लखनऊ: बहुजन समाज पार्टी (बीएसपी) की राष्ट्रीय अध्यक्ष और उत्तर प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री मायावती ने बढ़ती महंगाई, बेरोजगारी और सरकारी उदासीनता को लेकर केंद्र व राज्य सरकार पर तीखा हमला बोला है। मंगलवार, 31 मार्च को लखनऊ स्थित बीएसपी यूपी स्टेट कार्यालय में आयोजित पार्टी पदाधिकारियों की एक अहम बैठक में उन्होंने संगठन की जमीनी मजबूती और आगामी चुनावी तैयारियों की विस्तृत समीक्षा की।
इस दौरान उन्होंने पार्टी कार्यकर्ताओं को पूरी निष्ठा और मेहनत से काम करने का निर्देश दिया और स्पष्ट किया कि लापरवाही कतई बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
बैठक को संबोधित करते हुए मायावती ने कहा कि अमेरिका-इजराइल द्वारा ईरान के विरुद्ध युद्ध के कारण उपजे वैश्विक संकट का असर देश पर पड़ रहा है। रसोई गैस, पेट्रोल और पेट्रोलियम पदार्थों के साथ-साथ सभी प्रकार की वस्तुओं की कीमतों में भारी वृद्धि हुई है।
उन्होंने इस स्थिति को गरीब और मेहनतकश समाज के लिए 'गरीबी में आटा गीला' होने जैसा बताया। बीएसपी प्रमुख ने सरकार से मांग की कि इस हाहाकार को दूर करने के लिए लगातार प्रभावी कदम उठाए जाएं, ताकि देशवासियों को नोटबंदी और कोरोना महामारी जैसे संकटों का दोबारा सामना न करना पड़े।
उत्तर प्रदेश में बेरोजगारी और रोटी-रोजी की विकट होती समस्या पर चिंता जताते हुए मायावती ने कहा कि सरकारें केवल जुमलेबाजी और खोखले वादों से लोगों की भूख-प्यास मिटाना चाहती हैं। उन्होंने 'आत्मनिर्भरता' को केवल एक लुभावना स्लोगन करार देते हुए कहा कि इसे वास्तविकता में बदलने के लिए ईमानदारी से काम करने की जरूरत है।
उन्होंने प्राइवेट सेक्टर पर अत्यधिक निर्भरता पर भी सवाल उठाए और कहा कि केवल कुछ सत्ताधारी लोगों के विकास से देश और प्रदेश का व्यापक जनहित संभव नहीं है, बल्कि सर्वजन-हितैषी, गरीब-समर्थक और रोजगार-युक्त विकास की सख्त जरूरत है।
आगामी यूपी विधानसभा चुनाव की तैयारियों के संबंध में मायावती ने सख्त निर्देश दिए कि बीएसपी में आपराधिक तत्वों को कतई प्रश्रय नहीं दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि बीएसपी की 'सर्वजन हिताय व सर्वजन सुखाय' की नीति के तहत चुनाव के लिए प्रत्याशियों को शॉर्टलिस्ट करते समय सर्वसमाज को उचित एवं समुचित प्रतिनिधित्व देने का पूरा ख्याल रखा जाए।
आगामी 14 अप्रैल को डॉ. भीमराव अंबेडकर की जयंती को लेकर भी मायावती ने पार्टी पदाधिकारियों को दिशा-निर्देश जारी किए। उन्होंने कहा कि इस बार पूरे यूपी के सभी 18 मण्डलों से पार्टी कार्यकर्ता और समर्थक अपने परिवारों के साथ लखनऊ स्थित 'डॉ. अंबेडकर स्मारक' पहुंचेंगे और डॉ. अंबेडकर को श्रद्धांजलि अर्पित करेंगे।
उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि नोएडा स्थित राष्ट्रीय दलित प्रेरणा स्थल पर मरम्मत कार्य चलने के कारण पश्चिमी यूपी के लोग भी इस बार लखनऊ आकर ही अपने श्रद्धा-सुमन अर्पित करेंगे। देश के अन्य राज्यों में यह जयंती ज़ोन स्तर पर मनाई जाएगी।
आरक्षण के मुद्दे पर केंद्र और राज्य सरकारों को घेरते हुए मायावती ने उन पर एससी, एसटी और ओबीसी समाज के संवैधानिक अधिकारों को निष्क्रिय और निष्प्रभावी बनाने का आरोप लगाया। उन्होंने इसकी तीव्र निन्दा करते हुए कहा कि बहुजन समाज की अपनी सरकार के बिना आरक्षण पर सही नीयत से अमल होना असंभव है।
इसके साथ ही उन्होंने महिला आरक्षण में कमजोर वर्गों की महिलाओं के लिए अलग से आरक्षण नहीं दिए जाने पर भी सवाल खड़े किए और केंद्र सरकार से इस पर जरूर ध्यान देने की मांग की।
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