
उत्तर प्रदेश: बहुजन समाज पार्टी (बसपा) की राष्ट्रीय अध्यक्ष मायावती ने रविवार को मीडिया के सामने आकर अपने खराब स्वास्थ्य की सभी अफवाहों को सिरे से खारिज कर दिया। उन्होंने स्पष्ट किया कि वह पूरी तरह से फिट हैं और पार्टी के संगठनात्मक कार्यों में सक्रिय रूप से जुटी हुई हैं।
बसपा प्रमुख ने आरोप लगाया कि हाल ही में पार्टी से निष्कासित किए गए कुछ पदाधिकारी उनके बीमार होने का झूठा दुष्प्रचार कर रहे हैं। इन अफवाहों के जरिए यह भ्रम फैलाया जा रहा था कि अस्वस्थ होने के कारण ही मायावती बड़े फैसले भी सिर्फ सोशल मीडिया के माध्यम से ले रही हैं।
इस तरह की भ्रामक खबरों के फैलने का पुख्ता प्रमाण देते हुए मायावती ने अपने भतीजे आकाश आनंद की एक लेट-नाइट कॉल का भी जिक्र किया। उन्होंने बताया कि शनिवार रात करीब 10 बजे आकाश ने उनके लखनऊ स्थित कार्यालय में फोन किया था। उस वक्त वहां मौजूद पार्टी प्रभारी आलोक कुमार से आकाश ने उनकी सेहत के बारे में पूछताछ की थी। इसके जवाब में आलोक कुमार ने उन्हें साफ तौर पर बता दिया था कि वह बिल्कुल ठीक हैं और पार्टी के काम में व्यस्त हैं।
बसपा सुप्रीमो ने इस बात पर कड़ी आपत्ति जताई कि आकाश ने उनके स्वास्थ्य की जानकारी तो ली, लेकिन साथ ही यह भी कहा कि इस फोन कॉल के बारे में उन्हें (मायावती को) न बताया जाए। मायावती ने कहा कि वह आकाश की मंशा को लेकर निश्चित नहीं हैं कि यह सही थी या गलत। हालांकि, उन्होंने यह जरूर दावा किया कि आकाश अपने विवेक का इस्तेमाल नहीं कर रहे हैं और वह पूरी तरह से अपने ससुर अशोक सिद्धार्थ की सलाह पर कदम उठा रहे हैं।
गौरतलब है कि मायावती के भाई आनंद कुमार के बड़े बेटे आकाश आनंद हाल तक पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक के पद पर काबिज थे। बीते गुरुवार को ही मायावती ने उन्हें सभी जिम्मेदारियों से मुक्त कर दिया था। इसके बाद उन्हें पार्टी से भी बाहर का रास्ता दिखा दिया गया, जिसके पीछे अशोक सिद्धार्थ से उनके अत्यधिक जुड़ाव को मुख्य कारण बताया गया था। मायावती की मांग के बाद अब अशोक सिद्धार्थ ने भी राजनीति से संन्यास लेने की घोषणा कर दी है।
इस प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान मायावती ने एक बार फिर अपना कड़ा रुख दोहराते हुए स्पष्ट किया कि आकाश आनंद, उनके छोटे भाई ईशान आनंद या परिवार की आने वाली पीढ़ियां अब पार्टी में किसी भी पद पर नहीं रहेंगी। इसके साथ ही उन्होंने संगठन को मजबूत करने के लिए 3 सितंबर को लखनऊ में आयोजित हुई अखिल भारतीय बसपा बैठक में बनाए गए तीन-स्तरीय सेक्टर ढांचे से जुड़े बड़े संगठनात्मक बदलावों का भी ऐलान किया।
सेक्टर योजना की इस नई व्यवस्था के तहत उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड को पहले सेक्टर में रखा गया है, जिसकी सीधी निगरानी खुद मायावती करेंगी। वहीं, बाकी सभी राज्यों को दूसरे और तीसरे सेक्टर में बांटा गया है। इससे पहले ईशान आनंद को मुख्य केंद्रीय सेक्टर प्रभारी नियुक्त किया गया था, जिन्हें बाकी पदाधिकारी अपनी रिपोर्ट सौंपते थे।
रविवार को मायावती ने इस पद को ही खत्म करने की घोषणा कर दी। अब राष्ट्रीय उपाध्यक्ष के तौर पर आनंद कुमार इस नई भूमिका को संभालेंगे और सभी केंद्रीय सेक्टर प्रभारी हर डेढ़ महीने में उन्हें अपनी रिपोर्ट पेश करेंगे।
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