
भोपाल। मध्य प्रदेश के झाबुआ जिले के पेटलावद स्थित एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय के छात्र-छात्राएं शनिवार सुबह प्राचार्य की शिकायत लेकर जिला मुख्यालय झाबुआ के लिए पैदल निकल पड़े। विद्यार्थियों का उद्देश्य कलेक्टर से मिलकर अपनी शिकायतें उनके सामने रखना है। सुबह करीब आठ बजे शुरू हुई इस पैदल यात्रा के दौरान कुछ दूरी तय करने के बाद एक छात्रा को चक्कर आ गए। इसके बाद उसे उपचार के लिए अस्पताल पहुंचाया गया।
इस घटना के बाद विद्यालय प्रबंधन और प्रशासन के सामने विद्यार्थियों को रोकने तथा उनकी शिकायतों को सुनने की चुनौती खड़ी हो गई। स्कूल स्टाफ के साथ एसडीएम रितिका पाटीदार, तहसीलदार यशपाल मुजाल्दे सहित अन्य अधिकारियों ने विद्यार्थियों को समझाने और उन्हें वापस विद्यालय ले जाने की कोशिश की। हालांकि, विद्यार्थी अपनी मांग पर अड़े रहे। उनका कहना है कि वे कलेक्टर से मिलकर ही अपनी बात रखेंगे।
अधिकारियों ने समझाने की कोशिश की, कलेक्टर से मिलने पर अड़े विद्यार्थी
जानकारी के अनुसार, एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय के छात्र-छात्राएं शनिवार सुबह प्राचार्य के खिलाफ शिकायत करने के लिए पैदल झाबुआ जिला मुख्यालय की ओर रवाना हुए। विद्यार्थियों के इस कदम की जानकारी मिलने के बाद विद्यालय स्टाफ और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे।
एसडीएम रितिका पाटीदार, तहसीलदार यशपाल मुजाल्दे और अन्य अधिकारियों ने विद्यार्थियों को समझाने का प्रयास किया। अधिकारियों की कोशिश थी कि छात्र-छात्राएं पैदल आगे बढ़ने के बजाय अपनी शिकायतें संबंधित अधिकारियों के सामने रखें और विद्यालय लौट जाएं।
लेकिन विद्यार्थी कलेक्टर से मिलने की मांग पर अड़े रहे। वे अपनी समस्याओं को सीधे जिला प्रशासन के सामने रखना चाहते हैं। इस दौरान आदिवासी समाज संगठन के प्रेम सिंह भूरिया और धर्मेंद्र डामोर भी विद्यार्थियों के साथ मौजूद रहे।
विद्यार्थियों के इस तरह विद्यालय से निकलने और जिला मुख्यालय तक पैदल जाने के फैसले ने आवासीय विद्यालय की व्यवस्थाओं तथा वहां के माहौल को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं।
रास्ते में छात्रा की तबीयत बिगड़ी, अस्पताल पहुंचाया
पैदल यात्रा के दौरान एक छात्रा की तबीयत बिगड़ने की घटना भी सामने आई। कुछ दूरी चलने के बाद छात्रा को चक्कर आने लगे, जिसके बाद उसे अस्पताल पहुंचाया गया।
आवासीय विद्यालय के विद्यार्थियों के इस तरह पैदल निकलने के बीच छात्रा की तबीयत बिगड़ने से स्थिति और गंभीर हो गई। हालांकि, छात्रा की स्वास्थ्य स्थिति और अस्पताल में उसके उपचार को लेकर विस्तृत जानकारी सामने नहीं आई है।
इस घटना ने विद्यार्थियों की सुरक्षा को लेकर भी चिंता बढ़ाई है। ऐसे में प्रशासन के सामने विद्यार्थियों की शिकायतों को गंभीरता से सुनने के साथ उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी भी है।
प्राचार्य का दावा- स्टाफ की साजिश है पूरा मामला
दूसरी ओर, विद्यालय के प्राचार्य प्रकाश कुमार ठाकुर ने विद्यार्थियों के इस कदम को सुनियोजित साजिश बताया है। उनका दावा है कि विद्यालय में कुछ अनियमितताओं को लेकर कार्रवाई किए जाने के बाद यह स्थिति पैदा हुई है।
प्राचार्य के मुताबिक, उन्होंने गबन से जुड़े मामले पकड़े हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि इसी वजह से उनके खिलाफ माहौल बनाया जा रहा है। उन्होंने आटे के बिल का उदाहरण देते हुए दावा किया कि पहले 300 किलो आटे का बिल बनाया जाता था, जिसे बाद में घटाकर 100 किलो कर दिया गया।
प्राचार्य के इन आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है। वहीं, विद्यार्थियों की शिकायतों और विद्यालय में कथित अनियमितताओं से जुड़े सभी तथ्यों की भी विस्तृत जानकारी सामने आना बाकी है।
ऐसे में पूरे मामले में विद्यार्थियों की शिकायतों, विद्यालय के रिकॉर्ड और प्राचार्य के दावों की निष्पक्ष जांच महत्वपूर्ण हो जाती है।
स्थिति वैसी नहीं, जैसी बताई जा रही
मामले में एक पालक ने भी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि विद्यालय की स्थिति वैसी नहीं है, जैसी बताई जा रही है। हालांकि, पालक ने किन परिस्थितियों और शिकायतों के आधार पर यह बात कही, इसकी विस्तृत जानकारी सामने नहीं आई है।
एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालयों का उद्देश्य आदिवासी विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के साथ आवासीय सुविधाएं उपलब्ध कराना है। ऐसे में यदि विद्यार्थी अपनी शिकायत लेकर विद्यालय से निकलकर जिला मुख्यालय तक जाने को मजबूर होते हैं, तो उनकी समस्याओं को गंभीरता से सुना जाना जरूरी है।
द मूकनायक की प्रीमियम और चुनिंदा खबरें अब द मूकनायक के न्यूज़ एप्प पर पढ़ें। Google Play Store से न्यूज़ एप्प इंस्टाल करने के लिए यहां क्लिक करें.
'द मूकनायक' जनवादी पत्रकारिता करता है. यह संविधान, लोकतंत्र और सामाजिक न्याय पर चलने वाला मीडिया समूह है। अगर आप भी चाहते हैं कि 'द मूकनायक' हमेशा हाशिए पर खड़े लोगों की आवाज बुलंद करता रहे, बेजुबानों की पीड़ा दिखाते रहें तो सब्सक्राइब करें।
यहां सब्सक्राइब करें