
भोपाल। मध्य प्रदेश के रीवा जिले में प्रस्तावित न्यूक्लियर पावर प्लांट के विरोध में जल सत्याग्रह कर रही आदिवासी महिला विमला कोल की गुरुवार को इलाज के दौरान मौत हो गई। वह करीब चार दिनों से ग्रामीणों के साथ आंदोलन में शामिल थीं। बुधवार रात उनकी तबीयत बिगड़ने पर परिजन उन्हें मनगवां के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र ले गए थे। हालांकि, उपचार के दौरान उनकी जान नहीं बचाई जा सकी।
विमला कोल की मौत के बाद परिवार में शोक का माहौल है। उनके पति जमुना कोल ने प्रशासन की भूमिका पर सवाल उठाते हुए कहा कि उन्होंने अपनी पत्नी को खो दिया है। वहीं, घटना के बाद प्रस्तावित परमाणु ऊर्जा परियोजना के विरोध और आंदोलनकारियों की सुरक्षा को लेकर भी सवाल उठने लगे हैं।
पत्नी की मौत से टूटे पति, बोले- मेरा सब कुछ लुट गया
विमला कोल रीवा जिले के रोझौही गांव की रहने वाली थीं। उनके पति जमुना कोल के मुताबिक, उनकी पत्नी शुरुआत से ही ग्रामीणों के साथ प्रस्तावित न्यूक्लियर पावर प्लांट का विरोध कर रही थीं। पिछले कुछ दिनों से ग्रामीण जल सत्याग्रह के जरिए अपनी मांगें उठा रहे थे।
इस आंदोलन के तहत ग्रामीण गांव के तालाब में उतरकर विरोध दर्ज करा रहे थे। विमला कोल भी इसमें शामिल थीं। बुधवार रात उनकी तबीयत बिगड़ने के बाद उन्हें अस्पताल ले जाया गया, जहां गुरुवार को इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई।
पत्नी की मौत से गहरे सदमे में आए जमुना कोल ने अंतिम संस्कार के दौरान कहा, “मेरा सब कुछ बर्बाद हो गया। क्या प्रशासन मेरी पत्नी को मुझे लौटा सकता है? क्या उसे जिंदा कर सकता है?”
उनका यह सवाल अब आंदोलन के साथ-साथ प्रशासन की जिम्मेदारी और विरोध कर रहे ग्रामीणों की सुरक्षा को लेकर भी चर्चा का विषय बन गया है।
सरई कला-रोझौही में प्रस्तावित है परमाणु ऊर्जा परियोजना
रीवा जिले के सरई कला और रोझौही क्षेत्र में प्रस्तावित परमाणु ऊर्जा परियोजना को लेकर स्थानीय ग्रामीण लगातार विरोध कर रहे हैं। ग्रामीणों को आशंका है कि परियोजना से उनकी जमीन, जलस्रोत, पर्यावरण और स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है।
ग्रामीणों का कहना है कि परियोजना से जुड़ी गतिविधियों को लेकर उनकी चिंताओं का समाधान किया जाना चाहिए। वे अपनी मांगों को लेकर विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। हालांकि, परियोजना के संभावित प्रभावों को लेकर विस्तृत आधिकारिक आकलन की जानकारी सामने आना बाकी है।
बोरिंग मशीनें पहुंचने के बाद तेज हुआ विरोध
अक्टूबर में परियोजना स्थल पर शुरुआती जांच के लिए बोरिंग मशीनें पहुंचने के बाद ग्रामीणों का विरोध तेज हो गया था। ग्रामीणों ने मौके पर पहुंचकर काम रुकवा दिया था। इसके बाद परियोजना को लेकर स्थानीय स्तर पर असंतोष बढ़ा।
जानकारी के मुताबिक, ग्राम सभा में भी परियोजना के विरोध में प्रस्ताव पारित किया गया था। ग्रामीणों ने कथित अनापत्ति प्रमाण पत्र की जांच कराने की मांग उठाई है। उनका कहना है कि परियोजना से जुड़े फैसलों में स्थानीय समुदाय की चिंताओं और सहमति के सवालों को गंभीरता से लिया जाना चाहिए।
अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों ने ग्रामीणों को समझाने की कोशिश की
आंदोलन के बीच मनगवां विधायक नरेंद्र प्रजापति, कलेक्टर नरेंद्र सूर्यवंशी, एसडीएम और गढ़ थाना प्रभारी अवनीश मिश्रा सहित अन्य अधिकारी ग्रामीणों से बातचीत करने के लिए गांव पहुंच चुके हैं।
अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों ने ग्रामीणों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन परियोजना को लेकर विरोध जारी रहा। अब विमला कोल की मौत के बाद प्रशासन की भूमिका और आंदोलन के दौरान किए गए इंतजामों पर सवाल उठ रहे हैं।
सामाजिक कार्यकर्ता ने उठाए सवाल
विमला कोल की मौत के बाद सामाजिक कार्यकर्ता शिवानंद द्विवेदी ने प्रशासन पर सवाल उठाए। उन्होंने नाराजगी जताते हुए कहा, “आखिर प्रशासन कितने लोगों की जान लेना चाहता है।”
इस घटना ने आंदोलन के दौरान ग्रामीणों की सुरक्षा और उनकी शिकायतों के समाधान को लेकर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। हालांकि, महिला की मौत के कारणों और आंदोलन के दौरान उनकी स्वास्थ्य स्थिति को लेकर विस्तृत जांच की जानकारी अभी सामने नहीं आई है।
प्रशासन का दावा- अभी जमीन आवंटित नहीं हुई
प्रशासन ने पहले स्पष्ट किया था कि टाटा पावर को परमाणु बिजलीघर के लिए जमीन आवंटित नहीं की गई है। प्रशासन के मुताबिक, शुरुआती गतिविधियों का उद्देश्य स्थल की उपयुक्तता और परियोजना की व्यवहार्यता की जांच करना था।
वहीं, कलेक्टर नरेंद्र सूर्यवंशी ने कहा कि ग्रामीणों को समझाने के लिए वह कुछ दिन पहले खुद भी मौके पर गए थे। अन्य अधिकारी और जनप्रतिनिधि भी वहां पहुंचे थे। विमला कोल की मौत के संबंध में उन्होंने कहा कि जांच के बाद ही कुछ बता पाएंगे।
मौत के कारणों की आधिकारिक पुष्टि का इंतजार
विमला कोल की मौत के सटीक चिकित्सकीय कारण और जल सत्याग्रह से उसके सीधे संबंध की आधिकारिक पुष्टि फिलहाल नहीं हुई है। इस मामले में प्रशासन की विस्तृत प्रतिक्रिया और जांच से जुड़ी जानकारी सामने आना बाकी है।
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