
भोपाल। अनुसूचित जाति/जनजाति अधिकारी एवं कर्मचारी संघ (अजाक्स) का एक प्रतिनिधिमंडल सोमवार को संगठन से जुड़े विभिन्न महत्वपूर्ण मामलों और मांगों को लेकर भोपाल कमिश्नर से मुलाकात करने पहुंचा। प्रतिनिधिमंडल ने कमिश्नर के सामने संगठन के पदाधिकारियों और कर्मचारियों से जुड़े मामलों को रखते हुए निष्पक्ष कार्रवाई तथा उनके अधिकारों की रक्षा सुनिश्चित करने की मांग की। इस दौरान प्रतिनिधिमंडल ने विशेष रूप से न्यायालय के आदेश के बावजूद मुकेश मौर्य के खिलाफ कार्रवाई और गिरफ्तारी नहीं होने तथा अजाक्स के कार्यालय भवन में पदाधिकारियों एवं कर्मचारियों को प्रवेश नहीं दिए जाने का मुद्दा प्रमुखता से उठाया।
न्यायालय के आदेश के पालन को लेकर अजाक्स ने जताई गंभीर चिंता
प्रतिनिधिमंडल ने भोपाल कमिश्नर को बताया कि न्यायालय के आदेश के बावजूद मुकेश मौर्य के विरुद्ध कार्रवाई एवं गिरफ्तारी नहीं किए जाने को लेकर संगठन के भीतर गंभीर चिंता बनी हुई है। अजाक्स पदाधिकारियों ने कहा कि न्यायालय के आदेश का विधि अनुसार पालन सुनिश्चित किया जाना आवश्यक है। प्रतिनिधिमंडल ने कमिश्नर से मांग की कि पूरे मामले की जानकारी लेकर संबंधित अधिकारियों को न्यायालय के आदेश के अनुरूप आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए जाएं, ताकि मामले में कानून के मुताबिक प्रक्रिया आगे बढ़ सके।
अजाक्स प्रतिनिधिमंडल ने इस दौरान यह भी कहा कि किसी भी मामले में कार्रवाई कानून और न्यायालय के निर्देशों के अनुरूप होनी चाहिए। संगठन की ओर से कमिश्नर के समक्ष इस मामले को लेकर अपनी आपत्ति और चिंता दर्ज कराई गई तथा मांग की गई कि संबंधित प्रकरण में निष्पक्ष तरीके से कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
अजाक्स भवन में प्रवेश नहीं देने का मामला भी कमिश्नर के सामने उठा
प्रतिनिधिमंडल ने संगठन के कार्यालय भवन से जुड़े विवाद को भी गंभीरता से उठाया। पदाधिकारियों के मुताबिक, अजाक्स के अधिकारी और कर्मचारी संगठन के भवन में प्रवेश करने पहुंचे, लेकिन उन्हें प्रवेश नहीं दिया गया। प्रतिनिधिमंडल का आरोप है कि इस दौरान पुलिस द्वारा भी उन्हें रोका गया। संगठन ने इसे अपने पदाधिकारियों और कर्मचारियों के अधिकारों से जुड़ा महत्वपूर्ण मामला बताते हुए भोपाल कमिश्नर से हस्तक्षेप की मांग की।
अजाक्स पदाधिकारियों ने कहा कि संगठन के अधिकारी-कर्मचारी यदि अपने संगठन के कार्यालय भवन में जाना चाहते हैं तो उन्हें इस संबंध में अनावश्यक रूप से रोका नहीं जाना चाहिए। प्रतिनिधिमंडल ने कमिश्नर से मांग की कि मामले की वास्तविक स्थिति की जांच कराई जाए और यदि किसी अधिकारी या कर्मचारी को कार्यालय भवन में प्रवेश से रोका जा रहा है तो उसके संबंध में विधि सम्मत व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।
निष्पक्ष कार्रवाई और अधिकारों की रक्षा की मांग
अजाक्स प्रतिनिधिमंडल ने भोपाल कमिश्नर से पूरे मामले में निष्पक्षता के साथ कार्रवाई करने की मांग की। संगठन का कहना है कि न्यायालय के आदेशों का सम्मान करते हुए संबंधित मामलों में कानून के अनुसार कार्रवाई होनी चाहिए और संगठन के पदाधिकारियों तथा कर्मचारियों के अधिकारों की भी रक्षा की जानी चाहिए। प्रतिनिधिमंडल ने कमिश्नर से दोनों मुद्दों पर आवश्यक हस्तक्षेप करते हुए संबंधित अधिकारियों को उचित निर्देश देने का आग्रह किया।
प्रतिनिधिमंडल ने यह भी मांग रखी कि संगठन से जुड़े मामलों में किसी भी पक्ष के साथ भेदभाव न हो और सभी संबंधित अधिकारियों एवं कर्मचारियों को कानून के दायरे में उनके अधिकार प्राप्त हों। अजाक्स पदाधिकारियों ने कमिश्नर के समक्ष अपनी मांगें रखते हुए पूरे मामले के निष्पक्ष समाधान की अपेक्षा जताई।
ये पदाधिकारी रहे मौजूद
भोपाल कमिश्नर से मुलाकात करने वाले अजाक्स प्रतिनिधिमंडल में अजाक्स के प्रांतीय अध्यक्ष IAS संतोष वर्मा, प्रांतीय कार्यवाहक अध्यक्ष एस.एल. सूर्यवंशी, प्रांतीय महासचिव गौतम पाटिल, राजीव अग्निहोत्री, भोपाल जिला अध्यक्ष विनोद बट्टी और अशोक बेन सहित अन्य पदाधिकारी शामिल रहे।
मुलाकात के दौरान प्रतिनिधिमंडल की ओर से संगठन से जुड़े मामलों और मांगों को विस्तार से रखा गया। अजाक्स के प्रांतीय कार्यवाहक अध्यक्ष एस.एल. सूर्यवंशी ने इस पूरे मामले को लेकर संगठन का पक्ष रखा और न्यायालय के आदेश के पालन के साथ-साथ अजाक्स के पदाधिकारियों एवं कर्मचारियों को संगठन के कार्यालय भवन में प्रवेश की अनुमति दिए जाने की मांग दोहराई।
द मूकनायक की प्रीमियम और चुनिंदा खबरें अब द मूकनायक के न्यूज़ एप्प पर पढ़ें। Google Play Store से न्यूज़ एप्प इंस्टाल करने के लिए यहां क्लिक करें.
'द मूकनायक' जनवादी पत्रकारिता करता है. यह संविधान, लोकतंत्र और सामाजिक न्याय पर चलने वाला मीडिया समूह है। अगर आप भी चाहते हैं कि 'द मूकनायक' हमेशा हाशिए पर खड़े लोगों की आवाज बुलंद करता रहे, बेजुबानों की पीड़ा दिखाते रहें तो सब्सक्राइब करें।
यहां सब्सक्राइब करें