
भोपाल। मध्य प्रदेश के खरगोन जिले में भारतीय जनता पार्टी के सांसद गजेंद्र सिंह पटेल का डीजे और युवाओं को लेकर दिया गया बयान चर्चा में है। सांसद ने कहा कि डीजे पर नाचने वाले करीब 90 प्रतिशत युवा-युवतियां नशा करके नाचते हैं। उन्होंने डीजे और शराब को एक-दूसरे से जुड़ा बताते हुए कहा कि दोनों चीजों को बंद किया जाना चाहिए।
सांसद ने यह बयान 3 अक्टूबर को खरगोन जिले के कसरावद क्षेत्र के डोलानी में एक कार्यक्रम के दौरान दिया। बताया जा रहा है कि वे शिवडोला, नवरात्रि और गणेश विसर्जन के दौरान निकलने वाली झांकियों में बजने वाले डीजे और युवाओं के नाचने को लेकर अपनी बात रख रहे थे।
90 प्रतिशत युवा-युवतियां नशा करके नाचती हैं
गजेंद्र सिंह पटेल ने कहा कि आज डीजे युवाओं की मांग पर लगाए जाते हैं। उन्होंने डीजे पर कई घंटे तक नाचने वाले युवाओं के नशे में होने को लेकर सवाल उठाया।
सांसद ने कहा कि डीजे पर नाचने वाले करीब 90 प्रतिशत युवा-युवतियां नशा करके नाचती हैं। उन्होंने कहा कि युवा चार-पांच घंटे तक लगातार नाचते हैं और इस दौरान नशे में लिप्त रहते हैं। अपने बयान में उन्होंने खास तौर पर लड़कियों के चार-पांच घंटे तक नाचने का भी जिक्र किया।
डीजे और दारू दोनों चीज मिली हुई हैं
भाजपा सांसद ने डीजे और शराब के इस्तेमाल को जोड़ते हुए कहा कि ‘डीजे और दारू ये दोनों चीज मिली हुई हैं।’ उन्होंने कहा कि इन्हें बंद किया जाना चाहिए।
उन्होंने यह भी कहा कि वर्तमान समय में युवाओं की मांग पर कार्यक्रमों में डीजे लगाए जाते हैं। सांसद के मुताबिक, डीजे पर नाचने वाले युवाओं के नशा करने को उन्होंने इस पूरे चलन का एक बड़ा कारण माना।
सांसद ने लोगों से पूछा- डीजे की जरूरत है या नहीं?
कार्यक्रम के दौरान गजेंद्र सिंह पटेल ने मौजूद लोगों से डीजे को लेकर सवाल भी किया। उन्होंने लोगों से पूछा कि क्या डीजे की वास्तव में जरूरत है।
उन्होंने कहा कि किसी स्थायी जगह पर डीजे बजाया जा रहा हो और कोई कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा हो तो यह अलग बात है। लेकिन सार्वजनिक आयोजनों और रैलियों में तेज आवाज में बजने वाले डीजे का समाज पर नकारात्मक प्रभाव पड़ता है।
सांसद ने लोगों से कहा कि वे खुद विचार करें कि ऐसे डीजे की जरूरत है या नहीं।
साउंड का बहुत नेगेटिव प्रभाव जाता है
गजेंद्र सिंह पटेल ने तेज आवाज में बजने वाले डीजे के प्रभाव को लेकर भी चिंता जताई। उन्होंने कहा कि सार्वजनिक स्थानों पर बजने वाले तेज साउंड का समाज पर बहुत नकारात्मक प्रभाव पड़ता है।
उनका कहना था कि धार्मिक और सामाजिक आयोजनों में संगीत या कार्यक्रम अपनी जगह हैं, लेकिन तेज आवाज में डीजे बजाने और उसके साथ युवाओं के लंबे समय तक नाचने की प्रवृत्ति पर विचार किया जाना चाहिए।
कांग्रेस ने सांसद के बयान पर साधा निशाना
सांसद के बयान पर खरगोन कांग्रेस जिलाध्यक्ष रवि नाईक ने निशाना साधा। उन्होंने कहा कि भाजपा सांसद को संगठन में राष्ट्रीय स्तर की जिम्मेदारी मिलने के बाद उन्हें समाज को जोड़ने की भूमिका निभानी चाहिए, लेकिन वे समाज में वैमनस्य पैदा करने वाले बयान दे रहे हैं।
