उत्तर प्रदेश: बहुजन समाज पार्टी (बसपा) के शीर्ष नेतृत्व में एक बार फिर बड़े बदलाव की सुगबुगाहट तेज हो गई है। रविवार देर रात हुई एक अहम बैठक में पार्टी प्रमुख मायावती ने अपने छोटे भतीजे ईशान आनंद को संगठन में बड़ी जिम्मेदारी सौंपने के स्पष्ट संकेत दिए हैं।
कयास लगाए जा रहे हैं कि, ईशान को जल्द ही पार्टी के संगठनात्मक ढांचे में सेक्टर-1 और सेक्टर-2 का प्रभारी नियुक्त किया जा सकता है। हालांकि, अभी तक पार्टी की तरफ से इसकी कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है।
यह महत्वपूर्ण बैठक मायावती के आवास पर आयोजित की गई थी, जिसमें राष्ट्रीय स्तर के कई पदाधिकारी शामिल हुए। पार्टी में सेक्टर-1 और सेक्टर-2 की भूमिका बेहद अहम मानी जाती है, क्योंकि इसके अंतर्गत उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड को छोड़कर देश के अन्य सभी राज्यों की इकाइयां आती हैं। उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड की कमान सीधे तौर पर बसपा प्रमुख ने अपने पास ही रखी है।
अगर ईशान को यह जिम्मेदारी मिलती है, तो यह बसपा के ढांचे में उनका पहला आधिकारिक पद होगा। 27 वर्षीय ईशान आनंद ने ब्रिटेन की यूनिवर्सिटी ऑफ वेस्टमिंस्टर से लीगल स्टडीज में स्नातक की डिग्री हासिल की है।
पार्टी के मंच पर ईशान की पहली सार्वजनिक उपस्थिति 15 जनवरी, 2025 को मायावती के जन्मदिन के मौके पर दर्ज की गई थी। इसके अगले ही दिन वह बसपा की यूपी इकाई की एक राज्य स्तरीय बैठक में भी मौजूद रहे थे।
राजनीतिक जानकारों ने ईशान की इस सक्रियता को 2027 के विधानसभा चुनावों से पहले पार्टी के संगठनात्मक कार्यों में उनकी बढ़ती भागीदारी के संकेत के रूप में देखा था। ईशान की इस संभावित ताजपोशी ने उनके बड़े भाई आकाश आनंद की स्थिति को लेकर भी राजनीतिक गलियारों में चर्चाएं तेज कर दी हैं।
आकाश आनंद को हाल ही में पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक पद से हटाकर एक आम कार्यकर्ता बना दिया गया था। हालांकि इन दोनों घटनाओं के बीच कोई सीधा संबंध नहीं बताया गया है, लेकिन विशेषज्ञ मानते हैं कि इस टाइमिंग ने पार्टी के भीतर उत्तराधिकार योजना पर बहस को हवा दे दी है।
सेक्टर प्रभारी की यह संभावित जिम्मेदारी काफी हद तक वैसी ही है, जैसी आकाश आनंद ने अपने करियर की शुरुआत में संभाली थी। गौरतलब है कि आकाश को मई 2019 में पार्टी का राष्ट्रीय समन्वयक नियुक्त किया गया था और बाद में उन्हें प्रमोट करके मुख्य राष्ट्रीय समन्वयक और राष्ट्रीय संयोजक बनाया गया था।
इससे पहले, 3 सितंबर को हुई पार्टी की अखिल भारतीय बैठक में मायावती ने स्पष्ट किया था कि उन्होंने आकाश को पार्टी में काम करने की अनुमति जरूर दी है, लेकिन फिलहाल उन्हें कोई बड़ी जिम्मेदारी देना उचित नहीं होगा। बसपा प्रमुख का कहना था कि आकाश को अभी और सीखने तथा परिपक्व होने की जरूरत है।
दिलचस्प बात यह है कि 3 सितंबर की उस बैठक में आकाश और ईशान दोनों मौजूद थे। उस बैठक के बाद से आकाश आनंद दो बार अपने सोशल मीडिया प्रोफाइल का विवरण बदल चुके हैं। पहले उन्होंने खुद को "बसपा कार्यकर्ता" लिखा और बाद में इसे बदलकर "बसपा समर्थक" कर दिया।
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