
नई दिल्ली- भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस ने सामाजिक न्याय और समावेशी प्रतिनिधित्व को मजबूत करने के लिए एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। पार्टी के महासचिव के.सी. वेणुगोपाल ने 27 जनवरी को जारी एक पत्र में घोषणा की है कि एससी (अनुसूचित जाति), ओबीसी (अन्य पिछड़ा वर्ग), अल्पसंख्यक और आदिवासी कांग्रेस विभागों के राज्य अध्यक्षों को संबंधित प्रदेश चुनाव समितियों में विशेष आमंत्रित सदस्य (स्पेशल इनवाइटि) के रूप में शामिल किया जाएगा। यह निर्णय कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे की मंजूरी से लिया गया है।
इस फैसले से SC, ST, OBC, अल्पसंख्यक और आदिवासी नेताओं की राय चुनावी रणनीति में शामिल होगी, जिससे हाशिए पर पड़े लोगों के मुद्दे प्राथमिकता पाएंगे। विविध समूहों की सलाह से फैसले अधिक समावेशी होंगे, जो वोट बैंक को बढ़ाएगा और सामाजिक एकता लाएगा।
पत्र में वेणुगोपाल ने कहा, "भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस ने हमेशा सामाजिक न्याय, समावेशी प्रतिनिधित्व और भागीदारीपूर्ण निर्णय लेने की पैरवी की है। इन फ्रंटल विभागों की सक्रिय भागीदारी प्रदेश चुनाव समितियों के स्तर पर व्यापक और सार्थक परामर्श को सक्षम बनाएगी, खासकर सामाजिक समावेशन, हाशिए पर पड़े समुदायों के प्रतिनिधित्व और विविध सामाजिक समूहों की वास्तविकताओं से जुड़े मुद्दों पर।" उन्होंने सभी प्रदेश कांग्रेस समितियों (पीसीसी) और प्रभारी महासचिवों को इस निर्णय का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने और कार्यान्वयन के लिए आवश्यक कदम उठाने का निर्देश दिया है।
इस घोषणा का कांग्रेस नेता और पूर्व विधायक राजेंद्र पाल गौतम ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर जोरदार स्वागत किया। गौतम AICC के एससी विभाग के राष्ट्रीय प्रमुख हैं, उन्होंने अपनी पोस्ट में एससी, एसटी, ओबीसी और अल्पसंख्यक कांग्रेस के सभी नेताओं को शुभकामनाएं दीं। उन्होंने लिखा, "कांग्रेस पार्टी ने एक बार फिर यह सिद्ध किया है कि वह केवल सत्ता की नहीं, बल्कि सामाजिक न्याय, समावेशी भागीदारी और संवैधानिक मूल्यों की सच्ची प्रतिनिधि पार्टी है।"
गौतम ने इस निर्णय को 'वंचित और शोषित समाज की आवाज को निर्णायक मंच तक पहुंचाने वाला ऐतिहासिक कदम' करार दिया। उन्होंने कहा, "प्रदेश चुनाव समितियों में एससी, ओबीसी, अल्पसंख्यक एवं आदिवासी विभागों के प्रदेश अध्यक्षों को स्पेशल इनवाइटि के रूप में शामिल करने का निर्णय ऐतिहासिक और दूरदर्शी है।" इसके लिए उन्होंने कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी और महासचिव के.सी. वेणुगोपाल को हृदय से धन्यवाद दिया।
कांग्रेस के इस कदम को पार्टी के भीतर सामाजिक न्याय की दिशा में एक मजबूत संदेश के रूप में देखा जा रहा है, जो आगामी चुनावी रणनीतियों को अधिक समावेशी बनाने में सहायक सिद्ध होगा। विशेषज्ञों का मानना है कि यह निर्णय हाशिए पर पड़े समुदायों की भागीदारी बढ़ाकर पार्टी की जमीनी पकड़ को और मजबूत करेगा।
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