रवि नाईक ने आरोप लगाया कि सांसद ने युवा पीढ़ी को नशेड़ी बताकर उनका अपमान किया है। कांग्रेस जिलाध्यक्ष ने कहा कि सांसद के इस बयान का राजनीतिक और सामाजिक स्तर पर खामियाजा उन्हें भुगतना पड़ेगा।
करीब एक महीने पहले मिली राष्ट्रीय जिम्मेदारी
गजेंद्र सिंह पटेल खरगोन लोकसभा सीट से भाजपा सांसद होने के साथ-साथ पार्टी के राष्ट्रीय महामंत्री भी हैं। करीब एक महीने पहले भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन की नई टीम में उन्हें जगह मिली थी। पार्टी ने उन्हें झारखंड भाजपा का प्रदेश प्रभारी भी बनाया है।
ऐसे में राष्ट्रीय संगठन में महत्वपूर्ण जिम्मेदारी मिलने के बाद स्थानीय कार्यक्रम में दिया गया उनका यह बयान राजनीतिक रूप से भी चर्चा में आ गया है।
तीन दिन पहले ‘हम दो, हमारे पांच’ का दिया था नारा
गजेंद्र सिंह पटेल का यह बयान ऐसे समय सामने आया है जब कुछ दिन पहले ही उन्होंने हिंदू परिवारों की जनसंख्या को लेकर भी बयान दिया था।
2 अक्टूबर को एक कार्यक्रम में उन्होंने हिंदू परिवारों से कम से कम पांच बच्चे पैदा करने की अपील की थी। उन्होंने ‘हम दो, हमारे पांच’ का नारा देते हुए कहा था कि अगर जनसंख्या का संतुलन नहीं रहा तो हिंदू समाज अल्पसंख्यक हो सकता है।
सांसद ने कहा था कि देश में अगर चार बच्चे जन्म लेते हैं तो उनमें से एक हिंदू का होता है। उन्होंने दावा किया था कि आजादी के बाद से हिंदुओं की जनसंख्या बढ़ने का ग्राफ कम हुआ है।
उन्होंने इसके लिए शादी की बढ़ती उम्र और कम बच्चों की प्रवृत्ति को भी जिम्मेदार बताया था। सांसद के मुताबिक पहले युवाओं की शादी 20-22 साल की उम्र में हो जाती थी और बच्चे भी जल्दी हो जाते थे, जबकि अब युवा 30-35 या 35-37 साल की उम्र तक शादी कर रहे हैं। शादी के बाद भी कई परिवार एक ही बच्चा कर रहे हैं या बच्चे नहीं कर रहे हैं।
लगातार दो बयानों से राजनीतिक चर्चा तेज
गजेंद्र सिंह पटेल के लगातार सामने आए इन दोनों बयानों ने मध्य प्रदेश की राजनीति में बहस को तेज कर दिया है। एक ओर उन्होंने डीजे और युवाओं के नशे को लेकर सवाल उठाए हैं, वहीं दूसरी ओर हिंदू परिवारों से अधिक बच्चे पैदा करने की अपील की है।
डीजे वाले बयान में सांसद ने जहां युवाओं में बढ़ते नशे को लेकर चिंता जताई, वहीं कांग्रेस ने उनके बयान को युवा पीढ़ी का अपमान बताया है। अब देखना होगा कि भाजपा संगठन या सांसद स्वयं इस बयान को लेकर आगे कोई स्पष्टीकरण देते हैं या नहीं।
द मूकनायक की प्रीमियम और चुनिंदा खबरें अब द मूकनायक के न्यूज़ एप्प पर पढ़ें। Google Play Store से न्यूज़ एप्प इंस्टाल करने के लिए यहां क्लिक करें.
'द मूकनायक' जनवादी पत्रकारिता करता है. यह संविधान, लोकतंत्र और सामाजिक न्याय पर चलने वाला मीडिया समूह है। अगर आप भी चाहते हैं कि 'द मूकनायक' हमेशा हाशिए पर खड़े लोगों की आवाज बुलंद करता रहे, बेजुबानों की पीड़ा दिखाते रहें तो सब्सक्राइब करें।
यहां सब्सक्राइब करें