सालों से मेरी एक्टिविटीज़ पर ठीक से नज़र रख रही है। मैं एक फुल-टाइम पार्टी वर्कर हूँ, और मैंने यूथ कांग्रेस इलेक्शन सिस्टम से शुरुआत की, और उसके बाद मैं SC डिपार्टमेंट का हिस्सा बन गया, जहाँ मैंने देश के टॉप दलित नेताओं के साथ काम किया। और फिर बाद में, मैं सेक्रेटरी बन गया। पिछले आठ सालों से मैं सेक्रेटरी हूँ। मैंने आंध्र, ओडिशा में काम किया, और अब मैं सबसे ज़रूरी राज्यों में से एक मणिपुर, नागालैंड, त्रिपुरा और सिक्किम का सेक्रेटरी इंचार्ज हूँ। मेरे सोशल बैकग्राउंड से ज़्यादा, मेरे पॉलिटिकल अनुभव और ऑर्गनाइज़ेशनल समझ को खड़गे जी, सोनिया जी और राहुल जी ने बहुत पहचाना है... मैं एक आम बैकग्राउंड से आता हूँ, इसलिए मेरा फोकस पिछड़े तबकों, खासकर महिलाओं और दलितों, माइनॉरिटीज़, और पिछड़े वर्ग के समुदायों के मुद्दों पर होगा..."।

क्रिस्टोफर तिलक को राहुल गांधी का करीबी सहयोगी माना जाता है.
क्रिस्टोफर तिलक को राहुल गांधी का करीबी सहयोगी माना जाता है.

राहुल गांधी के करीबी, उम्मीदवारी के पीछे बड़ा दांव?

सूत्रों के मुताबिक क्रिस्टोफर तिलक को राहुल गांधी का करीबी सहयोगी माना जाता है और इस उम्मीदवारी में उनकी अहम भूमिका बताई जा रही है। तिलक ने न सिर्फ तमिलनाडु बल्कि राष्ट्रीय स्तर पर भी अपनी पहचान बनाई है। पिछले आठ वर्षों से एआईसीसी सचिव के पद पर कार्यरत तिलक को पार्टी ने आंध्र प्रदेश, ओडिशा जैसे राज्यों का प्रभारी बनाया और वर्तमान में वे मणिपुर, नागालैंड, त्रिपुरा और सिक्किम के पार्टी इन-चार्ज हैं। संवेदनशील इलाकों, खासकर मणिपुर में उनके काम को कई वरिष्ठ कांग्रेस नेताओं ने सराहा है। यही वजह है कि उन्होंने पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और सोनिया गांधी का भी विश्वास जीता है।

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि क्रिस्टोफर तिलक की उम्मीदवारी कांग्रेस की एक सोची-समझी रणनीति है, जिसका मकसद ईसाई दलित समुदाय को साधना है। तमिलनाडु की आबादी में करीब 5.5 से 6.5 प्रतिशत ईसाई हैं, जिनका बड़ा जनसमूह तटीय जिलों में बसा है। विशेष रूप से कन्याकुमारी जिला चुनावी दृष्टि से काफी अहम माना जाता है। क्रिस्टोफर तिलक लंबे समय से तमिलनाडु के तटीय इलाकों, खासकर चेन्नई, कन्याकुमारी, थूथुकुडी, तिरुनेलवेली और मदुरै में मछुआरा समुदाय के मुद्दों को आवाज देते रहे हैं। अल्पसंख्यक मुद्दों पर भी वे लगातार सक्रिय रहे हैं। ऐसे में उनकी उम्मीदवारी को पार्टी के लिए इस वर्ग में पैठ बनाने की कोशिश के तौर पर देखा जा रहा है।

क्रिस्टोफ़र के चयन पर तमिलनाडु कांग्रेस के प्रेसिडेंट के. सेल्वापेरुंथगई ने कहा, "वह एक बहुत ही आम वर्कर हैं और उन्होंने आंध्र, ओडिशा, मणिपुर और नागालैंड में पार्टी के लिए काम किया है। हाई कमांड ने एक बहुत ही आम पार्टी वर्कर को चुना है"।

 क्रिस्टोफ़र ने कहा, "मेरा फोकस पिछड़े तबकों, खासकर महिलाओं और दलितों, माइनॉरिटीज़, और पिछड़े वर्ग के समुदायों के मुद्दों पर होगा।"
Karnataka: केले का लालच देकर स्टूडेंट्स से साफ करवाया टॉयलेट! ग्रामीण बोले- हमें नहीं चाहिए ऐसे शिक्षक
 क्रिस्टोफ़र ने कहा, "मेरा फोकस पिछड़े तबकों, खासकर महिलाओं और दलितों, माइनॉरिटीज़, और पिछड़े वर्ग के समुदायों के मुद्दों पर होगा।"
Bihar में रोजेदार महिला की दर्दनाक मौत! मुखिया से इंसाफ मांगने गई तो खंभे से बांधकर पीटा, पानी की बजाय पिलाया...

द मूकनायक की प्रीमियम और चुनिंदा खबरें अब द मूकनायक के न्यूज़ एप्प पर पढ़ें। Google Play Store से न्यूज़ एप्प इंस्टाल करने के लिए यहां क्लिक करें.

The Mooknayak - आवाज़ आपकी
www.themooknayak.com