
भोपाल। मध्यप्रदेश विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार शनिवार को पन्ना में केन-बेतवा लिंक परियोजना से प्रभावित आंदोलनकारियों के बीच पहुंचे। उन्होंने आंदोलनकारियों से मुलाकात कर उनकी समस्याएं सुनीं और उनकी मांगों को समर्थन देने का भरोसा दिलाया। सिंघार के आग्रह पर पिछले 27 दिनों से आमरण अनशन कर रहे अमित भटनागर ने नारियल पानी पीकर अनशन समाप्त किया। इसके बाद सिंघार प्रभावितों की ओर से निकाली गई ‘संविधान बचाओ, लोकतंत्र बचाओ’ यात्रा में शामिल हुए और कलेक्ट्रेट पहुंचकर ज्ञापन सौंपा।
उमंग सिंघार ने कहा कि केन-बेतवा लिंक परियोजना से प्रभावित आदिवासी परिवारों, किसानों और ग्रामीणों के साथ अन्याय बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। प्रभावित परिवारों को न्याय, उचित मुआवजा और सम्मानजनक पुनर्वास दिलाने के लिए कांग्रेस सड़क से लेकर विधानसभा तक संघर्ष करेगी। उन्होंने भाजपा सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि सरकार आदिवासियों, दलितों और किसानों की समस्याओं की अनदेखी कर रही है। विकास के नाम पर किसी भी परिवार को उसके अधिकारों से वंचित करना स्वीकार नहीं किया जा सकता।
42 दिनों से जारी है चिता आंदोलन
केन-बेतवा लिंक परियोजना से प्रभावित आदिवासी किसानों और ग्रामीणों का आंदोलन पिछले 42 दिनों से जारी है। अमित भटनागर के नेतृत्व में चल रहे इस आंदोलन में प्रभावित परिवार मुआवजे, पुनर्वास और अन्य मांगों को लेकर प्रदर्शन कर रहे हैं। आंदोलनकारियों ने परियोजना के कारण होने वाले विस्थापन, मुआवजे में कथित अनियमितताओं और वन अधिकार कानून के उल्लंघन जैसे मुद्दे उठाए हैं।
आंदोलनकारियों का कहना है कि प्रभावित परिवारों को उनके अधिकारों के अनुरूप मुआवजा और पुनर्वास मिलना चाहिए। उमंग सिंघार ने उनकी मांगों का समर्थन करते हुए भरोसा दिलाया कि कांग्रेस इस लड़ाई में उनके साथ खड़ी रहेगी।
मुख्यमंत्री की घोषणा के बाद भी दोबारा सर्वे नहीं हुआ: सिंघार
उमंग सिंघार ने कहा कि वह 14 जुलाई को भी आंदोलनकारियों से मिले थे और उनकी समस्याओं को विधानसभा में उठाया था। उस दौरान मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने प्रभावित परिवारों का दोबारा सर्वे कराने और मुआवजे की स्थिति की जांच करने के निर्देश दिए थे।
सिंघार ने सवाल उठाया कि मुख्यमंत्री की घोषणा के बाद अब तक क्या कार्रवाई हुई है? उन्होंने पूछा कि प्रभावित परिवारों के दोबारा सर्वे की रिपोर्ट कहां है और कितने ऐसे परिवार हैं, जिन्हें अब तक मुआवजा नहीं मिला है।
उन्होंने कहा कि सरकार को केवल घोषणाएं करने के बजाय प्रभावितों की समस्याओं का समयबद्ध समाधान करना चाहिए। मुआवजे और पुनर्वास से जुड़े मामलों में पारदर्शिता सुनिश्चित करना सरकार की जिम्मेदारी है। प्रभावित परिवारों को उनके अधिकारों के लिए लंबे समय तक इंतजार नहीं करना पड़े, इसके लिए ठोस कदम उठाए जाने चाहिए।
जेल में बंद दिव्या अहिरवार से मिले नेता प्रतिपक्ष
पन्ना दौरे के दौरान उमंग सिंघार जिला जेल भी पहुंचे। यहां उन्होंने पिछले 28 दिनों से बंद आंदोलनकारी दिव्या अहिरवार से मुलाकात की। उन्होंने आंदोलनकारियों के खिलाफ दर्ज मुकदमों को कथित रूप से फर्जी बताते हुए उन्हें वापस लेने और दिव्या अहिरवार की तत्काल रिहाई की मांग की।
सिंघार ने कहा कि अपने अधिकारों और न्याय की मांग को लेकर आवाज उठाने वाले लोगों की समस्याओं का समाधान करने के बजाय उन्हें जेल में रखना उचित नहीं है। सरकार को आंदोलनकारियों की मांगों पर गंभीरता से विचार करना चाहिए और प्रभावित आदिवासी परिवारों को न्याय दिलाने के लिए प्रभावी कदम उठाने चाहिए।
मुआवजे और पुनर्वास की मांग पर कांग्रेस का समर्थन
उमंग सिंघार ने स्पष्ट किया कि केन-बेतवा लिंक परियोजना से प्रभावित आदिवासी किसानों, ग्रामीणों और विस्थापित परिवारों के अधिकारों की लड़ाई में कांग्रेस उनके साथ है। उन्होंने कहा कि विकास परियोजनाओं के कारण प्रभावित होने वाले परिवारों को उचित मुआवजा, पुनर्वास और सम्मान मिलना चाहिए।
उन्होंने सरकार से प्रभावित परिवारों की समस्याओं का समाधान करने, मुआवजे से वंचित लोगों की स्थिति स्पष्ट करने और वन अधिकारों से जुड़े मामलों में पारदर्शिता बरतने की मांग की। सिंघार ने कहा कि जब तक प्रभावित परिवारों को न्याय और उनके अधिकार नहीं मिलते, कांग्रेस उनकी आवाज उठाती रहेगी।
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